हमारे दिलों में जयजयकार बनके

16 अगस्त 2018   |  आयेशा मेहता   (94 बार पढ़ा जा चुका है)

हमारे दिलों में जयजयकार बनके  - शब्द (shabd.in)

क्या लिखूँ उनके लिए ?

जो करोड़ो दिलों पर राज किए ा

कौन नहीं है आपके कायल ?

सम्पूर्ण राष्ट्र को आप गौरवान्वित किये ा

मिट गया है शरीर आपका ,

पर हमेशा जीवित रहेंगे ,

हमारे दिलों में जयजयकार बनके ा

अगला लेख: सूरज की अपार ज्योति हूँ !



रेणु
17 अगस्त 2018

प्रिय आयशा-- आपने थोड़े शब्दों में बहुत ही भावभीनी श्रद्धांजलि दी है सर्वप्रिय दिवंगत अटल जी को ------------

मंजु तंवर
17 अगस्त 2018

बहुत अच्छा लिखा हैं

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
03 अगस्त 2018
Book - Ibadat Ishq ki (Poetry Collection)Poet - Vikas Durga MahtoMy role - EditorPublisher: Sooraj Pocket Books; First edition (31 July 2018)Language: HindiISBN-10: 9388094018ISBN-13: 978-9388094016इस दौर में लोगों को काव्य से बांधना मुश्किल होता जा रहा है। बचपन से उँगलियों पर रखे मनोरंजन के हर साधन
03 अगस्त 2018
22 अगस्त 2018
जो टूट गया मेरे अंदर , कागजों पर बिखर गया ,जिसे लब्ज कह न सका ,वो कलम कह गया ा एहसास है ,जिसकी कोई आस नहीं ,उलझा हुआ है दिल में ,होठों पर उसका नाम नहीं ,वो ज़िन्दगी के रंगों में नहीं ,आंसुओं में घुल गया ,जो दिल में न जुड़ सका ,शब्दों में ढल गया ा न तो जूनून
22 अगस्त 2018
29 अगस्त 2018
वो हसते रहे मैं रोता रहा प्यार मे उनका जुल्म बढ़ता रहा नफरत कि धुप से जला ये दिल उनकी जुल्फों का साया ढूंढता रहा इतना तन्हा हु मै आजकल खाली वक़्त में उनको याद करता रहा
29 अगस्त 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x