हमारे दिलों में जयजयकार बनके

16 अगस्त 2018   |  आयेशा मेहता   (81 बार पढ़ा जा चुका है)

हमारे दिलों में जयजयकार बनके  - शब्द (shabd.in)

क्या लिखूँ उनके लिए ?

जो करोड़ो दिलों पर राज किए ा

कौन नहीं है आपके कायल ?

सम्पूर्ण राष्ट्र को आप गौरवान्वित किये ा

मिट गया है शरीर आपका ,

पर हमेशा जीवित रहेंगे ,

हमारे दिलों में जयजयकार बनके ा

अगला लेख: सूरज की अपार ज्योति हूँ !



रेणु
17 अगस्त 2018

प्रिय आयशा-- आपने थोड़े शब्दों में बहुत ही भावभीनी श्रद्धांजलि दी है सर्वप्रिय दिवंगत अटल जी को ------------

मंजु तंवर
17 अगस्त 2018

बहुत अच्छा लिखा हैं

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
02 अगस्त 2018
मोक्ष / नाश है अहं का...अहं क्या है ?मनुष्य के सुखी होने की अनुभूति ?या फिर दर्द का अहसास ?किसी का अपना होने की राहत ?या फिर पराया होने का दर्द ? लेकिन दुःख में भी तो है कष्ट का आनन्द...अपनेपन से ही तो उपजता है परायापन क्योंकि एक ही भाव के दो अनुभाव हैं दोनोंउसी तरह जैसे
02 अगस्त 2018
22 अगस्त 2018
जो टूट गया मेरे अंदर , कागजों पर बिखर गया ,जिसे लब्ज कह न सका ,वो कलम कह गया ा एहसास है ,जिसकी कोई आस नहीं ,उलझा हुआ है दिल में ,होठों पर उसका नाम नहीं ,वो ज़िन्दगी के रंगों में नहीं ,आंसुओं में घुल गया ,जो दिल में न जुड़ सका ,शब्दों में ढल गया ा न तो जूनून
22 अगस्त 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x