द कल्चरल कैपिटल ऑफ़ इंडिया – कोलकाता

18 अगस्त 2018   |  प्रियंका   (125 बार पढ़ा जा चुका है)

द कल्चरल कैपिटल ऑफ़ इंडिया – कोलकाता

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता, जिसे सिटी ऑफ़ जॉय के रूप में जाना जाता है , भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर तथा पाँचवाँ सबसे बड़ा बन्दरगाह है | आबादी के हिसाब से कोलकाता भारत का तीसरा सबसे बड़ा शहर है | कोलकाता शहर हुबली नदी के बायें किनारे पर स्थित है |

ब्रिटिश शासन के दौरान जब कोलकाता एकीकृत भारत की राजधानी थी, ब्रिटिश शासन के दौरान कोलकाता को लंदन के बाद ब्रिटिश साम्राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर माना जाता था |

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1985 में डोमिनिक लापियर द्वारा लिखी एक किताब से पूरी दुनिया को पता चला था की कलकत्ता सिटी ऑफ़ जॉय है | पर यहाँ रहने वाले लोगों के लिए कोलकाता हमेशा से ही सिटी ऑफ़ जॉय रहा है | कला, संस्कृति और इतिहास के नीव पर बने इस शहर के हर गली, हर मोड़ पर एक अपनापन | मेट्रो सिटी होते हुए भी कोलकाता ने अपने सांस्कृतिक विरासत को संजोये रखा है |

जनवरी, 2001 को आधिकारिक रूप से इस शहर का नाम कोलकाता रखा गया। इसका पूर्व नाम अंग्रेजी में "कैलकटा' था लेकिन बांग्ला भाषी इसे सदा कोलकाता या कोलिकाता के नाम से ही जानते है , एवं हिन्दी भाषी समुदाय में यह कलकत्ता के नाम से जाना जाता रहा है।

कला और संस्कृति

कोलकाता सदियों से ही कला और संस्कृति का दिल रहा है | कोलकाता को कल्चरल कैपिटल ऑफ़ इंडिया भी बोला जाता है | कोलकाता ने रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान लेखक एवं कवि को जन्म दिया है | कोलकाता डांस और म्यूजिक का भी केंद्र है | आज भी भारत से कई बड़े-बड़े डांसर्स और म्यूजिशियन कोलकाता से ही आते है |


दुर्गा पूजा का नाम आते ही सबसे पहले दिलों-दिमाग में बंगाल का ख्याल आता है। दुर्गा पूजा बंगालियों का सर्वश्रेष्ठ त्योहार है | इन दिनों महानगरी कोलकाता दुल्हन की तरह तैयार होती है। देश विदेश से लोग पूजा के समय कोलकाता आते हैं।


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कोलकाता दूसरे मेट्रो शहरों की तरह बिलकुल भी नहीं है | यहाँ के लोगों के लिए पैसे से ज्यादा ज़िंदगी जीना, और जिंदगी में खुश रहना ज्यादा महत्वपूर्ण है |


कोलकाता को पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है | कोलकाता कवि और साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता रविन्द्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद, स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, जगदीश चन्द्र बोस और महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चन्द्र बोस की जन्मभूमि है |

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भारत के ज्यादातर नोबेल पुरस्कार विजेता या तो कलकत्ता से है या कलकत्ता उनकी कर्म भूमि रही मसलन विश्व कवि रविंद्रनाथ, सी.वि.रमन, मदर टेरेसा और अमर्त्य सेन | यहाँ तक की भारत के एकमात्र ऑस्कर विजेता फिल्म निर्देशक सत्यजीत रे की जननी भी कलकत्ता शहर रही है |

कोलकाता भारत का पहला ऐसा राज्य है जहाँ मेट्रो रेल सेवा का प्रारंभ हुआ | 1984 में आरंभ हुई यह भारत की प्रथम भूमिगत एवं मेट्रो प्रणाली थी | इसके बाद 18 वर्ष बाद दिल्ली मेट्रो 2002 में आरंभ हुई थी |

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फिल्म हावड़ा ब्रिज (1958) का एक गीत जो बेहद लोकप्रिय हुआ था जिसे मोहम्मद रफी ने गाया था-

'चौरंगी के चौक में देखो मतवाले बंगाली

रसगुल्ले सी मीठी बातें इनकी शान निराली,

कहीं मुखर्जी कहीं बनर्जी कहीं घोष कहीं दत्ता है,

सुनो जी ये कलकत्ता है॰

ईंट की दुक्की पान का इक्का, कहीं जोकर कहीं सत्ता है,

सुनो जी ये कलकत्ता है॰'

यह गीत कोलकाता शहर का सुन्दर चित्र हमारे सामने प्रस्तुत करता है |

कोलकाता के बारे में एक बहुत प्रसिद्ध कहावत भी प्रचलित है, “आप कोलकाता से बहार निकल सकते है, कोलकाता आपसे बहार नहीं निकल सकता |


विक्टोरिया मेमोरियल


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सन् 1901 में लॉर्ड कर्जन द्वारा बनवाया गया विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता की शान है | यह पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है | विक्टोरिया मेमोरियल का निर्माण कार्य 1901 में शुरू हुआ था | ब्रिटिश शासनकाल की भारत में इस अमूल्य धरोहर का उदघाटन प्रिंस अॉफ वेल्स ने किया था। यह इमारत सफेद संगमरमर से तैयार किया गया है। विक्टोरिया मेमोरियल में महारानी विक्टोरिया से संबंधित लगभग 3500 वस्तुएँ सैलानियों के दर्शन हेतु संग्रह करके रखी गई है।


हावड़ा ब्रिज

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हुबली नदी पर निर्मित हावड़ा ब्रिज, हावडा और कोलकाता को जोड़ता है | हावड़ा पुल या रवींद्र सेतु एक ऐतिहासिक पुल है जो साल जिसका निर्माण वर्ष 1936 में प्रारम्भ हुआ था और 1942 में ये पूरा हो गया | इसे जनता के लिए 3 फ़रवरी 1943 को खोल दिया गया था | 1500 फुट लंबा और 71 फुट चौड़ा यह पुल 2018 में अपने 75 साल पूरे कर चुका है | पूर्ण रूप से लोहे से निर्मित इस पुल में 2590 टन लोहे का प्रयोग किया गया है | इस पुल से रोज़ाना लगभग सवा लाख वाहन और पांच लाख से ज्यादा पैदल यात्री गुजरते हैं |


दक्षिणेश्वर काली मंदिर

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दक्षिणेश्वर काली मंदिर हिनंदूओ का प्रमुख तीर्थ है। इस मंदिर का निर्माण सन् 1847 में रानी रशोमनि ने कराया था। कहते है प्रसिद्ध संत रामतीर्थ को दिव्य ज्ञान की प्राप्ति इसी मंदिर में हुई थी।


कोलकाता से जुड़े कुछ रोचक तथ्य –

- क्षेत्रफल के मामले में कोलकाता भारत का दूसरा सबसे बड़ा शहर है |

- आबादी के हिसाब से कोलकाता भारत में तीसरे स्थान पर है |

- कोलकाता स्थित नेशनल लाइब्रेरी देश की सबसे बड़ी पब्लिक लाइब्रेरी है |

- कोलकाता स्टॉक एक्स्चेंज भारत का दूसरा सबसे बड़ा स्टॉक एक्स्चेंज है |

- कोलकाता का पुस्तक मेला दुनिया का सबसे बड़ा गैर-व्यापारीक पुस्तक मेला है।

- भारत में कोलकाता एकमात्र ऐसा शहर है जहाँ हाथ से खींचने वाली रिक्शा है |

- कलकत्ता के अलावा भारत में आपको कहीं और ट्राम चलता हुआ नहीं दिखेगा |

- कोलकाता स्थित खिडरपुर पोर्ट भारत का सबसे पुराना बंदरगाह है और देश में एकमात्र नदी बंदरगाह है।

- कोलकाता में बिड़ला प्लेनेटरीयम एशिया का सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा तारामंडल है |


Image Source : Google

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