आज का शब्द (27)

18 मई 2015   |  शब्दनगरी संगठन   (238 बार पढ़ा जा चुका है)

आज का शब्द (27)

निर्वाण :

१- मोक्ष


२- कैवल्य


३- तथागति


४- अमृतत्व


५- परमपद


प्रयोग : बुद्ध का जीवन हज़ार धाराओं में होकर बहता है। जन्म से लेकर निर्वाण तक उनके जीवन की प्रधान घटनाएँ अजंता की दीवारों पर कुछ ऐसे लिख दी गई हैं कि आँखें अटक जाती हैं, हटने का नाम नहीं लेतीं।

अगला लेख: सम्मान अमर वाणी-2015



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
08 मई 2015
उत्कर्ष : १- प्रकर्ष २- प्रकर्षण ३- उत्कर्षण भाव, मूल्य, महत्व आदि की सबसे बढ़ी हुई अवस्था प्रयोग : सेठ करोड़ीमल का व्यापार इन दिनों सफलता के उत्कर्ष पर है I
08 मई 2015
11 मई 2015
नज़्म... अटकी हुई है देर से, ज़ेहन के गोशों में कहीं। मुंह लटकाए पड़ी है कब से, खामोखयाली की मटमैली चादर ओढ़े। करेले सा ... कडुआपन हलक को चीरे जाता है जैसे; एक बच्चे ने आइसक्रीम खाते-खाते बहा रखी है कुहनियों तक, थोड़ी सी मैं भी चख लूँ फिर लिखता हूँ। नज़्म अटकी हुई है देर से......!
11 मई 2015
11 मई 2015
विज्ञ : १- प्रबुद्ध, २- कोविद, विद्वत् , ३- वेत्ता, बुद्ध, भिज्ञ, ४- अभिजात, विज्ञ, अभिज्ञ, ५- सुप्रकेत, युक्तार्थ, विशारद, प्रयोग : पं० महामना मदनमोहन मालवीय अत्यंत विज्ञ पुरुष थे I
11 मई 2015
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x