बिहार में लगेगा साहित्य का कुंभ, राजनगर में होगा मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल

07 सितम्बर 2018   |  प्राची सिंह   (97 बार पढ़ा जा चुका है)

बिहार में लगेगा साहित्य का कुंभ, राजनगर में होगा मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल

बिहार का मिथिला क्षेत्र अपनी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक आचार-विचार और प्राचीन धरोहरों के लिए जाना जाता है. वहीं, साहित्यिक रूप से भी मिथिला का इतिहास समृद्ध रहा है. साहित्य और संस्कृति हमारी वैभवशाली परंपरा को प्रकट करने के माध्यम हैं. इसी परंपरा को मिथिला क्षेत्र में फिर से जीवंत बनाने की पहल हो रही है, मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल (Madhubani Literature Festival) के रूप में. साल के आखिरी महीने में तीन दिवसीय साहित्यिक कुंभ का आयोजन मधुबनी के राजनगर में होने वाला है. राजनगर, दरभंगा रियासत की पुरानी राजधानी रही है. दरभंगा महाराज के पुराने महलों के भग्नावशेष यहां की ऐतिहासिक समृद्धि का आज भी बखान करते नजर आते हैं. लेकिन सरकार की अनदेखी से यह महल आज खंडहर हो चले हैं. इसी राजनगर में 19 से 21 दिसंबर तक मधुबनी लिटरेचल फेस्टिवल का आयोजन किया जाने वाला है. कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ीं प्रो. सविता झा खान कहती हैं कि इस कार्यक्रम के जरिए हम मिथिला के सांस्कृतिक पहलुओं और प्राचीन धरोहर से देश-दुनिया को अवगत कराना चाहते हैं. मिथिला साहित्य, कला, लोक परंपरा, पाक प्रणाली, जीवनशैली के साथ-साथ न्याय और दर्शन की भूमि रही है. मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल मिथिला की इन्हीं विशेषताओं पर प्रकाश डालने की एक पहल है.

अपनी संस्कृति को जानने की कोशिश
मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य मिथिला की समृद्ध संस्कृति एवं लोक परंपरा से दुनिया को अवगत कराना है. फेस्टिवल की आयोजक प्रो. सविता झा खान ने बातचीत में बताया, ‘मिथिला की संस्कृति प्राचीन काल से ही विशिष्ट रही है. यहां की जीवनशैली, परंपराएं, त्योहार, समारोह सभी अपने आप में विशिष्ट महत्व लिए हुए होते हैं. लेकिन इन विशिष्टताओं की हमेशा से अनदेखी की गई. यही वजह है कि सिवाए मिथिला पेंटिंग या मधुबनी पेंटिंग को छोड़, मिथिला की अन्य विशिष्टताओं को भुला दिया गया. यहां के धरोहर, खंडहरों में बदल गए.’ मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल के राजनगर में आयोजन की वजह की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, ‘मधुबनी का नाम तो देश-दुनिया के लोग पहले से ही मधुबनी पेंटिंग या मिथिला पेंटिंग के कारण जानते हैं. लेकिन जिला मुख्यालय के करीब स्थित राजनगर, जो कभी एक रियासत की राजधानी रह चुका है, उसके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है.’


प्रो. खान ने मिथिला में पर्यटन उद्योग के विकास की संभावनाओं की ओर ध्यान दिलाते हुए बताया, ‘राजनगर में स्थित नौलखा महल बिहार के महत्वपूर्ण धरोहरों में से एक है. इसे इसके मूल स्वरूप में बचाया जाता तो मिथिला में भी पर्यटन उद्योग पनपता. जिस तरह राजस्थान में वहां के महलों और स्थानों की देखरेख की गई, अगर राजनगर के नौलखा महल की भी देखरेख की जाती तो आज पर्यटन उद्योग के जरिए सैकड़ों-हजारों लोगों को रोजगार मिलने के साथ-साथ मिथिला का नाम भी दुनिया के पर्यटन नक्शे पर होता. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल मिथिला के ऐसे ही धरोहरों को बचाने और इस क्षेत्र के विकास के लिए कदम बढ़ाने की कवायद है.’


Rajnagar

राजनैतिक नहीं, समाज का फेस्टिवल
मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल के आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम न तो राजनीतिक है और न ही सरकार की मदद लेकर किया जा रहा है. कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ी प्रो. खान कहती हैं, ‘मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल मिथिला के धरोहर, उसकी संस्कृति और परंपरा को बचाने की दिशा में एक पहल है. बिना जनसहभागिता के यह काम पूरा नहीं हो सकता. इसलिए फेस्टिवल में साहित्य, संस्कृति और कला जैसे विषयों से जुड़े विशेषज्ञों, वक्ताओं और विचारकों को आमंत्रित किया जाएगा. यह कार्यक्रम मिथिला क्षेत्र के धरोहरों के प्रति सरकार की लगातार अनदेखी का एक प्रतीक बने, इसके मद्देनजर ही इस कार्यक्रम में न तो किसी राजनेता को बुलाया जाएगा और न ही सरकार के किसी मंत्री या विधायक-सांसद को. हां, प्रशासन और सरकार से जुड़े लोगों को एक पैनल-कार्यक्रम के लिए जरूर बुलाने की कोशिश रहेगी, जहां वे मिथिला की जनता के सवालों का जवाब देंगे कि आखिर क्यों इतने दिनों तक मिथिला की अनदेखी की गई.’ उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम से दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू और देश के तमाम विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों को जोड़ा जा रहा है, ताकि उनके माध्यम से मिथिला की लोक संस्कृति का प्रचार-प्रसार हो सके. प्रो. खान ने कहा कि इस कार्यक्रम में इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स (IGNCA) से भी सहयोग लेने को लेकर बात चल रही है.


सिर्फ साहित्य नहीं, खान-पान और रहन-सहन पर भी ध्यान
मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल, नाम से तो साहित्यिक समारोह की तरह लगता है, लेकिन यह कार्यक्रम मिथिला की अनोखी विरासत और परंपरा की झलक भी अपने भीतर समेटे हुए है. प्रो. खान कहती हैं कि फेस्टिवल में सिर्फ साहित्य की ही चर्चा नहीं होगी, बल्कि कार्यक्रम में आने वाले लोगों का परिचय मिथिला के उद्योग (चूड़ी-लहठी), हैंडीक्राफ्ट आदि से भी कराया जाएगा. सम्मेलन में आने वालों को मिथिला की अनोखी जीवनशैली और खान-पान की समृद्ध विरासत से रूबरू होने का मौका मिलेगा. उन्होंने कहा, ‘मिथिला में सिर्फ मधुबनी पेंटिंग ही एकमात्र लोक कला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र लोक कलाओं और कलाकारों से भरा हुआ है. शास्त्रीय संगीत में दरभंगा का अमता घराना (ध्रुपद गायन) दुनियाभर में प्रसिद्ध है. यहां के चूड़ी-लहठी उद्योग, मखाना उद्योग, सीकी कला से भी सब वाकिफ हैं. इन्हें संरक्षण देने और प्रचार-प्रसार की जरूरत है. सम्मेलन में आने वालों को एक जगह पर ये सारी विशेषताएं देखने को मिलेंगी.’ प्रो. खान ने बताया कि मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल में कई भाषाओं के विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा, लेकिन प्रमुखता मैथिली को दी जाएगी. इस सम्मेलन में तीन भाषाओं- मैथिली, हिन्दी और अंग्रेजी के विद्वान आएंगे.

बिहार में लगेगा साहित्य का कुंभ, राजनगर में होगा मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल -

http://www.india.com/hindi-news/special-hindi/madhubani-literature-festival-will-organise-in-rajnagar/

बिहार में लगेगा साहित्य का कुंभ, राजनगर में होगा मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल

अगला लेख: सहारा इंडिया ने बिहार को दिया बड़ा झटका, कहा – आपका जमा पैसा अभी नहीं लौटा सकते



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
07 सितम्बर 2018
भारतीय दंड संहिता का सेक्शन 377, जिसके अंतर्गत आपसी सहमति से बने समलैंगिक संबंध आपराधिक थे, अब आपराधिक नहीं रहेंगे. 6 सिंतबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के जीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा ने ऐतिहासिक फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि Homosexuality या समलैंगिकता अपराध नहीं है.दीपक मिश्रा के शब्द
07 सितम्बर 2018
17 सितम्बर 2018
बिहार से पास इंजीनियर डॉक्टरों के लिए खुशखबरी है। बताया जा रहा है कि बिहार सरकार इन युवकों को बिना EXAM लिए नौकरी देगी। अंकों के आधार पर चयन कर युवकों को बहाल किया जाएगा।ताजा अपडेट के अनुसारउप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों से
17 सितम्बर 2018
05 सितम्बर 2018
रितिक रोशन अपनी छवि के विपरीत का किरदार 'सुपर 30' नामक फिल्म में निभा रहे हैं। इसमें वे एक शिक्षक की भूमिका में हैं। यह आनंद कुमार की बायोपिक है जो शिक्षक और छात्रों के संबंध पर आधारित है। 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस है और इससे बेहतर दिन फर्स्ट लुक जारी करने के
05 सितम्बर 2018
16 सितम्बर 2018
हिलसा (नालंदा): जिले में आरजेडी विधायक शक्ति सिंह यादव के पिता के श्राद्घ का कार्यक्रम था. इस कार्यक्रम में ‘फेविकॉल’ जैसे गाने पर ठुमके लग रहे थे. वीडियो में लोग मस्ती के साथ झूम और गा रहें हैं. जी हां! चौंकिए नहीं. ठुमका लगाने का ये वायरल वीडियो आरजेडी विधायक शक्ति यादव
16 सितम्बर 2018
29 अगस्त 2018
नमस्कार दोस्तों, दुनिया के सात अजूबो के नाम सुनते ही, लोगो के दिमाग में ताजमहल का चित्र उभर आता है, इसे शाहजहाँ ने अपनी बेग़म साहिबा मुमताज की याद में बनाया था.दोस्तों आज हम इस न्यूज़ में आप लोगो को ताजमहल के विषय में कुछ ऐसी बाते बताने वाले है जिनके विषय में शायद ही आपने
29 अगस्त 2018
29 अगस्त 2018
इंसान अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे और खुशनुमा पलों की लिस्ट बनाए तो पहले नंबर पर उसके स्कूल डेज होंगे। जब कंधे पर सिर्फ किताबों का बस्ता होता था, न इश्क का रिस्क और न ही जिम्मेदारियों की चिंता। खुश होते थे तो जी भर के हंस लिया करते थे और दिल रूठ जाता था तो आंखों से उसे बाहर
29 अगस्त 2018
03 सितम्बर 2018
Oskar Schlemmer (4 September 1888 – 13 April 1943) was a German painter, sculptor, designer and choreographer associated with the Bauhaus school. Google praises the 130th birth commemoration of German painter, stone carver, creator and choreographer Oskar Schlemmer. He was related with the Bauhaus s
03 सितम्बर 2018
23 अगस्त 2018
मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित 16 राज्यों के कुछ इलाकों में गुरुवार और शुक्रवार को तेज बारिश की चेतावनी जारी की है. विभाग द्वारा 26 अगस्त तक के लिए जारी बारिश संबंधी पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प
23 अगस्त 2018
04 सितम्बर 2018
हालिया चार दिवसीय यूरोपीय प्रवास के दौरान राहुल गांधी जब ब्रिटेन के दौरे पर थे तो आयोजकों की तरफ से चंदा एकत्र करने के लिहाज से अमेरिकी तौर-तरीकों को अपनाने का मामला सामने आया है. जी न्‍यूज के अंग्रेजी अखबार DNA की रिपोर्ट के मुताबिक बड़े उद्योगपतियों और पत्रकारों के साथ
04 सितम्बर 2018
04 सितम्बर 2018
अगर आप भी जियो (Jio) का नंबर यूज करते हैं तो करोड़पति बन सकते हैं. इतना ही नहीं आप घर बैठे जियो नंबर की मदद से लाखों का इनाम भी जीत सकते हैं. दरअसल सोनी पर कौन बनेगा करोड़पति का दसवां सीजन (KBC 10) सोमवार को शुरू हो चुका है. केबीसी के दसवें सीजन में जियो यूजर्स के लिए इना
04 सितम्बर 2018
27 अगस्त 2018
सहारा इंडिया ने बिहार के लाखों निवेशकों को बहुत बड़ा झटका दिया है . बाजाप्‍ता अखबार में विज्ञापन छपवाकर कह दिया है कि निवेशकों का जमा पैसा अभी नहीं लौटा सकते . इंतजार करना होगा, लेकिन कितना, यह नहीं बताया गया है . सहारा इंडिया ने ऐसा कर बिहार के उप मुख्‍य मंत्री सुशील कुम
27 अगस्त 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
शि
10 सितम्बर 2018
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x