शाह का एक ‘कॉल’ पड़ा राहुल गांधी पर भारी, इस तरह कांग्रेस के ‘भारत बंद’ में हो गया बड़ा खेल

10 सितम्बर 2018   |  रेखा यादव   (188 बार पढ़ा जा चुका है)

शाह का एक ‘कॉल’ पड़ा राहुल गांधी पर भारी, इस तरह कांग्रेस के ‘भारत बंद’ में हो गया बड़ा खेल

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर विपक्ष लामबंद हो रहा है । प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने 10 सितंबर को भारत बंद का आह्वाहन किया है जिसका असर दिखना शुरू हो गया है । देश भर के बाजारों में बंद का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है । कांग्रेस के भारत बंद में कई दूसरी राजनीतिक पार्टियां भी साथ दे रही हैं । लेकिन कई दल ऐसे भी रहे जो आखिरी समय में साथ छोड़ गए । ऐन वक्‍त में बंद से खुद को अलग करने वाली पार्टियों में शिवसेना भी एक है ।


शिवसेना ने किया बंद में शामिल होने से इनकार
महाराष्ट्र में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाली पार्टी शिवसेना ने आखिरी समय में कांग्रेस के भारत बंद से खुद को अलग कर लिया है । शिवसेना ने आखिरी समय में गठबंधन की गरिमा का हवाला देते हुए बंद से खुद को अलग बताया । हालांकि शिवसेना लगातार इस मुद्दे पर सहयोगी दल बीजेपी को घेरे हुई थी । ऐन टाइम पर शिवसेना के बंद से पैर पीछे खींचने का कारण एक अहम कॉल बताया जा रहा है ।


शाह के कॉल ने किया खेल
बताया जा रहा है कि पार्टी को आखिरी समय पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष अमति शाह की ओर से कॉल आया था । जिसके बाद ही शिवसेना ने भारत बंद में शामिल होने से इनकार कर दिया । एक अखबार के अनुसार अमित शाह और उनके बाद मुख्‍यमंत्री देवेन्‍द्र फडणवीस ने भी कॉल की थी । पार्टी के एक नेता के मुताबिक – अब हमने खुले रूप से बंद को समर्थन न देने का निर्णय लिया है । हम खुद से ही पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं ।

कांग्रेस ने शिवसेना का किया था आह्वाहन
महाराष्‍ट्र कांग्रेस अध्‍यक्ष अशोक चवहाण ने इससे पहले एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर जानकारी दी थी कि भारत बंद में कांग्रेस ने शिवसेना से शामिल होने का आह्वाहन किया है । उन्‍होने कहा कि उन्‍हें उम्‍मीद है शिवसेना इसमें उनका समर्थन देगी क्‍योंकि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने मुश्किल बढ़ाई हुई । अब समय आ गया है कि इसके विरोध में खुलकर सामने आया जाए । चव्‍हाण ने कहा था कि उन्‍होने व्‍यकितगत तौर पर इसके लिए शिवसेना के प्रवक्‍ता और राज्‍यसभा सांसद संजय राउत से इस बारे में बात की है ।

संजय राउत का बयान
कांग्रेस के आग्रह का जवाब देते हुए संजय राउत ने भी कहा कि शिवसेना भारत बंद में भाग नहीं ले रही है । बताया जा रहा है कि शिवसेना ने इसके पीछे गठबंधन की गरिमा का हवाला दिया है । आपको बता दें शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र दोनों ही सरकारों में सहयोगी दल के तौर पर शामिल हैं । ऐसे में विपक्षी दलों के साथ मिलकर बंद का समर्थन सही नहीं माना जा सकता । हालांकि शिवसेना अपने स्‍तर पर बढ़ी कीमतों का लगातार विरोध कर रही है और बीजेपी की नीतियों पर भी सवाल उठा रही है ।

बंद में शामिल प्रमुख दल
कांग्रेस के अनुसार इस बंद के जरिए मोदी सरकार को जगाने की कोशिश की जा रही है । आम जनता महंगाई से त्रस्‍त है और सरकार आंख बंद किए बैठी है । कांग्रेस के अनुसार उन्‍हें कुछ 21 राजनीतिक दलों का साथ इस बंद के लिए मिला है । जिसमें राष्ट्रीय जनता दल, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, डीएमके, जनता दल सेक्युलर, राष्ट्रीय लोकदल, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, एमएनएस और कई अन्य दल शामिल हैं ।

शाह का एक ‘कॉल’ पड़ा राहुल गांधी पर भारी, इस तरह कांग्रेस के ‘भारत बंद’ में हो गया बड़ा खेल

https://indiabeyondnews.com/viral/amit-shahs-one-call-spoils-rahul-gandhis-bharat-band-0918/

अगला लेख: क्यों मंगलवार ,गुरुवार, शनिवार को ,नाख़ून तथा बालों को नहीं काटना चाहिए जानिये वैज्ञानिक कारण



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
01 सितम्बर 2018
बीजेपी के लिए बिहार में मुश्किल बढ़ती जा रही है. SC/ST एक्ट को लेकर सरकार द्वारा लाये गये अध्यादेश से सवर्ण वर्ग बीजेपी से खफा हो गये है. दो दिन पहले सवर्णों द्वारा भारत बंद का आयोजन किया गया था जिसका असर पुरे बिहार में देखने को मिला, खासकर सवर्ण बहुल जिलों में इसका ज्यादा
01 सितम्बर 2018
11 सितम्बर 2018
आधार डेटा की सिक्योरिटी एक ऐसा टॉपिक है जो इसकी शुरुआत से ही सवालों के घेरे में है. अब आधार डेटा फिर से एक बार खबरों में है. क्योंकि एक तीन महीने तक चले इन्वेस्टिगेशन में दावा किया गया है कि एक सॉफ्टवेयर पैच है जो आधार आइडेंटिटी डेटाबेस में स्टोर डेटा की सिक्योरिटी को खतर
11 सितम्बर 2018
10 सितम्बर 2018
पिछले एक महीने से तेल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं. तेल के बढ़ते दामों पर सरकार अपने तर्क दे रही है और विपक्ष अपने तर्क. पक्ष और विपक्ष के तर्कों-कुतर्कों के बीच महंगाई की सबसे बड़ी मार हमारी और आपकी जेब पर पड़ रही है. लोगों की परेशानियों को अपनी सियासत से जोड़ते हुए पू
10 सितम्बर 2018
05 सितम्बर 2018
कभी-कभी कुछ तस्वीरें इतनी खूबसूरत आती हैं कि देखने वाले देखते ही रह जाते हैं. उन्हें समझ नहीं आता कि तस्वीर लेने वाले की तारीफ की जाये या जिसकी तस्वीर है उसकी. इसके अलावा कुछ तस्वीरें ऐसी होती हैं जो बहुत ही फनी होती हैं. इन तस्वीरों को देखते ही आपकी हंसी छूट जाती है. आप
05 सितम्बर 2018
11 सितम्बर 2018
आधार डेटा की सिक्योरिटी एक ऐसा टॉपिक है जो इसकी शुरुआत से ही सवालों के घेरे में है. अब आधार डेटा फिर से एक बार खबरों में है. क्योंकि एक तीन महीने तक चले इन्वेस्टिगेशन में दावा किया गया है कि एक सॉफ्टवेयर पैच है जो आधार आइडेंटिटी डेटाबेस में स्टोर डेटा की सिक्योरिटी को खतर
11 सितम्बर 2018
04 सितम्बर 2018
नागपुर में सरकारी एजेंसी ने टॉयलेट के पानी को 78 करोड़ रुपये में बेचा है, इस पानी से निकलने वाली गैस से नागपुर शहर में 50 एसी बसें चलाई जा रही है।हेडर पढकर आप भी हैरान होंगे, कि टॉयलेट का पानी भी कोई खरीद सकता है, शायद आप सोच रहे होंगे कि उस पानी का कोई क्या इस्तेमाल करेगा। आपने मन में कई सवाल उठ रह
04 सितम्बर 2018
12 सितम्बर 2018
एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सवर्ण आंदोलन के नेता देवकी नंदन ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर इस खबर के प्रकाश में आने के बाद सोशल मीडिया में लोग तेजी से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।ताजा अपडेट के अनुसार कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर को यूपी पुलिस ने
12 सितम्बर 2018
02 सितम्बर 2018
मेैं जब 18 साल की थी, तब मैंने हंसराज कॉलेज, नई दिल्ली में ज्वाइंट सेकेट्री का चुनाव जीता. उस समय मैं एबीवीपी और एनएसयूआई की छात्र राजनीति से काफी निराश थी. मेरी विचारधारा भाजपा से तो मिलती नहीं है और कांग्रेस में उस समय बहुत अलग तरह की राजनीति चलती थी. हमारे यहां समाजवाद
02 सितम्बर 2018
01 सितम्बर 2018
Third party image referenceये तस्वीर है महाराष्ट्र के एक सेवाग्राम आश्रम की जहाँ पर गाँधी जी खड़े है और धुप ज्यादा होने के कारण उन्होंने अपने सर के ऊपर तकिया रखा हुंआ है ताकि वह धुप से बच सके.Third party image referenceये तस्वीर मुंबई के बिरला हाउस की है जहाँ पर गाँधी जी
01 सितम्बर 2018
01 सितम्बर 2018
हिम्मत और जज्बे की कई कहानियां सुनी होंगी. मगर एक कहानी असल में खेल के मैदान पर हुई है. क्या हो सीटी बजे और सभी धावक रेस जीतने के लिए दौड़ पड़ें. उनमें से एक का जूता खुल जाए. दौड़ भी कोई कम वाली नहीं, 3000 मीटर की स्टीपलचेज रेस. यानी 3000 मीटर की रेस में सिर्फ दौड़ना नहीं
01 सितम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x