मानवता

20 सितम्बर 2018   |  इंजी. बैरवा   (148 बार पढ़ा जा चुका है)

मानवता

मानवता ही नैतिकता का आधार है । सभी नैतिक मूल्य सत्य अहिंसा प्रेम सेवा शांति करुणा इत्यादि गुणों का मूल “मानवता” ही है ।

‘मानवता’ ही नैतिकता का आधार है, जैसे कोई निर्धन, असहाय, बीमार व्यक्ति भूखा है; वहां दया से पूरित होकर कोई सेवा करता है, भूखे को भोजन कराता है; तो वहाँ दया और सेवा करने वाले व्यक्ति का कार्य ‘मानवता’ कहलायेगा । मनुष्य का पृथ्वी पर विद्यमान सभी सजीवों के प्रति निस्वार्थ सेवाभाव ही ‘मानवता’ है ।

विश्व के सभी महापुरुषो ने ‘मानवता’ का पाठ पढ़ाया है कि, हर व्यक्ति को सामाजिक होना चाहिए और से यथासम्भव मानवतापूर्ण कार्य करते रहना चाहिए ।

“मानवता ही सच्ची सेवा”

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https://www.dailymotion.com/video/x116b6d,

https://www.youtube.com/watch?v=v4itPGPqnt0,

https://www.youtube.com/watch?v=wF-XR0fifeo,

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