कार्तिक मास का महत्व :---- आचार्य अर्जुन तिवारी

25 अक्तूबर 2018   |  आचार्य अर्जुन तिवारी   (41 बार पढ़ा जा चुका है)

कार्तिक मास का महत्व :---- आचार्य अर्जुन तिवारी  - शब्द (shabd.in)

*सनातनकाल से ही कालगणना के आधार पर एक वर्ष को बारह महीनों में विभक्त किया गया है | इन बारह महीनों में सभी अपने स्थान पर श्रेष्ठ हैं परंतु "कार्तिक मास" को सर्वश्रेष्ठ कहा गया है | कार्तिक मास भगवान विष्णु को इतना प्रिय है कि इसका नामकरण ही "दामोदर - मास" हो गया | कार्तिकमास के महत्व को दर्शाते हुए भगवान वेदव्यास ने स्कन्दपुराण में लिखा है :-- "मासानां कार्तिक: श्रेष्ठो , देवानां मधुसूदन: ! तीर्थं नारायणाख्यं हि , त्रितयं दुर्लभं कलौ !!" अर्थात :- सभी महीनों में श्रेष्ठ कार्तिक मास एवं सभी देवों में श्रेष्ठ भगवान मधुसूदन तथा तीर्थों में विष्णुतीर्थों की महत्ता कलियुग में मानी गयी है | आगे लिखते हुए व्यास भगवान कहते हैं ;-- "न कार्तिसमो मासो , न कृतेन समं युगम् ! न वेदसदृशं शास्त्रं , न तीर्थं गंगा समम् !!" कहने का तात्पर्य यह है कि अनेक पुराणों एवं शास्त्रों में कार्तिक मास को सर्वश्रेष्ठ माना गया है क्योंकि जो पुण्य वर्षपर्यन्त पुण्य दान करने से प्राप्त होता है वही फल कार्तिक मास में सूर्योदय के पूर्व किसी नदी , तालाब या सरोवर में स्नान करने मात्र से प्राप्त हो जाता है |कार्तिक मास में ईश्वरीय आराधना से सभी कुछ प्राप्त करने की व्यापक संभावनाएं होती हैं | कहा जाता है कि जब शंखासुर वेदों को चुराकर समुद्र में ले गया तो भगवान विष्णु ने कहा था कि आज से मंत्र-बीज और चारों वेद प्रतिवर्ष कार्तिक मास में जल में विश्राम करेंगे | यही कारण है कि कार्तिक स्नान को अक्षय फल प्रदाता कहा जाता है | इस मास में व्रत करने से कीर्ति, तेज, आयु, संपत्ति, ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है | कार्तिक मास में चंद्रमा अपनी किरणें सीधी पृथ्वी पर डालता है | चंद्रमा की किरणों से ऊर्जायित जल में स्नान से मनुष्य को लाभ मिलता है |* *आज जहाँ समस्त मानव जाति किसी न किसी प्रकार के रोग से पीड़ित होकर कराह रही है वहीं भगवान वेदव्यास स्कंद पुराण में घोषणा करते हैं कि :--। स्कंदपुराण के वैष्णवखंड में कार्तिक व्रत के महत्व के विषय में कहा गया है- "'रोगापहं पातकनाशकृत्परं सद्बुद्धिदं पुत्रधनादिसाधकम्‌ ! मुक्तेर्निदानं नहि कार्तिकव्रताद् , विष्णुप्रिया दन्यदिहास्ति भूतले !!"' अर्थात्‌ :- किसी भी प्रकार के रोगी हों कुछ उद्यम करके अपने रोगों से मुक्ति पा सकते हैं क्योंकि इस पवित्र कार्तिक मास को जहां रोगापह अर्थात्‌ रोगविनाशक कहा गया है, वहीं सद्बुद्धि प्रदान करने वाला, लक्ष्मी का साधक तथा मुक्ति प्राप्त कराने में सहायक बताया गया है | मैं "आचार्य अर्जुन तिवारी" बताना चाहूँगा कि जहाँ एक ओर पवित्र कार्तिकमास अनेकों त्यौहार लेकर आता है वहीं इस पवित्रमास में दीपदान एवं तुलसीपूजन का विशेष महत्व है | नित्य सुबह सूर्योदय के पूर्व स्नान करके तुलसीपूजन एवं दीपदान करने से मनुष्य को मनवांछित फल मिलता है | विशेष रूप से कन्याओं द्वारा पूरे महीने तुलसी पूजन एवं दीपदान करने से मनचाहा पति मिलता है | कार्तिक मास को मोक्ष का द्वार भी कहा गया है | तुलसी हमारी आस्था एवं श्रद्धा का प्रतीक है | वर्ष भर तुलसी को जल चढाना एवं सायंकाल को दीपक जलाना श्रेष्ठ है परंतु कार्तिक मास में तुलसी को जल एवं दीपदान करने से मनुष्य अनंत पुण्य का भागी होता है | चूंकि तुलसी में लक्ष्मी जी का निवास माना गया है अत: कार्तिक मास में तुलसी पूजन करने वालों पर लक्ष्मी जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है |* *हमारे पुराणों में कार्तिक मास के स्नान, व्रत की अत्यंत महिमा बताई गई है | इस मास का स्नान, व्रत लेने वालों को कई संयम, नियमों का पालन करना चाहिए तथा श्रद्धा भक्तिपूर्वक भगवान श्रीहरि की आराधना करनी चाहिए |*

कार्तिक मास का महत्व :---- आचार्य अर्जुन तिवारी  - शब्द (shabd.in)

अगला लेख: प्रत्येक नारी है स्कन्दमाता :--- आचार्य अर्जुन तिवारी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
20 अक्तूबर 2018
*नवरात्र के छठे दिन मैया कात्यायनी कात्यायन ऋषि के यहाँ कन्या बनकर प्रकट हुईं | नारी का जन्म कन्यारूप में ही होता है इसीलिए सनातन धर्म ने कन्या की पूजा का विधान बनाया है | सनातन धर्म के पुरोधा यह जानते थे कि जिस प्रकार एक पौधे से विशाल वृक्ष तैयार होता है उसी प्रकार एक कन्या ही नारी रूप में परिवर्ति
20 अक्तूबर 2018
15 अक्तूबर 2018
*चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहन |* *कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी ||* *महामाई आदिशक्ति भगवती के पूजन का पर्व नवरात्र शनै: शनै: पूर्णता की ओर अग्रसर है | महामाया इस सृष्टि के कण - कण में विद्यमान हैं | जहाँ जैसी आवश्यकता पड़ी है वैसा स्वरूप मैया ने धारण करके लोक
15 अक्तूबर 2018
20 अक्तूबर 2018
*सनातन धर्म में नारियों का एक महत्वपूर्ण स्थान है | पत्नी के पातिव्रत धर्म पर पति का जीवन आधारित होता है | प्राचीनकाल में सावित्री जैसी सती हमीं लोगों में से तो थीं जिसने यमराज से लड़कर अपने पति को मरने से बचा लिया था | भगवती पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त कर लिया था | भारत की स्त्रियों
20 अक्तूबर 2018
20 अक्तूबर 2018
जिनका विश्वास ईश्वर में है वो मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च में विश्वास नहीं रखते, जो मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च में विश्वास रखते है वो ईश्वर में नहीं राजनीती में विश्वास रखते है. ईश्वर के नाम पर दंगे नहीं होते, दंगे धर्म
20 अक्तूबर 2018
19 अक्तूबर 2018
नवरात्रि के पर्व का समापन का समय धीरे-धीरे पास आ रहा हैं, माँ दुर्गा के विसर्जन का दिन 19 अक्टूबर को हैं| ऐसे में जब नवरात्रि के शुरुआत होती हैं तो उस समय माँ दुर्गा की चौकी और कलश की स्थापना की जाती हैं| ऐसे में जब माँ दुर्गा का विसर्जन करना होता हैं तो उनके साथ कलश, नार
19 अक्तूबर 2018
16 अक्तूबर 2018
शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य सुख-समृद्धि व उन्नति का कारक बनता है। जीवन में शुख-शांति लाने के लिए हरेक व्यक्ति को अपने सामर्थय के अनुसार जरूरतमंद लोगों में दान अवश्य करना चाहिए। जो व्यक्ति दान करता है उस व्यक्ति के परिवार में हमेशा शुख समृद्धि बनी रहती है। यदि यही दान अ
16 अक्तूबर 2018
13 अक्तूबर 2018
*सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च !* *दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु मे !!* *नवरात्र के चतुर्थ दिवस महामाया कूष्माण्डा का पूजन किया जाता है | "कूष्माण्डेति चतुर्थकम्" | सृष्टि के सबसे ज्वलनशील सूर्य ग्रह के अंतस्थल में निवास करने वाली महामाया का नाम कूष्माण्डा है , जिसका अर्थ है कि :- जि
13 अक्तूबर 2018
11 अक्तूबर 2018
*पराम्बा जगदंबा जगत जननी भगवती मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप है ब्रह्मचारिणी | जिसका अर्थ होता है तपश्चारिणी अर्थात तपस्या करने वाली | महामाया ब्रह्मचारिणी नें घोर तपस्या करके भगवान शिव को अपने पति के रुप में प्राप्त किया और भगवान शिव के वामभाग में विराजित होकर के पतिव्रताओं में अग्रगण्य बनीं | इसी प्र
11 अक्तूबर 2018
20 अक्तूबर 2018
*एकवेणी जपाकर्ण , पूर्ण नग्ना खरास्थिता,* *लम्बोष्टी कर्णिकाकर्णी , तैलाभ्यक्तशरीरिणी।* *वामपादोल्लसल्लोह , लताकण्टकभूषणा,* *वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा , कालरात्रिर्भयङ्करी॥-------* *नवरात्र की सप्तमी तिथि को देवी कालरात्रि की उपासना का विधान है। पौराणिक मतानुसार देवी क
20 अक्तूबर 2018
13 अक्तूबर 2018
*नवरात्र के पावन पर्व पर आदिशक्ति भगवती दुर्गा के पूजन का महोत्सव शहरों से लेकर गाँव की गलियों तक मनाया जा रहा है | जगह - जगह पांडाल लगाकर मातारानी का पूजन करके नारीशक्ति की महत्ता का दर्शन किया जाता है | माता जगदम्बा के अनेक रूप हैं , कहीं ये दुर्गा तो कहीं काली के रूप में पूजी जाती हैं | जहाँ दुर्
13 अक्तूबर 2018
14 अक्तूबर 2018
नवरात्रि इमेज 2018 फेसबुक और whatsapp के लिए... (Navratri Images for Facebook, Whatsapp 2018 Latest) Happy Navratri 2018 Latest Image for Facebook, Whatsapp 2018 Latestदेश भर में नवरात्रि का त्यौहार मनाया जा रहा है, आज हम शेयर कर रहे है नवरात्रि की लेटेस्ट 2018 की तस्वीरें , जिसे आप अपने फेसबुक,
14 अक्तूबर 2018
12 अक्तूबर 2018
*पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।* *प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥* *हमारे सनातन धर्म में नवरात्र पर्व के तीसरे दिन महामाया चंद्रघंटा का पूजन किया जाता है | चंद्रघंटा की साधना करने से मनुष्य को प्रत्येक सुख , सुविधा , ऐश्वर्य , धन एवं लक्ष्मी की प्राप्
12 अक्तूबर 2018
20 अक्तूबर 2018
*आश्विन मास के शुक्लपक्ष में प्रतिपदा से महानवमी तक पराअम्बा जगदम्बा जगतजननी भगवती दुर्गा जी के नौ रूपों की पूजा भक्तों के द्वारा की जाती है | दसवें दिन (विजयादशमी के दिन) हर्षोल्लास के साथ भक्तजन महामाया की भव्य शोभायात्रा निकालकर उनका विसर्जन नदियों , सरोवरों आदि में करते हैं | जगदम्बा का वास तो प
20 अक्तूबर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x