बिहार में क्यों मनाया जाता है छठ पूजा का पर्व, क्या है इसका इतिहास?

03 नवम्बर 2018   |  रेखा यादव   (160 बार पढ़ा जा चुका है)

बिहार में क्यों मनाया जाता है छठ पूजा का पर्व, क्या है इसका इतिहास?

बिहार में क्यों मनाया जाता है छठ पूजा का पर्व, क्या है इसका इतिहास- भारत के प्रमुख भौगोलिक और सांस्कृतिक त्योहारों (लोक त्योहारों) में से एक है छठ पूजा। इसकी मान्यता वैदिक काल से ही है, इसीलिए यह प्राचीन परंपराओं का धनी पर्व है। अगर आप भी इस त्यौहार के बारे में जानना चाहते हैं और पता करना चाहते हैं कि क्यों मनाया जाता है छठ पूजा का पर्व तो पढ़िए ।

बिहार में क्यों मनाया जाता है छठ पूजा का पर्व और क्या है इसका इतिहास?

भारत में छठ पूजा का पर्व

भारत में कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी को इस त्यौहार की धूम मची रहती है। पहले यह त्यौहार सिर्फ बिहार में मनाया जाता था लेकिन आज यह दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, भारत के उत्तर-पूर्वी इलाकों और नेपाल में भी प्रसिद्ध हो चुका है। बिहार की बेटियां जहां-जहां गईं, वहां-वहां इस त्यौहार की सौगात अपने साथ ले गईं और यही वजह है कि आज यह त्यौहार पटना के घाट से लेकर देश विदेश के घाट तक पहुंच चुका है। भारत में लोग सूर्य देव की पूजा करते हुए छठ मैया को प्रसन्न करते हैं और अपने बच्चों की रक्षा का वरदान मांगते हैं।

बिहार में छठ पूजा

बिहार में यह त्यौहार काफी प्रसिद्ध है जिसको लोग दीपावली से भी अधिक महत्व देते हैं। बिहार में छठ का त्यौहार 4 दिन का होता है जो नहाए खाए के साथ शुरू होता है। छठ के पहले दिन सभी मौसमी फलों को इकट्ठा करके छठ माता के लिए विभिन्न पकवान तैयार किए जाते हैं। दूसरे और तीसरे दिन उगते हुए और डूबते हुए सूर्य को जल देकर उनकी पूजा की जाती है, भजन गाए जाते हैं और इस तरह प्रसाद वितरण के साथ यह पर्व मनाया जाता है। बिहार में छठ पूजा का प्रचलन कैसे शुरू हुआ इस प्रश्न के जवाब में महाभारत के कर्ण की पूजन विधि के बारे में जानना जरूरी है।

दरअसल, भौगोलिक रूप से करण का संबंध बिहार के भागलपुर से है। सूर्यपुत्र कर्ण पूरी श्रद्धा के साथ सूर्य देव का पूजन करते थे और पानी में कमर तक घंटों खड़े रहकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया करते थे। षष्ठी और सप्तमी की तिथि को वे विशेष अर्चना करते थे और सूर्य देव की कृपा उन पर हमेशा बनी रहती थी। मान्यता है कि छठ पर अर्घ्य दान की परंपरा तभी से प्रचलित हुई है।

वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो भारत का उत्तरी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र कृषि प्रधान है और कृषि सूर्य पर निर्भर करती है। इसीलिए भी सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह माध्यम है। भारत में हमेशा से ही प्रकृति को पूजते हैं। सूर्यदेव को जल देकर छठ पूजा का प्रचलन भी इसीलिए है।

छठ पूजा क्या है और कौन हैं छठ माता

छठ पूजा सूर्य उपासना पर आधारित पर्व है। हिंदू धर्म के अनुसार छठ मैया भगवान सूर्य की छोटी बहन हैं। छठ माता लाड़ली होने के कारण छोटी-छोटी बातों पर रूठ जाती है और इन को खुश करने के लिए सूर्य देव को प्रसन्न किया जाता है। इनकी पूजा-अर्चना गंगा, यमुना घाट या किसी नदी सरोवर जैसे जलाशयों के घाट पर ही की जाती है। छठ पूजा बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन के लिए की जाती है क्योंकि छठ मैया बच्चों की रक्षा करने वाली देवी हैं। छठ पर स्त्री-पुरुष सूर्य देव और षष्ठी देवी को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और संतान की दीर्घायु की कामना करते हैं। इस व्रत में गंगा-स्नान का भी विशेष महत्व है।

हमारे मार्कंडेय पुराण में वर्णित है कि प्रकृति देवी जो सृष्टि की अधिष्ठात्री है उन्होंने स्वयं को 6 भागों में विभाजित कर लिया है। इन्हीं देवी का छठा अंश ब्रह्मा की मानस पुत्री है जो सर्वश्रेष्ठ मातृ देवी के रूप में जानी जाती है। पुराणों के जानकारों का तो यहां तक कहना है कि नवरात्रि के छठे दिन पूजी जाने वाली कात्यायनी देवी भी यही हैं। प्रार्थना करने पर यह देवी बच्चों की रक्षा तो करती ही हैं, साथ ही उन्हें स्वास्थ्य, सफलता, और लंबी आयु का वरदान भी देती है।

छठ महापर्व

इस व्रत को रखने के कुछ विशेष और कड़े नियम हैं जिन को ध्यान में रखते हुए ही यह व्रत रखा जाता है। इस में सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाता है तथा 3 दिन तक भोजन और जल ग्रहण नहीं किया जाता है। इन नियमों के कारण और छठ माता पर श्रद्धा के कारण ही इसको महापर्व भी कहा जाता है।

छठ पर्व क्यों

यह पर्व बच्चों के लिए मनाया जाता है और जिन स्त्रियों की संतान नहीं होती वे संतान प्राप्ति की कामना से यह व्रत रखती हैं। क्यों मनाया जाता है छठ पूजा का पर्व इस बात को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। इनमें सबसे प्रसिद्ध राजा प्रियव्रत की कथा है। राजा प्रियव्रत और उनकी रानी मालिनी के कोई संतान नहीं थी, फिर कश्यप ऋषि के कहने पर उन्होंने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ किया। प्रसाद में मिली हुई खीर खाकर रानी गर्भवती हुई परंतु 9 महीने पश्चात जो पुत्र पैदा हुआ वह मृत पैदा हुआ। यह देखकर राजा प्रियव्रत व्याकुल हो उठे और रोते-रोते प्राण त्यागने का प्रण करने लगे। तभी वहां पर एक देवी प्रकट हुई जिन्होंने राजा को समझाया कि मैं षष्ठी देवी हूं और यदि तुम मेरी पूजा करो तो मैं तुम्हें पुत्र दान दे सकती हूं। राजा ने देवी के बताए अनुसार व्रत किया और सभी को इस व्रत को करने के लिए प्रेरित किया। कहते हैं तभी से छठ माता की पूजा की शुरुआत हुई।

एक दूसरी कथा इस प्रकार है कि जब श्री राम और माता सीता वनवास से लौटे तो उन्होंने रावण के वध के प्रायश्चित के लिए राजसूर्य यज्ञ किया। पूजा के लिए वहां पर आमंत्रित हुए मुद्गल ऋषि ने मां सीता को शुक्ल पक्ष की छठ को भगवान सूर्य की पूजा करने का आदेश दिया। मुद्गल ऋषि के आश्रम में 6 दिनों तक रहते हुए सीता माता ने सूर्य को अर्घ्य दिया और उनकी पूजा की और तभी से छठ के दिन सूर्य को जल देने की प्रथा प्रारंभ हुई।

द्रौपदी ने भी इस व्रत को किया था ताकि उनके पतियों को राजपाट की दोबारा प्राप्ति हो सके।

छठ माता को लेकर एक और कथा है कि वेदमाता गायत्री का जन्म षष्ठी तिथि को सूर्यास्त और सप्तमी तिथि को सूर्योदय बीच हुआ था। बालकों की रक्षा करने वाली देवी भगवान विष्णु की द्वारा रची हुई माया हैं। इन्हीं सब बातों के लिए इस त्यौहार का विशेष महत्व है।

बिहार में क्यों मनाया जाता है छठ पूजा का पर्व, क्या है इसका इतिहास?

https://www.ekbiharisabparbhari.com/2018/10/31/why-is-celebrated-in-bihar-the-festival-of-chhath-puja-what-is-its-history/?fbclid=IwAR0ss7cSrm2LXWHN4wBuMN5OjouGRGXgZtfIPCHvOqz8VdBC_hKaj5PCVOw

अगला लेख: पिछले 26 सालों से केवल पत्ते खा रहा है यह पाकिस्तानी व्यक्ति वजह जानकार हो जाओगे हैरान



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
09 नवम्बर 2018
बिहार में सिपाही के 9900 पदों पर इस साल हुई बहाली में फर्जीवाड़े का नया और बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सिपाही के पद पर चयनित हो चुके दो सौ से ज्यादा अभ्यर्थियों की चालाकी चयन पर्षद ने ज्वाइनिंग से ठीक पहले पकड़ ली। अगर थोड़ी भी चूक होती तो ये सिपाही बन गए होते, लेक
09 नवम्बर 2018
11 नवम्बर 2018
बॉलीवुड सितारों की हर चीज़ निराली होती है। ये न सिर्फ अपने घर, आउटफिट और एक्सेसरीज पर जमकर पैसे खर्च करते हैं, बल्कि इनके बिजली का बिल भी लाखों में आता है। करोड़ों के मकान में रहने वाले बॉलीवुड स्टार्स जितना बिजली का बिल भरते हैं उतने में तो आप एक फ्लैट खरीद सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं कौन से स्टा
11 नवम्बर 2018
19 अक्तूबर 2018
नवरात्रि के पर्व का समापन का समय धीरे-धीरे पास आ रहा हैं, माँ दुर्गा के विसर्जन का दिन 19 अक्टूबर को हैं| ऐसे में जब नवरात्रि के शुरुआत होती हैं तो उस समय माँ दुर्गा की चौकी और कलश की स्थापना की जाती हैं| ऐसे में जब माँ दुर्गा का विसर्जन करना होता हैं तो उनके साथ कलश, नार
19 अक्तूबर 2018
01 नवम्बर 2018
मान लीजिए कि ट्विटर मेट्रो सिटी है. उन महानगरों का भी सबसे पॉश इलाका. फेसबुक मिडिल क्लास है. महानगरों में भी, शहरों में भी, हर जगह. और वॉट्सऐप है मास. यानी बिल्कुल आम. दूर-दराज के इलाके, कस्बे-गांव, सब जगह. जिसको हायपर लोकल कहते हैं, वही. तो जब कोई मेसेज वॉट्सऐप पर वायरल हो, तो समझिए कि वो गांव-गांव
01 नवम्बर 2018
22 अक्तूबर 2018
*श्वेते वृषे समारुढा श्वेताम्बरधरा शुचिः |* *महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा ||* *पावन नवरात्र के आठवें दिन भगवती आदिशक्ति की पूजा "महागौरी के रूप की जाती है | मां महागौरी का रंग अत्यंत गौरा है इसलिए इन्हें महागौरी के नाम से जाना जाता है। मान्यता के अनुसार अपनी कठिन तपस्या से मां ने गौर वर्ण प्र
22 अक्तूबर 2018
12 नवम्बर 2018
अनंत कुमार मोदी कैबिनेट में संसदीय मामलों का मंत्रालय संभाल रहे थे. वो दक्षिणी बेंगलुरु की सीट से सांसद थे. तकरीबन छह महीने पहले उनका कैंसर डाइग्नॉज़ हुआ था. लंदन और न्यू यॉर्क में इलाज भी चला. अक्टूबर के आखिर में ही वो अमेरिका से लौटे थे (फोटो: बाईं तरफ अनंत कुमार, दाहिनी ओर उनके शव को देखने आए परि
12 नवम्बर 2018
11 नवम्बर 2018
देश के सबसे बड़े करोड़पति परिवार की बेटी ईशा अंबानी और आनंद पीरामल की सगाई के बाद दोनों की शादी की चर्चा ज़ोरों पर है। मुकेश अबांनी और नीता अंबानी की लाडली बेटी ईशा की सगाई इटली में करने के बाद पूरा परिवार दोनों की शादी की तैयारियों में लग गया है। ईशा की शादी की सारी तैयारियां हो चुकी हैं और कार्ड
11 नवम्बर 2018
03 नवम्बर 2018
आप सभी को बता दें कि दिवाली का इंतज़ार सभी को है और सभी दिवाली मनाने के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं. ऐसे में इन दिनों कई लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि ‘क्या हर दीपावली नई लक्ष्मी-गणेश मूर्तियां खरीदना चाहिए..?’ ऐसे में अगर आपके पास भी इसका जवाब नहीं है तो आइए हम बतात
03 नवम्बर 2018
20 अक्तूबर 2018
जिनका विश्वास ईश्वर में है वो मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च में विश्वास नहीं रखते, जो मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च में विश्वास रखते है वो ईश्वर में नहीं राजनीती में विश्वास रखते है. ईश्वर के नाम पर दंगे नहीं होते, दंगे धर्म
20 अक्तूबर 2018
03 नवम्बर 2018
आने वाले 12 नवंबर को तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या की शादी के 6 महीने पूरे होते. लेकिन 10 दिन पहले ही दोनों के बीच तलाक की खबर आ रही है. तेजप्रताप यादव ने कोर्ट में तलाक की अर्जी दे दी है. ये अर्जी दी गई है पटना के सिविल कोर्ट में. तेजप्रताप यादव ने इसी साल 12 मई को ऐश्वर्या
03 नवम्बर 2018
19 अक्तूबर 2018
19 अक्टूबर को पूरे विश्व में दशहरा (Dussehra) मनाया जाएगा. इस दिन हर गली-नुक्कड़ और बड़े-बड़े मैदानों में रावण (Ravana) का पुतला जलाया जाएगा. बुराई पर अच्छाई की जीत का ये जश्न धूमधाम से मनाया जाएगा. मैदानों में मेले लगेंगे और मेले में राम और रावण से जुड़े खेल-खिलौने दिखेंगे. एक तरफ परिवार मिलकर चाट
19 अक्तूबर 2018
11 नवम्बर 2018
हम सब स्थायी खाता संख्या (पैन) कार्ड से परिचित हैं। आप एक भारतीय है या एक अप्रवासी भारतीय, आपको पैन कार्ड की जरूरत बेशक पड़ती है। आप कोई काम या नौकरी कर रहे हैं या नहीं, आप पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके आवेदन हेतु आयु, क्षेत्र या राष्ट्रीयता पर कोई प्रतिबंध नहीं
11 नवम्बर 2018
10 नवम्बर 2018
छठ देवी को सूर्य देव की बहन बताया जाता है। लेकिन छठ व्रत कथा के अनुसार छठ देवी ईश्वर की पुत्री देवसेना बताई गई हैं। देवसेना अपने परिचय में कहती हैं कि वह प्रकृति की मूल प्रवृति के छठवें अंश से उत्पन्न हुई हैं यही कारण है कि मुझे षष्ठी कहा जाता है। देवी कहती हैं यदि आप सं
10 नवम्बर 2018
04 नवम्बर 2018
Third party image referenceपाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक आदमी पिछले 26 सालों से ताजा पत्तियों और टहनियों को खाकर जीवित रहा है और कभी बीमार भी नहीं हुआ है।पंजाब प्रांत के गुजराँवाला जिले के रहने वाले 51 वर्षीय मेहमूद बट ने 25 साल की उम्र में पत्तियों को खाना शुरू कर दिया था क्योंकि उसके पास कोई का
04 नवम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x