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13 नवम्बर 2018   |  विकास बौंठियाल   (39 बार पढ़ा जा चुका है)

प्रयागराज vs इलाहबाद

अब अल्लाह+आबाद मतलब इलाहबाद का नाम “प्रयागराज“ के नाम से ही जाना जायेगा। दो नदियों के संगम स्थल को प्रयाग कहते हैं। यह स्थान नदियों का ऐसा एकलौता संगम स्थल है जहाँ पर दो नहीं बल्की तीन नदियाँ आपस मे मिलती है और इसलिए प्राचिन भारत मे इस पवित्र स्थान का नाम प्रयागों के राजा के नाम पर अर्थात “प्रयागराज” रखा गया था।

“प्रयागराज” हमारा हजारों वर्ष पुराना वह तिर्थस्थल है जहाँ सदियों से कुंभ का मेला लगता है और जहाँ हर साल करोड से ज्यादा लोग जुटते हैं। शैतान के बंदे बादशाह अकबर ने “प्रयागराज” का नाम बदलकर इलाहाबाद कर दिया था जो की पूरी तरह से गलत और असंवैधानिक था लेकिन अब इस गलती को भाजपा के उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने सुधारा है और ईलाहबाद को पुन: अपना पौराणिक नाम “प्रयागराज” दिया है।


!! जय श्री राम !!

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