स्पेनिश पेंटर बार्तोंलोम एस्टेबान मुरिलो (जानकारी... जरा हटके. ..)

29 नवम्बर 2018   |  इंजी. बैरवा   (47 बार पढ़ा जा चुका है)

स्पेनिश पेंटर बार्तोंलोम एस्टेबान मुरिलो  (जानकारी... जरा हटके. ..)

आज गूगल ने स्पेनिश पेंटर बार्तोंलोम एस्टेबान मुरिलो (Bartolomé Esteban Murillo) का गूगल-डूडल बनाकर उन्हें विशेष रूप से याद किया है । गूगल उनकी 400 वाँ जन्मदिन मना रहा है । गूगलने खास अंदाज में मुरिलो को याद किया है । डूडल में मुरिलो की प्रतिष्ठित पेंटिंग्स में से एक टू विमेन एट ए विंडोको दिखाया गया है; जिसे लगभग साल 1655-60 में बनाया गया था । फिलहाल यह तस्वीर अमेरिका स्थित वाशिंगटन में नेशनल गैलरी ऑफ आर्ट के संग्रह में है ।


मुरिलो का जन्म दिसम्बर 1617 में स्पेन के सविले शहर में हुआ था । मुरिलो ने अपने अंकल के साथ आर्ट सीखने की शुरुआत की । जे. पाल गेट्टी संग्रहालय के मुताबिक जवानी के दिनों में मुरिलो ने अनेक तस्वीरें बनाई, जिन्हें वे स्थानीय मेलों में बेचते थे । मुरिलो की शुरुआती पेंटिंग्स काफी रियलिस्टिक स्टाइल और मुख्य रूप से धार्मिक विषयों पर होती थीं । मुरिलो को पहली बड़ी सफलता साल 1645 में मिली ।

मुरिलो की सबसे मशहूर पेंटिंग है, जिसकी चर्चा अभी भी होती है । उसका नाम है टू विमेन एट ए विंडो” (Two women at a window)गूगल ने उसी पेटिंग को गूगल-डूडल में लगाकर, उनको याद किया । गूगल ने जिस पेंटिंग के जरिए डूडल बनाया है, वो अपने आप में बेहद खास है । इस पेटिंग के जरिए उन्होंने एक शानदार कला का उदाहरण दिया है । इस पेंटिंग वाली तस्वीर में दो महिलाएं खिड़की पर खड़ी हैं । एक जवान लड़की खिड़की के सामने देख रही है तो वहीं दूसरी वृद्ध महिला मुंह छिपाकर शर्माते हुए बाहर की तरफ देख रही है । तस्वीर में दिखाया गया है कि दोनों बाहर की दुनिया में शामिल होना चाहती हैं और वहां की चमक-दमक में आना चाहती हैं । बार्तोंलोम एस्टेबान मुरिलो ने कई ऐसी पेंटिंग बनाई हैं, जिनको आज भी याद किया जाता है ।


आइए जानते हैं मुरिलो के बारे में 5 खास बातें...

1) मुरिलो का बचपन गरीबी में बीता गया था । उनके पिता नाई और सर्जन थे । उन्होंने अपने अंकल से पेटिंग सीखी । बचपन में वो जो भी पेंटिंग बनाते थे वो मेले में बेच देते थे । उनको देखा-देखी कई पेंटर मेले में पेंटिंग बेचने लगे । मेले में पेंटिंग बेचने के काम उन्होंने जवानी तक किया ।

2) मुरिलो पहले धार्मिक विषयों पर पेंटिंग बनाते थे । जिसकी काफी प्रशंसा हुई । लोग उनकी पेंटिंग को बहुत पसंद करते थे । पेंटिंग में उन्होंने सफलता बहुत जल्द ही हासिल कर ली थी ।

3) 1645 में वो वर्ल्ड फेमस हो गए । मुरिलो रोजमर्रा के जीवन पर पेंटिंग बनाने लगे । जिसको बहुतायत लोगो द्वारा पसंद किया जाने लगा । वो स्पेन के एंडालुसियन के जीवन को पेंटिंग के जरिए दिखाते थे ।

4) एक वक्त ऐसा आया कि मुरिलो इतने प्रसिद्ध हो गए कि एक राजा ने उनकी आर्ट वर्क पर रोक लगा दी । मुरिलो स्पेन के बाहर कभी नहीं गए ।

5) वर्ष 1682 में उनका निधन हो गया । उनकी ज्यादातर पेंटिंग्स सेंट पीटर्सबर्ग के म्यूजियम में रखी हुई हैं और वर्ल्ड फेमस 'टू विमेन एट ए विंडो' पेंटिंग वाशिंगटन में नेशनल गैलरी ऑफ आर्ट के संग्रह में है ।

स्पेनिश पेंटर बार्तोंलोम एस्टेबान मुरिलो, एक ऐसे पेंटर थे, जिनसे आज के पेंटर प्रेरणा लेकर बहुत कुछ सीखते है ।

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उनके द्वारा बनाई गई कुछ खास पेंटिंग का अद्भुत नजारा नीचे प्रस्तुत है –












https://www.youtube.com/watch?v=bOwgnXQ8Z9g

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