द्वितीय विश्व युद्ध की दर्दनाक दास्ताँ को बयां करतीं हैं ये 15 दुर्लभ तस्वीरें

30 नवम्बर 2018   |  अंकिशा मिश्रा   (46 बार पढ़ा जा चुका है)

द्वितीय विश्व युद्ध की दर्दनाक दास्ताँ को बयां करतीं हैं ये 15 दुर्लभ तस्वीरें

द्वितीय विश्व युद्ध की घटना पूरे विश्व के लिए एक बहुत ही भयानक घटना थी। छः साल चलने वाले इस युद्ध में लाखों लोग मारे गए। कई ऐसे लोग होते हैं जिन्हें इतिहास जानने में तो दिलचस्पी होती है पर इतिहास पढ़ने में नहीं। मगर इतिहास के इन्हीं पन्नों को तस्वीरों की मदद से उनके सामने पेश किया जाए, तो वो आसानी से उन्हें समझते हैं।तो आज हम आपको इतिहास के सबसे भयंकर युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध की कहानी तस्वीरों के माध्यम से सुनने जा रहें है



द्वितीय विश्वयुद्ध में 5-7 करोड़ लोगों की जानें गईं।इसमें असैनिक नागरिकों का नरसंहार किया गया। जिसके लिए होलोकॉस्ट और परमाणु हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया।



6 सालों तक चले इस युद्ध में लड़ने वाले सैनिकों को ये भी नहीं पता था कि उन्हें किस वक्त और कितना आराम मिल पाएगा। इसलिए जब भी उन्हें समय मिलता वह आराम कर लेते।




द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत 1 सितंबर 1939 को हुई थी। यह तस्वीर उन्हीं शुरुआती दिनों की है। जब विभिन्न देशों की सेना ट्रक और जहाज आदि के माध्यम से युद्ध के लिए जा रही थी।



युद्ध के दौरान देश को भारी नुकासान हुआ। युद्ध के बाद की ये तस्वीर लंदन की है। जिसमें बच्चे बैठकर देख रहे हैं कि किस प्रकार देश को दोबारा से पहले जैसा बनाने के लिए काम किया जा रहा है।



युद्ध के बाद कहीं जश्न मन रहा है तो कहीं मातम। करोड़ों की संख्या में सैनिकों की मौत के बाद के इस नजारे से युद्ध की भयानकता का अहसास होता है।



युद्ध का अंत 2 सितंबर 1945 को हुआ। ये तस्वीर है लंदन की, जहां युद्ध के खत्म होने के जश्न में लाखों की संख्या में लोग एकत्रित हुए थे।



दुनिया में हर जगह केवल और केवल दहशत का माहौल था। ये तस्वीर है यूक्रेन की, जिसमें आप देख सकते हैं युद्ध के खतरनाक मंजर को।



एलसीटी 7074, यह वो आखिरी समुद्री जहाज है जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लैंड हुआ था।



एक सैनिक युद्ध में लड़ लड़के थक गया लेकिन देशों के तानाशाह नहीं थके.. उन्हें तो अपनी जीत से प्यार था।



इटली ने इस युद्ध में 10 जून 1940 को हिस्सा लिया।



अमेरिका इस युद्ध में 8 सितंबर, 1941 को सम्मिलित हुआ। उस समय वहां के राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रुजवेल्टई थे।



माना जाता है कि द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी की पराजय रूस के कारण हुई थी।



अमेरिका ने जापान पर एटम बम का इस्तेमाल 6 जून 1945 को किया। अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर एटम बम गिराया गया।


द्वितीय विश्व युद्ध में मित्रराष्ट्रों के द्वारा पराजित होने वाला अंतिम देश जापान था।



ये तस्वीर विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद की है। इस तस्वीर में अपनी जान बचाने में कामियाब हुए ये सैनिक अपनी गर्लफ्रेंड से साथ वक्त बिता रहे हैं।

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