तो इस वजह से मंदिर मंदिर भटक रहे राहुल गांधी , शशि थरूर ने खोला राज़

03 दिसम्बर 2018   |  अंकिशा मिश्रा   (32 बार पढ़ा जा चुका है)

तो इस वजह से मंदिर मंदिर भटक रहे राहुल गांधी , शशि थरूर ने खोला राज़  - शब्द (shabd.in)

चुनाव शुरू होते ही हर पार्टी अपने नए नए पैंतरे अपनाना शुरू कर देती है। बता दें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों कई मंदिरों में दर्शन करते हुए दिख जाते हैं।और इतना ही नहीं राहुल गाँधी ने खुद को जनेऊधारी हिंदू और शिवभक्त तक बताया है। लेकिन उनके इस बयानों और उनके उठाये क़दमों ने विरोधी पार्टी भाजपा को कांग्रेस पर हमला करने के लिए न्यौता दे दिया है। और इस मौके का भाजपा बखूबी फायदा उठा रहे हैं। अचानक राहुल गांधी के मन में मंदिर प्रेम उठने का कारण हर कोई जानना चाहता है। इसपर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने विस्तार से बताया।




शशि थरूर ने कहा, 'लंबे समय से कांग्रेस का यह मानना है कि सार्वजनिक तौर पर अपनी निजी भावनाओं को व्यक्त क्यों करें। हम अपनी आस्था को फॉलो करते हैं लेकिन कभी उसे सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित करने के लिए बाध्य नहीं हुए। ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस नेहरू के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांत वाली पार्टी है जिसकी जड़े स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन से जुड़ी हैं। आगे शशि थरूर का कहा कि उनकी पार्टी के विवेक का भाजपा ने इस्तेमाल किया और उसे सच्चे हिंदू और नास्तिक धर्मनिरपेक्ष की लड़ाई में बदल दिया।'


कांग्रेस नेता ने कहा, 'एक देश जिसमें धार्मिकता गहरी है। अगर बहस को उस तरह से फ्रेम किया जाए तो धर्मनिरपेक्षतावादी हमेशा हार जाता है। इसलिए हमने निर्णय लिया कि यही समय है जब हमें अपनी आस्था को दिखाना होगा।' ये आस्था चुनावों में ही क्यों जागती है तो राहुल का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि इसे स्वार्थी अवसरवादी के तौर पर देखना गलत है। उन्होंने दावा किया कि राहुल जब खुद को शिव भक्त बताते हैं तो उन्हें अच्छी तरह से पता होता है कि वह क्या कह रहे हैं।




शशि थरूर ने कहा कि उनके मंदिर दर्शनों की तस्वीरें खींचे जाने से पहले मेरी उनसे धर्म और आध्यात्म पर बातचीत हुई है। वह बहुत विचारशील, धर्म और अध्यात्म के मसले पर सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले भारतीय राजनेता हैं। उनकी शिव केंद्रित संस्कृति और विष्णु केंद्रित संस्कृति को लेकर अवधारणा आपको हैरान कर देगी। वह बौद्ध विपासना और हिंदू विपासना के अतंर को बहुत अच्छी तरह से समझाने में सक्षम हैं। लोगों को इस बात का अहसास तक नहीं है कि यहां एक ऐसा लड़का है जो धर्म को लेकर काफी गंभीर है।



अगला लेख: भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा- कुमार विश्वास



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
21 नवम्बर 2018
इतिहास की बात की जाये तो पूरे देश के इतिहास को यदि तराजू के एक तरफ रख दें और केवल मेवाड़ के ही इतिहास को दूसरी ओर रख दें, तो भी मेवाड़ का पलड़ा हमेशा भारी ही रहेगा | कभी गुलामी स्वीकार न करने वाले शूरवीर महाराणा प्रताप ने इतने संघर्षों के बाद अकबर को मेवाड़ से खदेड़ने पर मजबूर कर दिया था |न जाने मेव
21 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwas बांसुरी चली आओ तुम अगर नहीं आई गीत गा न पाऊँगासाँस साथ छोडेगी, सुर सजा न पाऊँगातान भावना की है शब्द-शब्द दर्पण हैबाँसुरी चली आओ, होंठ का निमंत्रण हैतुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी हैतीर पार कान्हा से दूर राधिका-सी हैरात की उदासी को याद संग खेला है कुछ गलत ना कर बैठें मन ब
22 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
सलमान खान की फिल्म रेस 3 में फ़िल्माया गया गाना “अल्लाह दुहाई है” से भारतीय फैंस के दिलों में जगह बनाने वाले ब्रिटिश सिंगर ज़ायन मलिक एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गए हैं। दरअसल मंगलवार शाम को ज़ायन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अल्लाह दुहाई है का कवर सॉन्ग शेयर किया और शेयर करते ही इस कवर वीडियो को 2.
22 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasउनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलती उनकी ख़ैरो-ख़बर नहीं मिलतीहमको ही खासकर नहीं मिलती शायरी को नज़र नहीं मिलतीमुझको तू ही अगर नहीं मिलती रूह मे, दिल में, जिस्म में, दुनियाढूंढता हूँ मगर
22 नवम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x