जयंती विशेष - स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के जीवन के 11 अनकहे तथ्य

03 दिसम्बर 2018   |  अंकिशा मिश्रा   (56 बार पढ़ा जा चुका है)

जयंती विशेष - स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के जीवन के 11 अनकहे तथ्य

३ दिसंबर यानि आज भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 131 वीं जयंती है। राजेंद्र प्रसाद एक प्रमुख व्यक्तित्व जिसने हमारे राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में बहुत योगदान दिया, राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और 12 वर्षों तक राज्य का सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाला प्रमुख बन गया।तो आज उनकी जयंती के उपलक्ष में जानते है उसके बारे में कुछ ख़ास तथ्य -




  • डॉ राजेंद्र प्रसाद का जन्म बिहार के सिवान जिले के ज़रादाई में 3 दिसंबर, 1884 को हुआ था।

  • 5 साल की उम्र में, उन्हें फारसी, हिंदी और अंकगणित सीखने के लिए मौलवी के मार्गदर्शन में रखा गया था।

  • कलकत्ता विश्वविद्यालय से राजेंद्र ने स्नातकोत्तर किया। वह अर्थशास्त्र के छात्र थे।

  • राजेंद्र प्रसाद ने 1 906 में पटना कॉलेज के हॉल में बिहारी स्टूडेंट्स कॉन्फ्रेंस बनाने में अहम भूमिका निभाई।


  • एक स्वर्ण पदक विजेता, उन्होंने 1 937 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कानून में अपना डॉक्टरेट पूरा किया।
  • कलकत्ता में आयोजित अपने वार्षिक सत्र के दौरान 1 911 में राजेंद्र प्रसाद आधिकारिक तौर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए।

  • उन्हें अंग्रेजों द्वारा कई बार जेल भेजा गया - एक बार 1 931 में नमक सत्याग्रह आंदोलन में भाग लेने के लिए, और एक बार 1 942 में भारत छोड़ो आंदोलन के सक्रिय सदस्य होने के लिए।

  • डॉ प्रसाद संविधान सभा (1 948-19 50) के अध्यक्ष बने जिन्होंने भारत के लिए एक गणराज्य राज्य के रूप में संविधान का मसौदा तैयार किया।

  • संविधान सभा के अंतिम सत्र के दौरान, उन्हें सर्वसम्मति से अंतरिम सरकार के भारत के राष्ट्रपति बना दिया गया।

  • वह सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान, भारत रत्न प्राप्तकर्ता थे।

  • 28 फरवरी, 1 9 63 को उनका निधन हो गया। पटना में स्मारक राजेंद्र स्मृति संघलालय उन्हें समर्पित हैं।










अगला लेख: भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा- कुमार विश्वास



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
27 नवम्बर 2018
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के नि-धन से पूरा देश शोक में डूबा है। अटल जी को शुक्रवार को अंतिम बिदाई दे दी गई, लेकिन लोगोंं के दिलोंं में वो हमेशा राज करेंगे। अटल के जाने से भारतीय राजनीति का एक अध्याय पूरी तरह से खत्म हो गया। अटल बिहारी को शब्दों में पिरो पाना संभव नही
27 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwasभ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामाभ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामाहमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामाअभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मुहब्बत कामैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामाकभी कोई जो खुलकर हंस लिया दो पल तो हंगामाकोई ख़्वाबों में आकर बस लिया द
22 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
बॉलीवुड में हर हस्ती की अपनी एक अलग पहचान है और ये बड़ी हस्तियां अपनी हिफाज़त के लिए बॉडीगार्ड रखती है। सभी बॉलीवुड स्टार्स के बॉडीगार्ड है, लेकिन इन सब में हर समय सबसे ज़्यादा चर्चा में कोई होता है तो वो है बॉलीवुड के भाईजान यानि सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा। शेरा कोई मामूली बॉडीगार्ड नहीं है, बल्क
21 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
सलमान खान की फिल्म रेस 3 में फ़िल्माया गया गाना “अल्लाह दुहाई है” से भारतीय फैंस के दिलों में जगह बनाने वाले ब्रिटिश सिंगर ज़ायन मलिक एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गए हैं। दरअसल मंगलवार शाम को ज़ायन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अल्लाह दुहाई है का कवर सॉन्ग शेयर किया और शेयर करते ही इस कवर वीडियो को 2.
22 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
#MeeToo ने बॉलीवुड की दुनिया में इन दिनों तहलका मचा रखा है।आये दिन बॉलीवुड हस्तियों से जुड़े तमाम खुलासे सामने आ रहे हैं, ऐसा माना गया है कि बॉलीवुड और विवाद हमेशा से ही एक दुसरे के पूरक रहे हैं। इस जगमगाती दुनिया में आये दिन नए-नए खुलासे और विवाद सामने आते रहते हैं। लेकिन, इस वक्त इस जगमगाती दुनिया
21 नवम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
Hindi poem - Kumar vishwas बांसुरी चली आओ तुम अगर नहीं आई गीत गा न पाऊँगासाँस साथ छोडेगी, सुर सजा न पाऊँगातान भावना की है शब्द-शब्द दर्पण हैबाँसुरी चली आओ, होंठ का निमंत्रण हैतुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी हैतीर पार कान्हा से दूर राधिका-सी हैरात की उदासी को याद संग खेला है कुछ गलत ना कर बैठें मन ब
22 नवम्बर 2018
21 नवम्बर 2018
इतिहास की बात की जाये तो पूरे देश के इतिहास को यदि तराजू के एक तरफ रख दें और केवल मेवाड़ के ही इतिहास को दूसरी ओर रख दें, तो भी मेवाड़ का पलड़ा हमेशा भारी ही रहेगा | कभी गुलामी स्वीकार न करने वाले शूरवीर महाराणा प्रताप ने इतने संघर्षों के बाद अकबर को मेवाड़ से खदेड़ने पर मजबूर कर दिया था |न जाने मेव
21 नवम्बर 2018
05 दिसम्बर 2018
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO ने बुधवार को अपने अब तक के सबसे वजनी सैटेलाइट का प्रक्षेपण कर दिया। भारतीय समयानुसार मगंलवार-बुधवार की रात में दक्षिणी अमेरिका के फ्रेंच गुयाना के एरियानेस्पेस के एरियाने-5 रॉकेट से ‘सबसे अधिक वजनी’ उपग्रह GSAT-11 को लॉन्च किया गया। सैटेलाइट बु
05 दिसम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x