जयंती विशेष: यहां देश के पहले राष्ट्रपति की मर्सिडीज में बैठकर ही ससुराल आती है दुल्हन

04 दिसम्बर 2018   |  रितिका चटर्जी   (64 बार पढ़ा जा चुका है)

शादी के बाद दुल्हन पहली बार कार में बैठकर ही ससुराल आती है, मगर बिहार में एक परिवार ऐसा भी है, जिनके घर की हर दुल्हन राष्ट्रपति की मर्सिडीज बेंज कार में बैठ ससुराल में पहला कदम रखती है। ये शाही परिवार है, हथुआ राज घराने का और ये मर्सिडीज बेंज कार है देश के पहले राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की। काले रंग की ये मर्सिडीज बेंज क्लासिक कार है, जो लगभग 70 साल पुरानी है।

हथुआ राजघराने के प्रणव शाही बताते हैं कि ये हमारे लिए गौरव की बात है कि देश के पहले राष्ट्रपति की कार हमारे परिवार का हिस्सा है। फिलहाल ये कार पटना के गांधी मैदान के पास स्थित हथुआ कोठी में शान से रखी है। दो दशक पहले तक ये कार अक्सर सड़क पर निकलती थी मगर, अब खास मौकों पर ही निकलती है।

प्रणव शाही ने बताया कि खास तौर पर, राज परिवार की शादियों में ये कार सज-धज कर निकलती है। मैं खुद अपनी शादी में इसी कार से बारात लेकर गया था। अंतिम बार वर्ष 2013 में महाराज कुमार कौस्तुभ मणि प्रताप शाही की बारात में इस कार का इस्तेमाल हुआ था। अब अगली शादी का इंतज़ार है।

जर्मन चांसलर ने उपहार में दी थीं दो मर्सिडीज

प्रणव शाही बताते हैं कि बतौर भारतीय राष्ट्रपति राजेन्द्र बाबू 50 के दशक में जर्मनी गए थे जहां तत्कालीन जर्मन चांसलर ने उन्हें दो मर्सिडीज बेंज कार उपहार स्वरूप दी थीं। एक आधिकारिक रूप से बतौर राष्ट्रपति इस्तेमाल करने के लिए और दूसरी निजी इस्तेमाल के लिए।

वर्ष 1954 में राजेंद्र बाबू ने अपनी निजी मर्सिडीज़ कार तत्कालीन हथुआ महाराज गोपेश्वर प्रसाद शाही को दे दी। यह कार आज भी हथुआ राज घराने के लिए विरासत की तरह है। इसके अलावा भी हथुआ राज परिवार के पास कई विंटेज और क्लासिक कारें हैं, मगर प्रथम राष्ट्रपति की इस कार की जगह सबसे खास है।

पुरानी कार को मेंटेन करना मुश्किल

क्लासिक और विंटेज कार के एक्सपर्ट इंजीनियर सुधांशु सिन्हा कहते हैं, पुरानी कारों को मेंटेन रखना मुश्किल तो है मगर नामुमकिन नहीं। इंटरनेट ने विंटेज-क्लासिक कार कलेक्टर्स, डीलर्स, कंपनी सबको जोड़ दिया है।

कुछ पार्ट्स तो अब भी कंपनी मुहैया कराती हैं, कुछ हम दूसरे मिलते-जुलते कार के मॉडल्स से बदल कर काम चलाते हैं। कई बार तो रबड़ से बने पार्ट्स फैब्रिकेट कर खुद तैयार कर लेते हैं। अगर शौक है, तो सब मुमकिन है।

इनपुट : दैनिक जागरण

जयंती विशेष: यहां देश के पहले राष्ट्रपति की मर्सिडीज में बैठकर ही ससुराल आती है दुल्हन

https://muznow.in/bihar/%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7-%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9/?fbclid=IwAR3-3k43PRTjdezehO9SiNzyENzz6R0HLSGgu32fAil33TfrEceVnlyknQk

अगला लेख: CM के कार्यक्रम में DSP पिता ने SP बेटी को देखकर किया सैल्यूट, कहा-जय हिंद मैडम



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
26 नवम्बर 2018
विश्व के सबसे बड़े पशु मेले में बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विदेशी हैट, काले चश्मे और आन-बान शान के साथ मेले में अनंत सिंह अपने पशु शिविर में घोड़े-हाथी और भैंस के साथ पहुंचे हैं। यहां अनंत सिंह का पशु शिविर लगा है जहां देसी-विदेशी सैल
26 नवम्बर 2018
04 दिसम्बर 2018
स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाःस्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाःस्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिःस्वस्ति नो ब्रिहस्पतिर्दधातुये स्वास्तिक मंत्र है. इसके उच्चारण को स्वस्तिवाचन कहा जाता है. लेकिन आज हम इसकी बात क्यूं कर रहे हैं. चलिए हमेशा की तरह शुरू से शुरू करते हैं-अमित शाह को तो जानते ही होंगे आप. बालोतरा
04 दिसम्बर 2018
22 नवम्बर 2018
मुंबई: बॉलीवुड में फिल्‍मों के प्रमोशन के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं. कभी शाहरुख खान फिल्‍म प्रमोशन के लिए मुंबई से दिल्‍ली की रेल यात्रा करते हैं तो कभी आमिर खान अपनी फिल्‍म के प्रमोशन के लिए कई जगह घाघरा पहने नजर आए थे. लेकिन मुंबई के अंधेरे पहलू को उजागर करती
22 नवम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x