दिल्ली में बच्चों की रगों में खून नहीं बल्कि दौड़ता है नशा, हर तीन में से एक बच्चा नशे का शिकार - Children drug addiction

12 दिसम्बर 2018   |  अंकिशा मिश्रा   (152 बार पढ़ा जा चुका है)

दिल्ली में बच्चों की रगों में खून नहीं बल्कि दौड़ता है नशा, हर तीन में से एक बच्चा नशे का शिकार - Children drug addiction

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फुटपाथ पर एक अलग ही दुनिया बसती है।जिसमें अधिकतर बसेरा बच्चों का हैं।ये बच्चे न जाने रोज़ कितने समस्याओं से झुझते हैं जिसमें नशे की लत, अभद्र व्यवहार और हिंसा का शिकार तो जैसे आम सी बात हो गई है। कह सकते हैं कि इन बच्चों ने ये मान लिया है कि यही इनकी ज़िंदगी की सच्चाई है।अपना पेट भरने और नशे की लत को पुराण करने के लिए ये मजबूरीवश कूड़े का काम, चोरी-चकारी इत्यादि भी करते हैं। इन बच्चों की ज़िंदगी बस नशे और कूड़े के इर्द-गिर्द ही घूमती है।


हाल ही में हुए एक शोध से पता चला कि दिल्ली में रहने वाले इन बच्चों में से हर तीन में से एक बच्चा नशे का शिकार है, इसमें तंबाकू, शराब, अफ़ीम, ड्रग्स जैसे बड़े नशे तक शामिल हैं। ये आँकड़े बड़े ही हैरान करने वाले हैं। बता दें कि सड़क पर रहने वाले बच्चों में से लगभग 35% बच्चे नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। शोध के मुकाबिक जिनके कारण बड़े ही चौंकाने वाले हैं। 29 फ़ीसदी बच्चे दोस्तों के दबाव में, 19 फ़ीसदी क्यूरोसिटी के चलते, 9 फ़ीसदी ज़िंदगी के दवाब में, 6.2 फ़ीसदी ख़राब मौसम के कारण, 2 फ़ीसदी परिवार को भूलने के लिए और 6 फ़ीसदी बच्चे अपनी भूख मिटाने के लिए नशे का इस्तेमाल करते हैं।


National survey on drug use and health



बच्चों के नशे की लत का कारण


बता दें कि नशे की लत के शिकार हुए इन बच्चों में लगभग सभी की उम्र 7 से 18 वर्ष है। इसके साथ ही नशे में इन बच्चों के पड़ने का एक और बड़ा कारण है कि नशा करने वाले बच्चों में लगभग 86 फ़ीसदी बच्चों के पेरेंट्स भी नशे की लत के शिकार हैं। तो ये कहना गलत नहीं होगा कि कहीं न कहीं इनके माता-पिता भी एक कारण हैं इन बच्चों के नशे की लत में पड़ने का। नशे के चलते इन बच्चों का बचपन तो ख़राब हो ही रहा है पर साथ ही ये कई जानलेवा बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं जिसमें एचआईवी जैसी बड़ी बीमारियां भी शामिल हैं।


child drug addiction in india



संख्या के लिहाज़ से देखा जाये तो सबसे ज्यादा बच्चे तंबाकू (21,770 बच्चे) का नशा करते हैं। उसके बाद शराब (9,450 बच्चे), इनहेलेंट(7,910 बच्चे), भांग(5,600 बच्चे), हेरोइन(840 बच्चे), अफ़ीम(420 बच्चे) का नशा करते हैं।


नशे की वजह से इन बच्चों को कई समस्याओं एक्सीडेंट, ड्रग्स लेते समय हुई इंजरीज, मानसिक तनाव, खुद को चोट पहुँचाना जैसी जटिल समस्याओं का सामना करना पड़ता है।इन बच्चों में से 80 फ़ीसदी बच्चों का कहना हैं कि ये नशे की जकड़ में ऐसे जकड़े हैं कि यहाँ से निकलना इनके बस में नहीं है और ये चाह कर भी अब नशे की इस दुनिया से निकल नहीं पाते ।


children using drugs in delhi


आपको बता दें कि दिल्ली नशे के शिकार बच्चों का हब है। इसमें नॉर्थवेस्ट दिल्ली के 24 फ़ीसदी, सेंट्रल दिल्ली में 21 फ़ीसदी, और साऊथ दिल्ली में 16 फ़ीसदी नशे के शिकार बच्चे हैं। ये बच्चे पार्क, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों, खाली सड़कों, बस स्टेण्डों इत्यादि पर सबसे अधिक नशा करते हुए पाए जाते हैं।

अगला लेख: निदा फ़ाज़ली -दिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती In Hindi



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
27 नवम्बर 2018
सभी भारतवासियों को संविधान दिवस (26 नवम्बर) की हार्दिक बधाई । भारत गणराज्य का संविधान 26 नवम्बर 1949 को बनकर तैयार हुआ था। संविधान सभा के निर्मात्री समिति के अध्यक्ष डॉ॰ भीमराव आंबेडकर जी ने भारत के महान संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में 26 नवम्बर 1949 को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित किया। गणतंत्र
27 नवम्बर 2018
03 दिसम्बर 2018
३ दिसंबर यानि आज भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 131 वीं जयंती है। राजेंद्र प्रसाद एक प्रमुख व्यक्तित्व जिसने हमारे राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में बहुत योगदान दिया, राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और 12 वर्षों तक राज्य का सबस
03 दिसम्बर 2018
03 दिसम्बर 2018
३ दिसंबर यानि आज भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 131 वीं जयंती है। राजेंद्र प्रसाद एक प्रमुख व्यक्तित्व जिसने हमारे राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में बहुत योगदान दिया, राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और 12 वर्षों तक राज्य का सबस
03 दिसम्बर 2018
30 नवम्बर 2018
द्वितीय विश्व युद्ध की घटना पूरे विश्व के लिए एक बहुत ही भयानक घटना थी। छः साल चलने वाले इस युद्ध में लाखों लोग मारे गए। कई ऐसे लोग होते हैं जिन्हें इतिहास जानने में तो दिलचस्पी होती है पर इतिहास पढ़ने में नहीं। मगर इतिहास के इन्हीं पन्नों को तस्वीरों की मदद से उनके स
30 नवम्बर 2018
30 नवम्बर 2018
पूरा विश्व कई अजब- गजब कहानियों का संग्रह है।यहां हर चीज़ अपनी ही अलग कहानी बयां करते है। विश्व में न जाने ऐसी कितनी ही अजीबों- गरीब जगह हैं जिनकी खुद की ही एक अलग कहानी है। ऐसे ही कुछ भूतिया जगह के बारे में हम आपको बताने जा रहे है जो एक समय में बेहद ख़ूबसूरत हुआ करती थीं पर आज वहां परिंदा भी देखने को
30 नवम्बर 2018
27 नवम्बर 2018
Hindi poem -Nida Fazliदिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलतीदिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलतीख़ैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलतीकुछ लोग यूँ ही शहर में हमसे भी ख़फा हैंहर एक से अपनी भी तबीयत नहीं मिलतीदेखा था जिसे मैंने कोई और था शायदवो कौन है जिससे तेरी सूरत नहीं मिलतीहँसते हुए चेहरो
27 नवम्बर 2018
27 नवम्बर 2018
Hindi poem -Nida Fazliकभी बादल, कभी कश्ती, कभी गर्दाब लगेकभी बादल, कभी कश्ती, कभी गर्दाब लगेवो बदन जब भी सजे कोई नया ख्वाब लगेएक चुप चाप सी लड़की, न कहानी न ग़ज़लयाद जो आये
27 नवम्बर 2018
17 दिसम्बर 2018
भारत में लिंगानुपात का लगातार गिरना एक चिंता का विषय बनता जा रहा है। जिसके लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं बनाई गयी हैं।कन्या समृद्धि योजना भारत सरकार कन्याओं के सुनहरे भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लेकर आयी है। बता दें कि देश में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले काफ़ी कम है,जिसकी वजह से सरकार महिल
17 दिसम्बर 2018
27 नवम्बर 2018
Hindi poem -Nida Fazliनयी-नयी आँखें नयी-नयी आँखें हों तो हर मंज़र अच्छा लगता हैकुछ दिन शहर में घूमे लेकिन, अब घर अच्छा लगता है ।मिलने-जुलनेवालों में तो सारे अपने जैसे हैंजिससे अब तक मिले नहीं वो अक्सर अच्छा लगता है ।मेरे आँगन में आये या तेरे सर पर चोट लगेसन्नाटों में बोलनेवाला पत्थर अच्छा लगता है ।च
27 नवम्बर 2018
05 दिसम्बर 2018
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO ने बुधवार को अपने अब तक के सबसे वजनी सैटेलाइट का प्रक्षेपण कर दिया। भारतीय समयानुसार मगंलवार-बुधवार की रात में दक्षिणी अमेरिका के फ्रेंच गुयाना के एरियानेस्पेस के एरियाने-5 रॉकेट से ‘सबसे अधिक वजनी’ उपग्रह GSAT-11 को लॉन्च किया गया। सैटेलाइट बु
05 दिसम्बर 2018
03 दिसम्बर 2018
चुनाव शुरू होते ही हर पार्टी अपने नए नए पैंतरे अपनाना शुरू कर देती है। बता दें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों कई मंदिरों में दर्शन करते हुए दिख जाते हैं।और इतना ही नहीं राहुल गाँधी ने खुद को जनेऊधारी हिंदू और शिवभक्त तक बताया है। लेकिन उनके इस बयानों और उनके उठाये क़दमों ने विर
03 दिसम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x