मधुर रिश्ता

16 दिसम्बर 2018   |  शिशिर मधुकर   (12 बार पढ़ा जा चुका है)

मधुर रिश्ता  - शब्द (shabd.in)

तुम्हारे प्यार का, मुझको सदा, एहसास होता है

मुहब्बत का, मधुर रिश्ता, बड़ा ही खास होता है


सुकूँ पाने की चाहत में, जतन कितने, किए मैंने

मुझे तो, ज़िन्दगी मिलती है, जब तू पास होता है


किसी को जीतना है तो, उसे बस, प्रेम से जीतो

मुहब्बत में फँसा, आशिक तो, पूरा दास होता है


मुहब्बत जिस घड़ी, दिल से हमारे, दूर हो जाए

कभी ना चैन मिलता है, दर्द का, वास होता है


किसी की प्रीत की यादें, अगर हों, साथ में हरदम

बरस पूरे, कहे मधुकर, फिर तो मधुमास होता है



अगला लेख: ये बारिश प्रेम की



रेणु
17 दिसम्बर 2018

तुम्हारे प्यार का, मुझको सदा, एहसास होता है
मुहब्बत का, मधुर रिश्ता, बड़ा ही खास होता
सुंदर आशार -- बेहतरीन लेखन आदरणीय शिशिर जी |

शिशिर मधुकर
17 दिसम्बर 2018

आपकी हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय रेणु जी .......

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