आगे क्या होगा ? ( मनन - 1 )

17 दिसम्बर 2018   |  उदय पूना   (84 बार पढ़ा जा चुका है)

" आगे क्या होगा " -- हम क्यों मानकर चलें कि आगे बुरा ही होगा : प्रस्तावना, भूमिका


क्या हमें पता होता है कि भविष्य में क्या क्या होने वाला है ??

पर दिन-प्रतिदिन के जीवन में हमें यदा-कदा अनुभव होता है कि हम मानकर चलने लगतें हैं "आगे बुरा होगा", इस पर मेरा छोटा सा लेखन प्रस्तुत है।


उदय पूना


* आगे क्या होगा ? *

* ( मनन - 1) *


हम नहीं जानते भविष्य में क्या है,

और हमें यह भी नहीं मालूम आगे क्या होगा;


जब हम नहीं जानते भविष्य में क्या है,

जब हमें यह भी नहीं मालूम आगे क्या होगा;


फिर हम क्यों मानकर चलें कि आगे बुरा ही होगा,

भविष्य बुरा ही होगा।


आशा रखें, इसी के अनुसार जीवन जियें, मानकर चलें आगे अच्छा होगा।

.

.

.

.

.

यदि हमें स्वयं का पक्ष लेकर चलना है;

यदि हमें स्वयं का हित भी अच्छा लगता है;

फिर हमें मानकर चलना चाहिये कि आगे अच्छा होगा, हमारे हित में होगा;

भविष्य अच्छा होगा।


उदय पूना

92847 37432

अगला लेख: मां पहले पत्नी थी; पत्नी रूप में कितना था सम्मान ??



उदय पूना
20 दिसम्बर 2018

मनन धारा की पहली रचना, हम स्वयं के पक्ष में रहें, प्रणाम,

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
04 दिसम्बर 2018
जी
जीवन यात्रा कदम कदम, जिन्दगी बढ़ती रहती, आगे की ओर;बचपन से जवानी, जवानी से बुढ़ापे की ओर।. . . . जवानी से बुढ़ापे की ओर।। जीवन में आते हैं, कुछ ऐसे क्षण;शादी, सेवनिवृत्ती हैं, कुछ ऐसे ही क्षण। जब बदल जाती है जिंदगी, एकदम से;. . . . एकदम से;सिर्फ एक कदम च
04 दिसम्बर 2018
06 दिसम्बर 2018
झगड़ा और दुश्मनीयदि आपस में कुछ या गंभीर;मनमुटाव, गलतफहमी, तकलीफ, घाटा आदि हो जाये;और बहुत गुस्सा आ जाये;तो भले ही छोटा झगड़ा कर लेना;पर दुश्मनी करना नहीं।। दुश्मनी कर लेने के बाद, पछताना ही शेष रहता है;फिर रिश्ता बचता ही नहीं; फिर से एक
06 दिसम्बर 2018
05 दिसम्बर 2018
वि
विपरीत के विपरीत कुछ-कुछ लोग कुछ-कुछ शब्दों को भूल गए, बिसर गए;हमारे पास शब्द हैं, उपयुक्त शब्द हैं, पर कमजोर शब्द पर आ गए। कुछ-कुछ शब्दों के अर्थ भी भूल गए, बिसर गए;और गलत उपयोग शुरू हो गए;मैं भी इन कुछ-कुछ लोगों में हूं, हम जागरूकता से क्यों दूर हो गए।।अनिवार्य है,इस विपरीत धारा के विपरीत जाना;भाष
05 दिसम्बर 2018
09 दिसम्बर 2018
मा
मां पहले पत्नी थी; पत्नी रूप में कितना था सम्मान ??मां का, समाज, व्यक्ति और संतान, करें इतना सम्मान;<p style="color: rgb(34, 34, 34); font-fam
09 दिसम्बर 2018
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x