आगे क्या होगा ? ( मनन - 1 )

17 दिसम्बर 2018   |  उदय पूना   (55 बार पढ़ा जा चुका है)

" आगे क्या होगा " -- हम क्यों मानकर चलें कि आगे बुरा ही होगा : प्रस्तावना, भूमिका


क्या हमें पता होता है कि भविष्य में क्या क्या होने वाला है ??

पर दिन-प्रतिदिन के जीवन में हमें यदा-कदा अनुभव होता है कि हम मानकर चलने लगतें हैं "आगे बुरा होगा", इस पर मेरा छोटा सा लेखन प्रस्तुत है।


उदय पूना


* आगे क्या होगा ? *

* ( मनन - 1) *


हम नहीं जानते भविष्य में क्या है,

और हमें यह भी नहीं मालूम आगे क्या होगा;


जब हम नहीं जानते भविष्य में क्या है,

जब हमें यह भी नहीं मालूम आगे क्या होगा;


फिर हम क्यों मानकर चलें कि आगे बुरा ही होगा,

भविष्य बुरा ही होगा।


आशा रखें, इसी के अनुसार जीवन जियें, मानकर चलें आगे अच्छा होगा।

.

.

.

.

.

यदि हमें स्वयं का पक्ष लेकर चलना है;

यदि हमें स्वयं का हित भी अच्छा लगता है;

फिर हमें मानकर चलना चाहिये कि आगे अच्छा होगा, हमारे हित में होगा;

भविष्य अच्छा होगा।


उदय पूना

92847 37432

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उदय पूना
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