बात और थोड़े दिन की।

31 दिसम्बर 2018   |  जानू नागर   (90 बार पढ़ा जा चुका है)

बात और थोड़े दिन की।

चुरा लो और क्या चुराओगे?
पूछेगीं नज़रे,तो क्या बताओगे?
जुबान चुप होगी, होठ सिल जाएंगे।
मयते कब्र मे दफ़न हो जाएंगी।
अब वक्त शुरू हुआ हैं, विलय का।
बैंक ही नहीं सबकुछ विलय हो जाएगा।
चलता रहा यू ही कारवां, आने वाली पीढ़ियाँ भी विलय हो जाएंगी।
खोजते रहना जाति, धर्म, जब इंसानियत ही विलय हो जाएगी।
आसमान का टूटा तारा भी जमी मे आ जाता हैं।
हम सब तो पहले से जमी मे जमे हैं और उसी मे जमते जाएंगे।
तब न दफ़न होगी मइयते कब्र मे न जलेंगी समशान मे।
न होगा नशीब कफन का, बस साया होगा आसमान का

अगला लेख: छोड़ेंगे न साथ।



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
02 जनवरी 2019
न छेड़ो प्रकृति को आज भी हवाए अपने इशारे से बादलो को मोड़ लाती हैं। गर्म सूरज को भी पर्दे की ओट मे लाकर एक ठंडा एहसास जगाती हैं। रात की ठंड मे छुपता चाँद कोहरे की पर्त मे, उस पर्त को भी ये उड़ा ले जाती हैं। प्रकृति आज भी अपने वजूद और जज़बातो को समझती हैं हर मौसम को।पर मानव उनसे कर खेलवाड़, अपने लिए ही मु
02 जनवरी 2019
08 जनवरी 2019
फर्क सतयुग मे औरत यमराज से अपने पति को जीत लिया।त्रेता युग मे औरत पुरुष एक समान थे।अहिल्या बहाल हुई। पर अंत मे सीता हरी गई। द्वापर मे औरतों पर उंगली उठने लगी राधा ने प्यार किया, मीरा ने प्रेम किया। रुकमनी ने विवाह किया।अंत मे द्रोपदी का चीर हरन हुआ ।कलयुग मे सभी नारी-नारी चिल्ला रहे हैं, नारी को मज
08 जनवरी 2019
31 दिसम्बर 2018
सविता अपने बचपन की सारी खुशीयों को अपने माँबाप के साथ नही बाँट पाई। गाँव को समझ नही पाई, चाँद तारों की छाव में उनकीठंडक को भाँप नही पाई, चन्द सवाल ही पूछ पाती कि चंदा मामा कितनीदूर है? गोरी कलाइयों में बंधे दूधिया तागे कमजोर पड़ गए थे| पैरो में पड़ी पाज़ेब की खनक छनक से अपने नानी नाना के दिल को मोहने ल
31 दिसम्बर 2018
18 दिसम्बर 2018
*परमात्मा की बनाई हुई यह महान सृष्टि इतनी रहस्यात्मक किससे जानने और समझने मनुष्य का पूरा जीवन व्यतीत हो जाता है , परंतु वह सृष्टि के समस्त रहस्य को जान नहीं पाता है | ठीक उसी प्रकार इस धरा धाम पर मनुष्य का जीवन भी रहस्यों से भरा हुआ है | मानव के रहस्य को आज तक मानव भी नहीं समझ पाया है | इन रहस्यों क
18 दिसम्बर 2018
30 दिसम्बर 2018
(कसैलेपन का कसाव) मेड़मफोटो खीचेंगी यह लाईन अभद्रता भरी लाईन या अभद्रता की प्रतीक थी। एक चाटा भरी आवाजके साथ प्रतीक वर्दियों से घिर गया। किसी के कमर मे काली बेल्ट पैरो मे काले जूतेजिसमे चेरी की पोलिस ही चमक रही थी। किसी के कमर मे बंधी लाल बेल्ट पैरो मे लालजूता वह दरोगा या कह लो सब इंस्पेक्टर यह ला
30 दिसम्बर 2018
20 दिसम्बर 2018
हम आपके लिए 11 बहुत ही खूबसूरत तस्वीरें लेकर आए हैं। आज की तस्वीरों पर आपको गर्व जरूर होगा। क्योंकि ये तस्वीरें हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है। भारत में सैकड़ों धर्म मौजूद है। यहां पर हिंदू और मुस्लिम दो मुख्य धर्म है। इन दोनों धर्मो को मानने वाले करोड़ों लोग इस देश में रहते हैं दोनों ही समुदाय के
20 दिसम्बर 2018
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x