गोपाल खंडेलवाल : वो चल नहीं सकता लेकिन वो देश चला रहा है…

10 जनवरी 2019   |  अंकिशा मिश्रा   (29 बार पढ़ा जा चुका है)

गोपाल खंडेलवाल : वो चल नहीं सकता लेकिन वो देश चला रहा है… - शब्द (shabd.in)

एक शख्स जो खुद दो कदम नहीं चल सकता है लेकिन जिसने देश को हज़ारों कदम आगे बढ़ा दिया है। अपनी शारीरिक विकलांगता से हज़ारों लोगों की मानसिक विकलांगता को कुचलता ये शख्स आज उन लोगों के लिए मिसाल पेश कर रहा है जिन्होनें ज़िंदगी के आगे घुटने टेक दिए हैं ... आइए सुनते हैं उसकी कहानी उसकी ज़ुबानी…


गोपाल खंडेलवाल

मेरा नाम गोपाल खंडेलवाल है. 1969 में मेरा जन्म हुआ था और 1996 तक मैं चला हूँ. तब मेरी उम्र 27 साल थी. साइंस का स्टूडेंट था, घर परिवार सब ठीक था. आगरा के एक मेडिकल कॉलेज में मेरा चयन हो गया था. काउंसलिंग से होकर आ रहा था, साथ में कुछ और दोस्त भी थे. मैं गाड़ी चला रहा था और लखनऊ के आसपास मेरा एक्सीडेंट हो गया. मेरे निचले हिस्से ने काम करना बंद कर दिया. दो साल अस्पताल में भटकता रहा. फिर मैं बनारस से मिर्जापुर आ गया. सब मेरा साथ छोड़ चुके थे. बस मेरे एक दोस्त थे अमित दत्ता जिन्होंने मेरी हमेशा मदद की. यहां उनकी एक ज़मीन थी तो मेरे लिए एक कमरा बना दिया, वहीं रहता हूँ.


परेशानी यह थी कि दिन भर क्या करूं. मिर्ज़ापुर नक्सली क्षेत्र है. आज भी यहां मुसहर जाति है जिनके बच्चे मेरे सामने चूहे पकड़कर खाते थे. मैंने उन्हें ऐसा करने से रोका. उन्हें बुलाया, समझाया और उन्हें पढ़ाने लगा. धीरे धीरे ये बच्चू स्कूल भी जाने लगे. फेसबुक पर मैंने अपने दोस्तों से मदद मांगी. अब नोवल शिक्षा संस्थान के तहत 60-70 बच्चों को मैं पढ़ाता हूँ. 1999 से मैंने पढ़ाना शुरू किया था, आज 20 साल हो गए हैं मुझे बच्चों को पढ़ाते हुए. पहले लोगों को यकीन ही नहीं था कि एक दिव्यांग कैसे बच्चों को पढ़ाएगा. लेकिन धीरे धीरे बच्चे जब पढ़ने लगे तो लोगों का भरोसा कायम हुआ.


3-4 साल के बच्चे मेरे पास आने लगते हैं. इंटर तक मैं उन्हें पढ़ाता हूँ और एक पैसा नहीं लेता हूँ. पहले तो यहां जातिवाद बहुत था इसलिए मुझे शुरूआत में बहुत दिक्कत होती थी. छोटी जाति के लोगों को पढ़ाता था तो बड़ी जाति के लोग नाराज़ हो जाते थे. मैंने उन्हें बहुत समझाया. सबको पढ़ाना बहुत ज़रूरी था. मैंने समझाया जातिवाद कुछ नहीं होता. इस चक्कर में फंसेंगे तो पढ़ाई कैसे हो पाएगी. धीरे धीरे लोग मानने लगे. अब तो ऐसा है कि मुसहर से लेकर चमार के बच्चे और ठाकुर के बच्चे सब एक साथ पढ़ते हैं. शुरूआत में बहुत धमकियां मिलती थी, लेकिन मेरे दोस्त अमित मेरी बहुत मदद कर देते थे. फिर मेरी इस पहल की चर्चा मिर्ज़ापुर से बाहर भी होने लगी. अब तो मुझे मुंबई भी बुलाया गया जहां विवेक ओबरॉय और अनुष्का शर्मा जैसी हस्तियों ने मुझे बुलाकर बहुत इज्जत दी है.


दिन भर बच्चों को पढ़ाता हूँ, फिर शाम के बाद अकेले हो जाता हूँ. परिवार को बहुत याद करता हूँ. चाहता हूँ मेरा भी एक परिवार होता. मेरे कुछ मित्र हैं जो मेरी मदद कर देते हैं. कोई खाने का इंतज़ाम कर देता है, कोई दवाई का खर्चा वहन कर लेता है. इस बीच मेरे माता-पिता का निधन हो चुका था. भाईयों ने साथ छोड़ दिया. लोगों को लगा यह खत्म हो गया है, वो मेरी मौत का इंतज़ार करते रहे. लेकिन मुझे जीना था, मैं जी गया.


अगला लेख: 2019 में इन राशियों पर मेहरबान होंगे भोलेनाथ, सालभर होगी पैसों की बरसात



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
03 जनवरी 2019
जाने रामचरितमानस चौपाई के बारे में:रामायण का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। रामायण की किताब लगभग हर हिंदू घर में मिलती है। रामायण में हर एक किरदारों का अपना एक अलग महत्व है। रामायण के बारे में ज़्यादातर लोगों को टीवी, सीरियल या राम-लीला देखकर ही जानकारी मिली है। बहुत लोग किताब पढ़कर भी रामायण में निपु
03 जनवरी 2019
07 जनवरी 2019
बात अगर जीवनसाथी की होती है तो हर कोई इसे के कर अपने सपने सजाता है और ये चाह रखता है कि वो जैसा चाहता है उसका साथी वैसा ही हो न। इंसान कैसा है ये उसके स्वभाव पर निर्भर करता है और स्वाभाव के साथ दोनों के बीच सामंजस्य होना ही एक मजबूत रिश्ते की नींव होती है। जैसा कि हम सब जानते हैं राशिचक्र में कुल 12
07 जनवरी 2019
08 जनवरी 2019
2019 लोकसभा चुनाव संजीव बाल्यान भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। 2014 में लोकसभा में उन्हें मुज़फ्फरनगर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय आम चुनाव के लिए चुना गया था। जिसमें उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के कादिर राणा को चार लाख से अधिक मतों के अंतर से हराया। संजीव बाल्यान मई 2
08 जनवरी 2019
02 जनवरी 2019
राफेल डील मामले पर लोकसभा में हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कई सवाल खड़े किए और आरोप लगया कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झूठ बोला है। राहुल के सवालों को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष से वित्त मंत्री अरुण जेटली खड़े हुए और उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी
02 जनवरी 2019
08 जनवरी 2019
2019 लोकसभा चुनाव कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और हमीरपुर, उत्तर प्रदेश (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से भारतीय आम चुनाव, 2014 जीत चुके हैं। पुष्पेंद्र सिंह चंदेल का जन्म 8 अक्टूबर 1973 को महोबा (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। इनके पिता का नाम राजा हरपाल सिंह चंदेल और माता का
08 जनवरी 2019
28 दिसम्बर 2018
चांद पर दाग हो तो चलता है, लेकिन आपके चांद से चेहरे पर दाग हो तो फिर मुश्किलें बढ़ जाती हैं। साथ ही अगर बात ख़ूबसूरती की आती है तो गोरा रंग सबसे पहले दिमाग में आता है। हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा सबसे अच्छा औऱ खूबसूरत दिखे। सांवले रंगत की शक्ल भी अपने आप में खूबसूरत
28 दिसम्बर 2018
04 जनवरी 2019
व्यक्ति के जीवन में सुख और दुख ग्रहों की चाल पर निर्भर करता है हर व्यक्ति के जीवन में रोजाना किसी ना किसी प्रकार के बदलाव देखने को मिलते हैं ज्योतिष के जानकारों का ऐसा मानना है कि ग्रहों में बदलाव होने की वजह से संयोग बनते हैं जिसकी वजह से सभी 12 राशियां प्रभावित होती है आज हम आपको ऐसी भाग्यशाली राश
04 जनवरी 2019
24 जनवरी 2019
दुनियाभर में भारतीय प्रतिभा अपना लोहा मनवा रही है। बड़ी कंपनियों के महत्वपूर्ण पदों से लेकर कई देशों की सरकारों में भी यहां के लोग शामिल हैं। ज़ाहिर है किसी और देश में जाकर चुनौतियों का सामना करते हुए ख़ास मुकाम बनाना बेहद कठिन होता है। खासकर बात जब महिलाओं की हो तो उनके लिए रास्ते और भी मुश्किल भरे हो
24 जनवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
मै
21 जनवरी 2019
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x