इस लेख को पढ़ते ही आप नहीं रह जाएंगे सामान्य व्यक्ति

21 जनवरी 2019   |  कमल मिश्रा   (77 बार पढ़ा जा चुका है)

इस लेख को पढ़ते ही आप नहीं रह जाएंगे सामान्य व्यक्ति - शब्द (shabd.in)

अगर हम किताबें पढ़ना शुरू करें तो पाएंगे कि इस दुनिया में जो कुछ भी नया हो रहा है वो नया नहीं है। तमाम नए विचारों को सदियों पहले से ही सोचा जा रहा है और उस पर काम भी किया जा रहा है।

गौरतलब है कि हम अपने सभी विचारों को अपना मानते हैं और नया भी पाते हैं उसके बाद भी हम सामान्य जीवन जीते हैं और सामान्य व्यक्ति ही बने रहते हैं लेकिन इस लेख में आज हम आपको वो बताने जा रहें हैं जिसे पढ़ते ही आप सामान्य से अलग महसूस करेंगे। दुनिया के महानतम लोगों की वो सलाह जो उन्होंने अपने बच्चों को दीं जिसे अपनाते ही वो कभी सामान्य नहीं रहे।


हिम्मत

नैनी जेल से बेटी इंदिरा गांधी को नेहरू की चिट्ठी का अंश

कोई भी चीज छुपाकर मत करो और कुछ ऐसा भी न करो जिसे छुपाने की जरूरत पढ़े। किसी भी चीज को छुपाने का मतलब है कि तुम्हें उससे डर लग रहा है और डर बेहद बुरी चीज है। सहासी बनना सीखो बाकी खुद ब खुद ठीक हो जाएगा।

वक़्त

रुडयार्ड किपलिंग की बेटे जैक को सलाह

अगर आप एक मिनट के सभी 60 सेकेंड का पूरा और सही इस्तेमाल करना सीख जाओगे तो उस दिन आप कुछ बन जाओगे । उस रोज काम के आदमी हो जाओगे।

ज़िंदगी

अब्राहम लिंकन ने अपने बेटे के टीचर को लिखा पत्र

सीखा सको तो उसे किताबों में बसने वाला जादू सिखाओ लेकिन साथ ही उसे यह बताने की कोशिश करना कि आसमान में उड़ने वाले परिदों, मधुमक्खियों और फूलों का रहस्य क्या है। उसे सिखाना की अपने विचारों में पूरा यक़ीन रखे भले सब उन्हे गलत क्यों न बताएं

महत्वाकांक्षा

एफ स्कॉट फिट्जगेराल्ड ने अपनी बेटी को लिखी चिट्ठी

वो चीज़ें जिन पर सोचना जरूरी है: मेरा असल में लक्ष्य क्या है… क्या मैं लोगों को वाकई में समझता हूं और उन्हें साथ लेकर चल सकता हूं… क्या मैं खुद को ऐसा बना रहा हूं कि मेरा इस्तेमाल किया जा सके या मैं इसे नज़रअदाज कर रहा हूं…

शादी

रोनाल्ड रीगन की बेटे माइकल रीगन को शादी से पहले दी सलाह

फिजिक्स का पुराना नियम है कि आप किसी चीज़ से उतना ही हासिल करते हैं जितना उसमें आप लगाते हैं जो व्यक्ति अपनी शादी में आधी ही कोशिश लगाता है वो उससे हासिल भी आधा कर पाएगा


कामयाबी

चार्ली चैपलिन ने अपनी बेटी को लिखा पत्र

सितारा बनकर खूब चमकना लेकिन अगर कभी उत्साह और जनता से मिलने वाली तारीफों से घमण्ड होने लगे, तुम्हें मिलने वाले गुलदस्तों की खुश्बू सर चढ़ने लगे तो एक कोने में बैठ जाना और अपने दिल की आवाज़ सुनना



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