72 घंटे तक चीनी सैनिकों पर अकेले भारी पड़े थे जसवंत सिंह, आज भी इनके नाम से कांपते हैं दुश्मन

21 जनवरी 2019   |  अभय शंकर   (20 बार पढ़ा जा चुका है)

72 घंटे तक चीनी सैनिकों पर अकेले भारी पड़े थे जसवंत सिंह, आज भी इनके नाम से कांपते हैं दुश्मन - शब्द (shabd.in)

फिल्मी दुनिया अब तक देशभक्ति पर कई फिल्में बन चुकी हैं, जिसमें हाल ही में उरी बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है। देशभक्ति पर आधारित फिल्म उरी दर्शकों के बीच खूब पसंद हो रही है। उरी का जोश अभी लोगों के बीच खत्म नहीं हुआ कि एक और देशभक्त पर आधारित फिल्म रिलीज हो चुकी है। जी हां, राइफलमैन जसवंत पर आधरित फिल्म पर्दे पर आ चुकी है। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?

राइफलमैन जसवंत सिंह का नाम तो सभी ने सुना ही होगा? यदि आपने नहीं सुना है तो आपको इन पर बनी फिल्म को ज़रूर देखना चाहिए। इस फिल्म को देखने के बाद हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। और मालूम चलेगा कि 1962 में चीन हम पर भारी नहीं पड़ा था, बल्कि हम तो हालात की वजह से बौने हो गये थे। जी हां, यह फिल्म 1962 के कई बड़े राज खोल रही, जिससे भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। बता दें कि यह फिल्म सेना के जवान जसवंत सिंह पर आधारित है, जोकि 1962 में शहीद हो गये थे।

300 चीनी सैनिको पर अकेले भारी पड़े थे जसवंत सिंह


21 साल की उम्र में जसवंत सिंह रावत 72 घंटो तक अकेले चीन के 300 सैनिक से अकेले लड़े थे। भूखे प्यासे रहते हुए भी इन्होंने आखिरी सांस तक चीनी सैनिको से लड़ते रहे और आखिरी में ये शहीद हो गये। जसवंत सिंह के त्याग बलिदान और देशप्रेम को आज भी कोई भूला नहीं पाया है। ऐसे में शौर्य, देशप्रेम और बलिदान से भरी यह हैरतअंगेज कहानी पहली बार सिनेमा के पर्दे पर देखने को मिल रही है, जोकि हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर देगी।

बता दें कि पर्दे पर यह फिल्म काफी धमाल मचा रही है। इस फिल्म का नाम ’72 ऑवर्स : मार्टियर हू नेवर डाइड’ है। इस फिल्म में चौथी गढ़वाल राइफल के राइफलमैन जसवंत सिंह रावत की नूरांग में लड़ी वीरता की कहानी को दर्शाया गया है, जोकि हर किसी को देखना चाहिए। आज भी राइफमैन जसवंत सिंह रावत के नाम से चीन में दशहत होती है।

’72 ऑवर्स : मार्टियर हू नेवर डाइड’ के डायरेक्टर ने कही ये बात


फिल्म रिलीज होने के बाद ’72 ऑवर्स : मार्टियर हू नेवर डाइड’ के डायरेक्टर अविनाश ने कहा कि जब मैंने इसकी कहानी लिखी तो मैंने शहीद जसवंत सिंह की आत्मा अपने आसपास महसूस की। मुझे काफी गर्व हुआ इनकी लिखने में। अविनाश ने आगे कहा कि मेरे पिता भी सैनिक थे और बचपन में अक्सर पिता से मैं राइफलमैन जसवंत की वीरता के किस्से सुना करता था, जिससे मैं उन्हें आज पर्दे पर ले आया।

लोगों के दिलों में आज भी जिंदा है जसवंत सिंह


भूखे प्यासे 300 दुश्मनों से अकेले मुकाबला करने वाले जसवंत सिंह आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। जी हां, अरुणाचल प्रदेश के तवांग में बाबा जसवंत सिंह नाम से मंदिर बना हुआ है और उनके नाम पर एक स्थानीय क्षेत्र का नाम जसवंतगढ़ पड़ गया। ऐसे में स्थानीय लोग आज भी मानते हैं कि बाबा जसवंत सिंह72 घंटे तक 300 चीनी सैनिकों पर अकेले भारी पड़े थे जसवंत सिंह, आज भी बार्डर की करते हैं हिफाजत 72 घंटे तक 300 चीनी सैनिकों पर अकेले भारी पड़े थे जसवंत सिंह, आज भी बार्डर की करते हैं हिफाजत 72 घंटे तक 300 चीनी सैनिकों पर अकेले भारी पड़े थे जसवंत सिंह, आज भी बार्डर की करते हैं हिफाजत बॉर्डर पर उनकी रक्षा करते हैं। इतना ही नहीं, लोगों का मानना है कि जसवंत सिंह की वजह से आज हम काफी ज्यादा सुरक्षित हैं। बता दें कि आज भी जसवंत सिंह के नाम पर छुट्टियां मिलती है और उन्हें प्रमोशन मिलता है। इसके अलावा इनके जूते भी लोग साफ करके रखते हैं।

72 घंटे तक चीनी सैनिकों पर अकेले भारी पड़े थे जसवंत सिंह, आज भी इनके नाम से कांपते हैं दुश्मन

https://www.newstrend.news/207997/jaswant-singh/?fbclid=IwAR3uPuzwDDEH7JGSV6p_VTk6pqtH4AHHi7aaEeW-9nvymX25wd9f2NAuBfY

72 घंटे तक चीनी सैनिकों पर अकेले भारी पड़े थे जसवंत सिंह, आज भी इनके नाम से कांपते हैं दुश्मन - शब्द (shabd.in)

अगला लेख: इस मगरमच्छ से बहुत प्यार करते थे गांव वाले, आखिर क्यों उसके मरते ही फूट-फूट कर रोने लगे लोग



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
29 जनवरी 2019
साक्षरता और शिक्षा को सामान्यतः सामाजिक विकास के संकेतकों के तौर पर देखा जाता है। साक्षरता का विस्तार औद्योगिकीकरण, शहरीकरण, बेहतर संचार, वाणिज्य विस्तार और आधुनिकीकरण के साथ भी सम्बद्ध किया जाता है। संशोधित साक्षरता स्तर जागरूकता और सामाजिक कौशल बढ़ाने तथा आर्थिक दशा सुधारने में सहायक होता है। साक्
29 जनवरी 2019
07 जनवरी 2019
भारतीय समाज में सिंगल मदर होकर बच्चों की परवरिश करना आसान नहीं होता है, लेकिन हमारे सामने कई ऐसे उदाहरण हैं, जिससे यह साबित होता है कि इरादे मजबूत होंगे तो कायदे भी बदल जाएंगे। जी हां, अभिनेत्री अमृता ने अपने बच्चों की परवरिश अकेले की है और यही वजह है कि सारा अली खान अपनी कामयाबी का श्रेय अपनी मम्मी
07 जनवरी 2019
08 जनवरी 2019
इंदिरा गांधी देश की प्रथम प्रधानमंत्री रहीं और उन्हें ऑयरन लेडी कहा गया। एक ऐसी नेता प्रधान जिससे पाकिस्तान भी कांपता था और भारत में जिसके हर रोज चर्चे होते थे। उन दिनों कोई ऐसा भी था जिसने इंदिरा गांधी के सामने जिद भी दिखाई थी और अपनी बात भी मनवाई थी। वह शख्स जिसने इंदिर
08 जनवरी 2019
10 जनवरी 2019
मकर संक्रांति का पर्व बहुत ही जल्दी आने वाला है पूरे भारतवर्ष में मकर संक्रांति का पर्व विभिन्न प्रकार से बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है ज्योतिष की मानें तो इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है इसी वजह से मकर संक्रांति के दिन सूर्य
10 जनवरी 2019
10 जनवरी 2019
क्या आपको सड़क पर कभी गिरा हुआ पैसा मिला है? बहुत सारे ऐसे लोग होंगे जिन्हें कभी ना कभी सड़क पर गिरा हुआ पैसा जरूर मिला होगा. आपने देखा होगा कि अक्सर जब किसी को सड़क पर गिरा हुआ पैसा मिलता है तो वह उन पैसों को गरीब में दान कर देता है या फिर किसी मजदूर को दे देता है. बहुत ही
10 जनवरी 2019
07 जनवरी 2019
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले मास्टरस्ट्रोक खेला है. मोदी सरकार ने फैसला लिया है कि वह सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देगी. सोमवार को पीएम मोदी की अध्‍यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर मुहर लगाई गई. कैबिनेट ने फैस
07 जनवरी 2019
07 जनवरी 2019
तीन राज्यों से करारी हार के बाद भाजपा के कर्ता-धर्ता और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए हर कदम फूंक-फूंककर रख रहे है. लोकसभा 2019 चुनाव को मद्देनजर रखते हुए मोदी सरकार ने प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए नये साल का तोहफा दिया है. सरकार ने प्राइवेट नौकरी वाले कर्मचारियों
07 जनवरी 2019
08 जनवरी 2019
इंदिरा गांधी देश की प्रथम प्रधानमंत्री रहीं और उन्हें ऑयरन लेडी कहा गया। एक ऐसी नेता प्रधान जिससे पाकिस्तान भी कांपता था और भारत में जिसके हर रोज चर्चे होते थे। उन दिनों कोई ऐसा भी था जिसने इंदिरा गांधी के सामने जिद भी दिखाई थी और अपनी बात भी मनवाई थी। वह शख्स जिसने इंदिर
08 जनवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x