पानी को अच्छे स्वास्थ्य का स्रोत बनाने के 5 तरीके

23 जनवरी 2019   |  कमल मिश्रा   (58 बार पढ़ा जा चुका है)

पानी को अच्छे स्वास्थ्य का स्रोत बनाने के 5 तरीके

आयुर्वेद विज्ञान में साफ और ताजे पानी को अमृत के समान माना गया है, साफ और ताजा पानी आपके मन, शरीर और त्वचा को सुन्दर और स्वस्थ बनाता है । आज हम आपको वो पांच तरीके बताएंगे जिससे आप अपने पानी की सेहत को और अधिक बढ़ा सकते हैं

तुलसी



तुलसी कसारा है, जिसका मतलब है कि यह खांसी और सर्दी का दोनों का इलाज करती है। यह कफ दोष को भी संतुलित करती है और अग्नि (पाचन शक्ति) को सुधारती है।


स्टेप: 1.) 1 लीटर स्वच्छ और ताजे पानी को उबालें।

स्टेप: 2.) तुलसी के 2-3 पत्ते लें। पत्तियों को कुचलकर उबलते पानी में मिलाएं



अदरक



अदरक कफवताहार है। यह कफ और वात दोष दोनों को संतुलित करता है। इसमें आपके पैलेट को साफ रखने का गुण भी होता है।

स्टेप: 1.) अदरक को छील कर लगभग आधा इंच ताजा धो लें।

स्टेप: 2.) अदरक को मोटा मोटा कुचल लें

स्टेप: 3.) इसे 1 लीटर उबलते पानी के डालें



लौंग



अपनी सांस को ताजा रखने के अलावा, लौंग सर्दी और खांसी को रोकने और इलाज करने में भी बहुत प्रभावी है।

स्टेप:1.) लौंग के 1-2 टुकड़े लें।

स्टेप:2.) इसे एक मूसल के साफ सिरे से क्रश करें

स्टेप:3.) इसे उबलते पानी के 1 लीटर में डालें



दालचीनी



इसे कंठसुधिकर के रूप में जाना जाता है - इसका मतलब है, यह आपके गले को कफ और बलगम दूर रखता है। यह आपके शरीर को गर्म करता है और ठंड से लड़ने में आपकी मदद करता है।

स्टेप: 1.) दालचीनी के एक इंच को क्रश करें, आप दालचीनी पाउडर का उपयोग भी कर सकते हैं

स्टेप: 2.) इसे 1 लीटर उबलते पानी के में डालें


काली मिर्च



इसमें उषा शक्ति होती है, यह आपके शरीर को गर्म करती है और आपको ठंड से लड़ने में मदद करती है। यह श्वसन तंत्र भी को साफ करता है और कफ के गठन को कम करता है।

स्टेप: 1.) 2-3 काली मिर्च लें

स्टेप: 2.) उन्हें धोएं और पूरी तरह से सूखने दें।

स्टेप: 3.) काली मिर्च को मूसल के कुचल दें।

स्टेप: 4.) इसे 1 लीटर उबलते पानी के में डालें



अगला लेख: 7 फरवरी से शुरू होगा वैलेंटाइन वीक, ये हैं इन्हें मानने की वजह



हेमन्त
25 जनवरी 2019

वहह्ह्ह्ह. ..

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
22 जनवरी 2019
सनातन धर्म में ऋषियों के आधार पर आगे इनके वंशज स्थापित किए गए। जिसका हम भी हिस्सा हैं। पाणिनीकी अष्टाध्यायी में गोत्र की एक परिभाषा भी मौजूद है - ‘अपात्यम पौत्रप्रभ्रति गोत्रम्’ जिसका मतलब है कि बेटे के ब
22 जनवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x