गणतंत्र दिवस :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

26 जनवरी 2019   |  आचार्य अर्जुन तिवारी   (32 बार पढ़ा जा चुका है)

गणतंत्र दिवस :-- आचार्य अर्जुन तिवारी  - शब्द (shabd.in)

!! भगवत्कृपा हि केवलम् !! *हमारे देश में समय समय पर जहाँ धार्मिक पर्व / त्यौहार मनाये जाते हैं वहीं राष्ट्रीय पर्व मनाने की परम्परा भी रही है | राष्ट्रीय पर्व हमारे स्वाभिमान का प्रतीक हैं | सैकड़ों वर्षों की गुलामी के बाद अनगिनत बलिदान देकर हमने आजादी प्राप्त की | हमें आजादी तो मिली परंतु हमारे पास हमारा कानून नहीं था | कोई भी समाज , देश , परिवार या समाज बिना नीति / नियम के संचालित नहीं हो सकता , इस बात पर ध्यान देते हुए हमारे विद्वानों ने अंग्रेजों के कानून / नियम के स्थान अपना संविधान बनाने का निर्णय लिया एवं ९ दिसम्बर १९४७ से दिन रात मेहनत करके अपने देश का संविधान तैयार किया २४ जनवरी १९५० को यह पूर्णरूप से तैयार हुआ तथा २६ जनवरी १९५० अर्थात आज के दिन हमारे देश में लागू हुआ और हम पूर्ण रूप से स्वतंत्र हुए | बिना नीति के राजा शासन नहीं कर सकता , प्रजा को कैसे सुख प्रदान किया जाय , प्रजा के लिए हितकर क्या है ? शासन कैसे किया जाय यह सारा विधान , संविधान में ही निहित है | बिना संविधान के राष्ट्र तो क्या एक छोटा परिवार भी नहीं चल सकता | छोटे से परिवार के भी कुछ नियम होते हैं , जहाँ नीति / नियम नहीं होते हैं वह परिवार बहुत ही जल्द बिखर जाता है | अत: प्रत्येक व्यक्ति को स्थानविशेष के संविधान / नियम को पूर्ण पालन करना चाहिए |* *आज हम स्वतंत्र हैं , हमारा अपना संविधान है परंतु फिर भी आये दिन हमारे देश में समय समय समय पर अराजकता दिखाई पड़ती है | आज हमारा सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि हमारे देश में शासन के उच्चपदों पर पदासीन अधिकतर माननीय (चाहे वे राजनेता हों या शासन / प्रशासन के अधिकारी) संविधान का पालन न करके भ्रष्टाचार में लिप्त होकर अपराधी की श्रेणी में खड़े दिखाई पड़ते हैं | मैं "आचार्य अर्जुन तिवारी" आज अपने देश की दुर्दशा पर विचार करता हूँ कि आज हमारे नीति नियन्ता ही अनीति कर रहे हैं , रक्षक ही भक्षक बन गये हैं तो देश का कल्याण कैसे होगा | आज हमारे देश में यही हो रहा है , यही हमारे देश का दुर्भाग्य है | "गणतन्त्र दिवस" मनाना तभी सार्थक होगा जब हम अपने देश का सम्मान करेंगे | जिस दिन प्रत्येक भारतवासी भारत के संविधान का आदर करने लगेगा उस दिन हमारे देश से अराजकता / भ्रष्टाचार आदि स्वमेव समाप्त हो जायेगा | आज हम सबको राष्ट्र के गौरव , अपनी शान तिरंगे के नीचे खड़े होकर यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने देश के संविधान का आजीवन पालन करेंगे |* *आज के दिन अपना संविधान प्राप्त होने के पावन अवसर (गणतंत्र दिवस) पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई*

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