सुमन पवन बोदानी बनी पाकिस्तान की पहली हिन्दू महिला जज, रचा इतिहास

04 फरवरी 2019   |  अंकिशा मिश्रा   (37 बार पढ़ा जा चुका है)

सुमन पवन बोदानी बनी पाकिस्तान की पहली हिन्दू महिला जज, रचा इतिहास  - शब्द (shabd.in)

पाकिस्तान में लड़कियों के लिए कई कड़े नियम होते हैं। वहां रहने वाले लोगों को इन नियमों को मानना भी होता है, लेकिन कहते हैं ना कि जहां चाह वहां राह। एक ऐसा ही वाक्या पाकिस्तान में घटा है जिसके चलते वहां पर पहली बार कोई हिंदू महिला जज बनी हैं। बता दें सुमन पवन बोदानी नाम की ये महिला पहली महिला सिविल जज बनी हैं।

सुमन ने सिविल जज के लिए जारी हुई लिस्ट में 54वीं रैंक हासिल की। सुमन पाकिस्तान के सिंध प्रांत के कंबर शाहदादकोट इलाके में पड़ने वाले एक छोटे से गांव में रहती हैं और उसी गांव के एक जिले में उनकी नियुक्ति हुई है।



बता दें कि सुमन पाकिस्तान में एक अल्पसंख्यक समुदाय से आती हैं। बात करें उनके समुदाय की तो उसमें लड़कियां अधिकतर या तो डॉक्टर बनती हैं या शिक्षिका, लेकिन सुमन ने इन सबके विपरीत अपने करियर में लॉ को चुना। हालांकि सुमन को लॉ की पढ़ाई करने के लिए उनके समुदाय से काफी तरह के विरोधों का सामना करना पड़ा, लेकिन अपनी दृढ़ इच्छा और परिवार के सपोर्ट के चलते उन्होंने वहीं किया जो वो करना चाहती थीं।

बता दें कि सुमन ने हैदराबाद से एलएलबी की उसके बाद एलएलएम करने के लिए वो कराची के ‘शहीद जुल्फिकार अली भुट्टो इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलजी’ चली गईं। जिसको करने के बाद उन्होंने रिटायर्ड एडवोकेट जस्टिस रशीद रिज़वी की लॉ फर्म में दो साल तक प्रैक्टिस की।

जैसा की हमने बताया कि सुमन की बिरादरी वाले नहीं चाहते थे कि वो लॉ करें, लेकिन उनके परिवार वालों के सपोर्ट के चलते सुमन ने अपनी पढ़ाई पूरी की। सुमन के पिता ने उनकी पढ़ाई की बात करते हुए बताया कि वो हमेशा से चाहते थे कि उनकी बेटी वकालत करें।





‘मेरी बेटी शाहदादकोट में गरीबों को मुफ्त कानूनी मदद मुहैया कराना चाहती है. उसने भले ही चुनौतीपूर्ण पेशा चुना हो लेकिन मुझे पुरा यकीन है कि वो अपनी मेहनत और ईमानदारी से कामयाबी के शिखर पर पहुंचेगी.’

खबरों की मानें तो पवन कुमार बोदानी (सुमन के पिता) आंखों के डॉक्टर हैं। सुमन के परिवार की बात करें तो उनके घर में सभी एक बेहतर पेशे में हैं। जहां सुमन की बड़ी बहन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं तो वहीं उनकी दूसरी बहन चॉर्टेड अकाउंटेंट हैं। और उनके दो छोटे भाई कॉलेज में पढ़ रहे हैं और वो दोनों भी अपने पिता की तरह डॉक्टर बनना चाहते हैं।




सुमन के परिवार में उनके भाई-बहन की सफलता और परवरिश देखकर यही लगता है कि उनके पिता ने अपने सभी बच्चों की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

सुमन ने बताया कि ‘मैं वकील इसलिए बनी क्योंकि पिछड़े इलाकों में बहुत से गरीब लोग हैं जिन्हें कानून के बारे में कुछ नहीं पता। उन्हें किसी अच्छे वकील की बहुत ज़रूरत है जो उन्हें कानूनी मुद्दों में मदद कर सके। मेरे पिता और परिवार के समर्थन की वजह से ही मैं ये कर पाई हूं।’

सुमन ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार को दी हैं। उन्हीं के सपोर्ट से आज वो पहली एक हिंदू महिला जज बन पाई हैं।

बात करें पाकिस्तान की तो वहां पर लगभग 2 प्रतिशत हिन्दू आबादी है। हालांकि वहां पर पहले भी कई हिंदू जज रह चुके हैं साल 2005 से 2007 तक जस्टिस राणा भगवानदास कार्यकारी चीफ जस्टिस रहे थे। पर ये पहली बार है कि कोई पाकिस्तान में कोई पहली हिन्दू महिला जज बनी हैं।

अगला लेख: Basic Shiksha News: भारत में साक्षरता दर का पूर्ण विवरण



बाबूलाल
22 फरवरी 2019

प्रतिकूल परिषतिथियो को अपनी मेहनत से अनुकूल करने वालो में से एक महिला ; धन्य है ;

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
28 जनवरी 2019
ऐसा कहा जाता है कि व्यक्ति अपनी किस्मत खुद बनाता है क्योंकि व्यक्ति द्वारा किए गए कर्म के अनुसार वह अपनी किस्मत बदल सकता है लेकिन इस दुनिया में बहुत से व्यक्ति ऐसे हैं जो कड़ी मेहनत करते हैं और अच्छे कर्म भी करते हैं इसके बावजूद भी उनकी किस्मत नहीं बदल पाती है। आम भाषा में ये भी कहा जाता हैं कि हर
28 जनवरी 2019
01 फरवरी 2019
कबीर के दोहे - Kabir ke Dohe in Hindiसंत कबीर दास के दोहे गागर में सागर के समान हैं। आइये जानते हैं कबीर के कुछ सुप्रसिद्ध दोहे अर्थ सहित -
01 फरवरी 2019
21 जनवरी 2019
मै
इंसानियत की बस्ती जल रही थी, चारों तरफ आग लगी थी... जहा तक नजर जाती थी, सिर्फ खून में सनी लाशें दिख रही थी, लोग जो जिंदा थे वो खौफ मै यहा से वहां भाग रहे थे, काले रास्तों पर खून की धारे बह रही थी, हर तरफ आग से उठता धुंआ.. चारों और शोर, बच्चे, बूढ़े, औरत... किसी मै फर्क नही किया जा रहा, सबको काट रहे ह
21 जनवरी 2019
07 फरवरी 2019
“कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली” ये कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी, कभी किसी पर तंज कसते हुए, तो कभी गोविंदा के गाने में. साफ़ शब्दों में कहा जाए तो हज़ारों बार आप ये कहावत आम बोलचाल में सुन चुके होंगे. कई बार इसका इस्तेमाल किसी छोटे व्यक्ति की बड़े व्यक्ति से तुलना के लिए किया जाता है. भले ही ये कहावत म
07 फरवरी 2019
01 फरवरी 2019
आज हम आज़ादी का मजा लेते हुए अपने घरों में बड़े-बड़े मुद्दों को बड़ी आसानी से बहस में उड़ा देते है, लेकिन कभी सोचा है कि जिन्होंने अपनी जान की परवाह ना करते हुए देश को आज़ाद कराया, उनमें से जो जिंदा हैं, वो किस हाल में हैं ?ये हैं झाँसी के रहने वाले श्रीपत जी, 93 साल से भी ज्यादा की उम्र पार कर चुके श्रीप
01 फरवरी 2019
26 जनवरी 2019
!! भगवत्कृपा हि केवलम् !! *आज भारत अपना गणतंत्र दिवस मना रहा है | आज के ही दिन आजाद भारत में भारत के विद्वानों द्वारा निर्मित संविधान धरातल पर आया | भारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था तब भारत के वीर सपूतों ने अपनी जान की बाजी लगाकर अपने प्राण निछावर करके देश को आजादी दिलाई | गणतंत्र का अर्
26 जनवरी 2019
07 फरवरी 2019
कभी किसी से बिछड़ने का दुख, कभी कुछ हारने के दुख, कभी किसी की याद का दुख, कुछ ना कुछ दुख हम हमेशा झेल रहे होते हैं। इसीलिए आज हम आपके लिए कुछ ऐसे ही सैड शायरी इन हिन्दी (girls sad shayri in hindi|) लेकर आये है, जिससे कि आप अपने दुखों को भी लोगो को समझा सकें।Girls Sad Shayari in hindi #1 उतरे जो ज़िन्द
07 फरवरी 2019
21 जनवरी 2019
हर कोई व्यक्ति चाहता है कि वह अपने माता-पिता का नाम रौशन करें जिसके बारे में वह काफी सोचता है उसका ऐसा मानना होता है कि हमारे माता-पिता ने बहुत ही दुख और कष्ट झेल कर हमको इतना बड़ा किया है उसके बदले में हमारा भी यह कर्तव्य होता है कि हम अपने माता-पिता के लिए कुछ करें
21 जनवरी 2019
26 जनवरी 2019
!! भगवत्कृपा हि केवलम् !! *हमारे देश में समय समय पर जहाँ धार्मिक पर्व / त्यौहार मनाये जाते हैं वहीं राष्ट्रीय पर्व मनाने की परम्परा भी रही है | राष्ट्रीय पर्व हमारे स्वाभिमान का प्रतीक हैं | सैकड़ों वर्षों की गुलामी के बाद अनगिनत बलिदान देकर हमने आजादी प्राप्त की | हमें आजादी तो मिली परंतु हमार
26 जनवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x