सिंगल लाइफ बेहतर और मैरिड लाइफ

08 फरवरी 2019   |  श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव   (53 बार पढ़ा जा चुका है)

सिंगल लाइफ बेहतर और मैरिड लाइफ

प्रत्येक शख्स किसी खास मकसद से इस दुनिया में आया है, यदि आप सिंगल हैं तो इस का तात्पर्य यह है कि संभवतया अकेले रह कर ही आप अपना मकसद पा सकती हैं। तभी आप को सोच और परिस्थितियां इस के अनुरूप हैं यह भी हो सकता है कि आने वाले समय में आप स्वयं शादी के बंधन में बंध जाएं। मगर जब तक सिंगल हैं अपने इस स्टेटस का पौजिटिव यूज करें। नैगेटिव न सोंचे। वहीं शादी शुदा होने के भी कई मजेदार और खूबी भरे पल होतें है।

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि बहुत से लोग ऐसे हैं, जो स्वयं अपनी इच्छा से कुंआरा रहना पसंद करते हैं, उन के एि शादी से कहीं और बड़े मकसद जिंदगी में होते हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं, जो गलत व्यक्ति के साथ जीने के बजाय सिंगल लाइफ जीना ज्यादा पसंद करते हैं,

सिंगल व्यक्तियों को लोग अधूरा मानते हैं भले ही शादी किसी ऐसे शख्स से ही क्यों न हो जाए जो किसी भी तरह उसके लायक न हो, शादीशुदा हो जाना ही एक अचीवमेंट माना जाता है।

ऐसा जरूरी नहींहैं कि जो अविवाहित हैं, वे खुश नहीं रह सकते हैं, पश्चिमी देशों में करीब आधी शादियों का अंत तलाक में होता है। इसलिए शादी करना सामाजिक जीवन में सफल होने का एकमात्र तरीका नहीं है। दोनों ही विकल्पों में जीवन के अन्य क्षेत्रों की तरह ही अलग अलग जोखिम है। बहुत से लोगों हैं जो भावनात्मक रूप से शादीशुदा युवक या युवती की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत होते हैं, कुछ लोग कहते हैं कि परिवार का वंश बढ़ाने के लिए हमें शादी करना चाहिए एक बच्चे को जन्म देना चाहिए। जबकि वहीं कुछ लोग बच्चे को गोद लेना पंसद करते हैं।

विवाह के बाद इंसान अपने दोस्तों और अभिभावकों से कम कनेक्टेड रह जाता है यह सिर्फ तुरंत शादी के बाद ही नहीं वरन इस के कई सालों बाद भी यह स्थिति बनी रहती है। वे लोग जो अविवाहित रहे हैं वे अपने दोस्तों, परिवार और पड़ोसियों से ज्यादा विनीत और उदार पाए गए, उन के बजाय जो विवाहित हैें।

जिंदगी में कभी हम स्वयं तो कभी हमारे हितैषी हमारे लिए एक टाइमटेबल सैट कर देते हैं इस उम्र में पढ़ाई, इस उम्र में शादी तो इस उम्र में बच्चे, वैसे तो जिंदगी में सब कुछ समय पर होना जरूरी है मगर कई बार इस तरह की अपेक्षाएं जिदंगी को बहुत ही रोबोटिक बना डालती है और यदि समय पर कुछ करने में सफल न हों पाएं तो मानसिक तनाव पैदा हो जाता है।

क्या करें - स्वस्थ या पौजिटिव अपेक्षाएं तो स्वीकार कीजिए, मगर जिन पर हमारा वश नहीं उन की वजह से नैगेटिव सोच डैवलेप करने से बचें। अपने मैंटल अलार्म क्लॉक को बंद कर लीजिए और वर्तमान में जीने का प्रयास कीजिए। फिर देखिए जिंदगी खूबसूरत रूप में सामने आएगी।


अगला लेख: घर पर गर्भावस्था की जांच (प्रेग्नेंसी टेस्ट) कैसे करे



सही जोड़ा जीवन सुखद हो जाता है

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
13 फरवरी 2019
संगीत हर किसी की ज़िंदगी में बहुत ही महत्वपूर्ण जगह रखता है क्योंकि संगीत ही है जिससे हमें हर मूड में आराम महसूस होता है और ये हमारा मस्तिष्क को भी शांत रखने में मदद करता है। संगीत जीवन में कई कारणों से महत्वपूर्ण होता है साथ ही ज़िंदगी में बहुत ही अहम भूमिका निभाता है। संगीत के ज़रिये हम अपनी भावनाओ
13 फरवरी 2019
16 फरवरी 2019
सुशीला जो की एक मध्यम परिवार की महिला हैं॰॰॰॰॰ उसका पति मोहन गावों के बाहर एक मील में सुबह 10 बजे से रात को 11 बजे तक की नौकरी करता हैं. सुशीला और मोहन के अलावा घर में बापूजी भी साथ रहते हैं. तीनो में आपस में बड़ा लगाव और प्रेम है. ये छोटा सा परिवार बड़ी ख़ुशी से अपनी ज़िंदगी जीता है. बापूजी भी आपने आप
16 फरवरी 2019
08 फरवरी 2019
इम्युनिटी पावर शरीर का वह प्राकृतिक सिस्टम है जो कुदरती रुप से हमें रोगों से दूर रखने का काम करता है। सर्दी के मौसम हवा में मौजूद नमी के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी जैसे रोग बढ़ जाते हैं। इनसे राहत पाने और इंफैक्शन से बचने के लिए डाइट का खास ख्याल रखने की बहुत जरूरत है ताकि रोगों से लड़ने की शक्ति कायम रह
08 फरवरी 2019
09 फरवरी 2019
नींद में कुछ लोग बड़बड़ाने लगते हैं जिससे ना सिर्फ उनकी नींद टूट जाती है बल्कि कमरे में मौजूद दूसरे लोग भी परेशान हो जाते हैं। नींद में बड़बड़ाना कोई बीमारी नही है लेकिन ये इससे पता चलता है कि आपकी सेहत कुछ गड़बड़ है।क्‍यों बड़बड़ाते हैं नींद में लोग?नींद में बोलने को बड़बड़ा कहते हैं क्योंकि जब आप
09 फरवरी 2019
13 फरवरी 2019
दाम्पत्य जीवन में प्राय: पारिवारिक विवादों के कैक्टस: स्वत: ही उग जाते हैं। कभी मां बेटे के कान भरती है, तो कभी बेटी मां के कान भरती है। आस पास पड़ोस में रहने वाली औरतें भी सास से बहु को सिर पर न चढ़ाने की सलाह देती रहती हैं। कभी नंद-भाभी तो कभी देवरानी-जेठानी आदि रिश्तों को कहीं न कहीं थोड़ी बहुत खटा
13 फरवरी 2019
06 फरवरी 2019
प्
प्रार्थना जितनी सरल होती शायद ही कुछ इतना सरल हो, मैं यहाँ पर उतने ही कम शब्दों में और इसके बारे में कहना चाहूँ की प्रार्थना जितनी निःशब्द रहे उतनी सरल और तेज प्रभाव वाली होती है। शब्दों में कमी रह सकती है मगर निःशब्द प्रार्थना बहुत कुछ कहती है।वैसे प्रार्थना निवेदन करके ऊर्जा प्राप्त करने की शक्ति
06 फरवरी 2019
05 फरवरी 2019
तुलसी दास कहते हैं- 'भाव-अभाव, अनख-आलसहुं, नाम जपत मंगल दिषी होहुं।' भाव से, अभाव से, बेमन से या आलस से, और तो और, यदि भूल से भी भगवान के नाम का स्मरण कर लो तो दसों दिशाओं में मंगल होता है। भगवान स्वयं कहते हैं, भाव का भूखा हूं मैं, और भाव ही इक सार है, भाव बिन सर्वस्व भी दें तो मुझे स्वीकार नहीं! ऐ
05 फरवरी 2019
09 फरवरी 2019
मौन की महिमा अपरंपार है, इसके महत्व को शब्दों के जरिए अभिव्यक्त करना संभव नहीं है।प्रकृति में सदैव मौन का साम्राज्य रहता है। पुष्प वाटिका से हमें कोई पुकारता नहीं, पर हम अनायास ही उस ओर खिंचते चले जाते हैं। बड़े से बड़े वृक्षों से लदे सघन वन भी मौन रहकर ही अपनी सुषमा से सारी वसुधा को सुशोभित करते है
09 फरवरी 2019
09 फरवरी 2019
जैसे छींकने पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है। छींकते समय जैसे आंखे बंद हो जाती है वैसे ही महिलाएं भी चरमसुख के समय चाह कर भी आंखे नहीं खोल पातीं। दरअसल इस वक्त उनकी ग्लैंड से तरल स्त्रावित होता है जो दिमाग को आंखें बंद करने के लिए संदेश भेजता है।लवमेकिंग, दो विपर‍ित लिंग के बीच न सिर्फ एक इंटीमेसी बल्क
09 फरवरी 2019
08 फरवरी 2019
जिस प्रकार पौधा लगाने से पहले बीज आरोपित किया जाता है उसी प्रकार के युवा लड़के-लड़कियों के मन में दाम्पत्य जीवन के संबंधों के भावों को पैदा करने के लिए विवाह पूर्व ही अनेक संस्कार आरोपित किए जाते हैं। यद्यपि वे सारे के सारे विवाह के ही अंग माने जाते हैं। जैसे-हल्दी चढ़ाना, तैल चढ़ाना, कन्या पूजन, गाना ब
08 फरवरी 2019
13 फरवरी 2019
दाम्पत्य जीवन में प्राय: पारिवारिक विवादों के कैक्टस: स्वत: ही उग जाते हैं। कभी मां बेटे के कान भरती है, तो कभी बेटी मां के कान भरती है। आस पास पड़ोस में रहने वाली औरतें भी सास से बहु को सिर पर न चढ़ाने की सलाह देती रहती हैं। कभी नंद-भाभी तो कभी देवरानी-जेठानी आदि रिश्तों को कहीं न कहीं थोड़ी बहुत खटा
13 फरवरी 2019
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x