क्या है रोग प्रतिरोधक क्षमता?

08 फरवरी 2019   |  श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव   (65 बार पढ़ा जा चुका है)

क्या है रोग प्रतिरोधक क्षमता?

इम्युनिटी पावर शरीर का वह प्राकृतिक सिस्टम है जो कुदरती रुप से हमें रोगों से दूर रखने का काम करता है। सर्दी के मौसम हवा में मौजूद नमी के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी जैसे रोग बढ़ जाते हैं। इनसे राहत पाने और इंफैक्शन से बचने के लिए डाइट का खास ख्याल रखने की बहुत जरूरत है ताकि रोगों से लड़ने की शक्ति कायम रहे। आइए जानें, इस मौसम में कौन-से खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिससे इम्यूनिटी पावर बढ़े और आप कम बीमार पड़ें।


यह शरीर में जैविक क्रियाओं का संग्रह है जो रोग पैदा करने वाले जीवाणुओं को पहचान कर उन्हें मारने का काम करते हैं। इससे व्यक्ति का रोगों से बचाव रहता है। जब इस शारीरिक प्रणाली में बाधा उत्पन्न होनी शुरू हो जाए तब अस्वस्थ कोशिकाएं पनपने लगती हैं और व्यक्ति बहुत जल्दी बीमारियों का शिकार हो जाता है।


खाएं ये आहार

बदलते मौसम में अपना बचाव रखने के लिए सबसे पहले खान-पान का खास ख्याल रखें। इसके लिए बैलेंस डाइट का सेवन करना बहुत जरूरी है।


खाएं मौसमी फल

स्वस्थ रहने के लिए पाचन क्रिया का सही होना बहुत जरूरी है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मौसमी फलों का सेवन जरूर करें। संतरा, अमरूद का सेवन इस समय बेस्ट है। इससे एसिडिटी की परेशानी नहीं होती और विटामिन सी रोगों से लड़ने में मदद करता है।


तुलसी व लेमन टी

तुलसी का इस्तेमाल बहुत सारी आयुर्वेदिक दवाइयों में किया जाता है। सर्दी के मौसम में रोजाना 2-3 तुलसी के पत्ते जरूर खाएं। इसके अलावा तुलसी का चाय या लेमन टी में शहद डालकर भी पी सकते हैं। इनकी तासीर गर्म होती है जो ठंड़े से बचाव करती है।


प्रोटीन बहुत जरूरी

शरीर में प्रोटीन की कमी होने से भी शरीर जल्द रोगों का शिकार होने लगता है। इसके लिए आप दूध, दही, सोयाबीन, अंडा, मछली आदि का सेवन कर सकते हैं।


खाएं हरी सब्जियां

सर्दी-जुकाम जैसी छोटी-छोटी परेशानियों से बचने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों का इस मौसम में खूब सेवन करें। इससे शरीर में विटामिन और खनिज पदार्थों की कमी पूरी हो जाती है।


इन चीजों से बनाएं दूरी

सर्दी के मौसम में ठंडी तासीर वाली चीजें खाने से परहेज करें। इस समय ज्यादा मसालेदार भोजन, खट्टी और तली हुई चीजें न खाएं। किसी तरह का फ्लू है तो मास्क पहन कर रखें और बासी चीजों का सेवन न करें।

अगला लेख: घर पर गर्भावस्था की जांच (प्रेग्नेंसी टेस्ट) कैसे करे



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
06 फरवरी 2019
मन्वन्तर एक संस्कॄत शब्द है, जिसका संधि-विच्छेद करने पर = मनु+अन्तर मिलता है। इसका अर्थ है मनु की आयु. प्रत्येक मन्वन्तर एक विशेष मनु द्वारा रचित एवं शासित होता है, जिन्हें ब्रह्मा द्वारा सॄजित किया जाता है। मनु विश्व की और सभी प्राणियों की उत्पत्ति करते हैं, जो कि उनकी आयु की अवधि तक बनती और चलती र
06 फरवरी 2019
09 फरवरी 2019
नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के तहत अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) की स्‍थापना की इसका क्या काम है कृपया बताएं.
09 फरवरी 2019
06 फरवरी 2019
त्याग, संघर्षपूर्ण जीवन, नि: स्वार्थ सेवा और निष्काम भक्तिरामायण और रामचरित मानस में भगवान श्रीराम की वनयात्रा में माता शबरी का प्रसंग सर्वाधिक भावपूर्ण है। भक्त और भगवान के मिलन की इस कथा को गाते सुनाते बड़े-बड़े पंडित और विद्वान भाव विभोर हो जाते हैं। माता शबरी का त्याग और संघर्षपूर्ण जीवन, नि: स्व
06 फरवरी 2019
07 फरवरी 2019
घर पर गर्भावस्था की जांच (प्रेग्नेंसी टेस्ट) करने से आपके पेशाब में गर्भावस्था के हॉर्मोन ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोफिन की मौजूदगी का पता चलता है। अधिकांश टेस्ट माहवारी चूकने के पहले दिन ही आपको बता सकते हैं कि आप गर्भवती हैं या नहीं। अधिक संवेदनशील जांचे तो आपकी माहवारी की नियत तिथि से कुछ दिन पहल
07 फरवरी 2019
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x