क्या महिमा है मौन साधना की?

09 फरवरी 2019   |  श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव   (76 बार पढ़ा जा चुका है)

क्या महिमा है मौन साधना की?

मौन की महिमा अपरंपार है, इसके महत्व को शब्दों के जरिए अभिव्यक्त करना संभव नहीं है।

प्रकृति में सदैव मौन का साम्राज्य रहता है। पुष्प वाटिका से हमें कोई पुकारता नहीं, पर हम अनायास ही उस ओर खिंचते चले जाते हैं। बड़े से बड़े वृक्षों से लदे सघन वन भी मौन रहकर ही अपनी सुषमा से सारी वसुधा को सुशोभित करते हैं। धरती अपनी धुरी पर शान्त चित्त बैठी सबका भार सम्भाले हुए है। पहाड़ों की ध्वनि किसी ने सुनी नहीं, पर उन्हें अपनी महानता का परिचय देने के लिए उद्घोष नहीं करना पड़ा। पानी जहाँ गहरा होता है, वहाँ अविचल शान्ति संव्याप्त होती है।

मौन की क्षमता वस्तुतः असीम है। महर्षि रमण के सम्बन्ध में कहा जाता है कि वे मूक भाषण देते थे। आश्रम पर आदमी तो क्या पशु पक्षी भी आकर सदा उनके चारों ओर मंडराते रहते थे। हिरन और शेर एक साथ उनके सत्संग का लाभ लेकर चुपचाप चले जाते। यह मौन साधना की चरम परिणति है। एकाकी, मौन बने रहकर बड़ी से बड़ी सृजनात्मक कल्पनाओं को मूर्त रूप दिया जा सकता है तथा अपार आनन्द की अनुभूति की जा सकती है। वाणी में तेज एवं ओज, शान्ति बनाये रखने पर ही आता है और यह सम्भव है मात्र मौन साधना से। संचित कमाई को अच्छे प्रयोजन में कभी-कभी खर्च करने पर काम तो सफल होता ही है आत्मिक शान्ति भी प्राप्त होती है। ठीक वैसे ही मौन रहकर वाणी को नियन्त्रित किया जा सकता है। विद्वानों ने शान्ति को ‘जीवन का हीरा’ जिसे कभी नष्ट नहीं होने देना चाहिए तथा वाणी से अभिव्यक्त एक-एक शब्द को मोती की संज्ञा दी है। हमें उसी रूप में इसे खर्च करना चाहिए। वाणी मौन के अभ्यास से ही प्रखर होती तथा प्रभावोत्पादक बनती है।

व्यावहारिक जीवन में भी मौन विशेष महत्वपूर्ण है। जीवन मार्ग में आयी बाधाओं को मौन रहकर ही चिन्तन कर टालना सम्भव हो पाता है। योगी राज भर्तृहरि ने मौन को ज्ञानियों की सभा में अज्ञानियों का आभूषण बताया है।

कबीर कहते हैं-वाद विवादे विषघना, बोले बहुत उपाध।

आध्यात्मिक साधनाओं में मौन का अपना विशेष महत्व है क्योंकि उसके सहारे अंतर्मुखी बनने का अवसर मिलता है। निरर्थक चर्चा में जो शक्ति का अपव्यय होता है उससे बचने की स्थिति सहज ही बन जाती है।

अगला लेख: घर पर गर्भावस्था की जांच (प्रेग्नेंसी टेस्ट) कैसे करे



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
06 फरवरी 2019
मन्वन्तर एक संस्कॄत शब्द है, जिसका संधि-विच्छेद करने पर = मनु+अन्तर मिलता है। इसका अर्थ है मनु की आयु. प्रत्येक मन्वन्तर एक विशेष मनु द्वारा रचित एवं शासित होता है, जिन्हें ब्रह्मा द्वारा सॄजित किया जाता है। मनु विश्व की और सभी प्राणियों की उत्पत्ति करते हैं, जो कि उनकी आयु की अवधि तक बनती और चलती र
06 फरवरी 2019
08 फरवरी 2019
जिस प्रकार पौधा लगाने से पहले बीज आरोपित किया जाता है उसी प्रकार के युवा लड़के-लड़कियों के मन में दाम्पत्य जीवन के संबंधों के भावों को पैदा करने के लिए विवाह पूर्व ही अनेक संस्कार आरोपित किए जाते हैं। यद्यपि वे सारे के सारे विवाह के ही अंग माने जाते हैं। जैसे-हल्दी चढ़ाना, तैल चढ़ाना, कन्या पूजन, गाना ब
08 फरवरी 2019
09 फरवरी 2019
नींद में कुछ लोग बड़बड़ाने लगते हैं जिससे ना सिर्फ उनकी नींद टूट जाती है बल्कि कमरे में मौजूद दूसरे लोग भी परेशान हो जाते हैं। नींद में बड़बड़ाना कोई बीमारी नही है लेकिन ये इससे पता चलता है कि आपकी सेहत कुछ गड़बड़ है।क्‍यों बड़बड़ाते हैं नींद में लोग?नींद में बोलने को बड़बड़ा कहते हैं क्योंकि जब आप
09 फरवरी 2019
09 फरवरी 2019
एक राजा की दो पत्नियां थी। प्रथम पत्नि सांवली थी वह राजा को बिल्कुल पंसद नहीं थी वहीं दूसरी पत्नि बहुत सुंदर देह व आकर्षक थी। राजा हमेशा दूसरी पत्नि को अपने साथ रखता था। वह उसकी अचूक एवं आकर्षक सुन्दरता में डूबा रहता था प्रथम पत्नि सुशील एवं बहुत गुण थी लेकिन उसका रंग सावंला होने के कारण राजा उसे पस
09 फरवरी 2019
06 फरवरी 2019
प्
प्रार्थना जितनी सरल होती शायद ही कुछ इतना सरल हो, मैं यहाँ पर उतने ही कम शब्दों में और इसके बारे में कहना चाहूँ की प्रार्थना जितनी निःशब्द रहे उतनी सरल और तेज प्रभाव वाली होती है। शब्दों में कमी रह सकती है मगर निःशब्द प्रार्थना बहुत कुछ कहती है।वैसे प्रार्थना निवेदन करके ऊर्जा प्राप्त करने की शक्ति
06 फरवरी 2019
08 फरवरी 2019
प्रत्येक शख्स किसी खास मकसद से इस दुनिया में आया है, यदि आप सिंगल हैं तो इस का तात्पर्य यह है कि संभवतया अकेले रह कर ही आप अपना मकसद पा सकती हैं। तभी आप को सोच और परिस्थितियां इस के अनुरूप हैं यह भी हो सकता है कि आने वाले समय में आप स्वयं शादी के बंधन में बंध जाएं। मगर जब तक सिंगल हैं अपने इस स्टेटस
08 फरवरी 2019
08 फरवरी 2019
इम्युनिटी पावर शरीर का वह प्राकृतिक सिस्टम है जो कुदरती रुप से हमें रोगों से दूर रखने का काम करता है। सर्दी के मौसम हवा में मौजूद नमी के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी जैसे रोग बढ़ जाते हैं। इनसे राहत पाने और इंफैक्शन से बचने के लिए डाइट का खास ख्याल रखने की बहुत जरूरत है ताकि रोगों से लड़ने की शक्ति कायम रह
08 फरवरी 2019
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x