किस कारण से व्यक्ति नींद में बड़बड़ाने लगता हैं ?

09 फरवरी 2019   |  श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव   (51 बार पढ़ा जा चुका है)

किस कारण से व्यक्ति नींद में बड़बड़ाने लगता हैं ?

नींद में कुछ लोग बड़बड़ाने लगते हैं जिससे ना सिर्फ उनकी नींद टूट जाती है बल्कि कमरे में मौजूद दूसरे लोग भी परेशान हो जाते हैं। नींद में बड़बड़ाना कोई बीमारी नही है लेकिन ये इससे पता चलता है कि आपकी सेहत कुछ गड़बड़ है।

क्‍यों बड़बड़ाते हैं नींद में लोग?

नींद में बोलने को बड़बड़ा कहते हैं क्योंकि जब आप बड़बड़ाते हैं तो आपके वाक्य आधे-अधूरे और अस्पष्ट होते हैं। ये एक प्रकार का पैरासोमनिया है जिसका मतलब होता है सोते समय अस्वाभाविक व्यवहार का करना। लेकिन इसे बीमारी नहीं माना जाता। रात में बड़बड़ाते हुए आप कभी-कभी ख़ुद से ही बात करने लगते हैं जो ज़ाहिर है सुनने वाले को अजीब या भद्दा लग सकता है। नींद में बड़बड़ाने वाले एक समय में 30 सेकेंड से ज्यादा नहीं बोलते है।

कौन बड़बड़ाते हैं नींद में?

3 से 10 साल के क़रीब आधे से ज़्यादा बच्चें अपनी नींद में बडबड़ा कर अपनी बात पूरी करते हैं। इसी तरह 5 फीसद बड़े में नींद में बड़बड़ाते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि ऐसे लोग जो बात करते करते सो जाते है, उसी बात को वे नींद में बडबड़ाकर पूरा करते हैं। ऐसा कभी-कभी होता है या कई बार हर रात भी हो सकता है। 2004 के अध्ययन के अनुसार हर 10 में से 1 बच्चा सप्ताह में कई बार नींद में बड़बड़ाता है। ये समस्या लड़कियों और लड़कों में समान होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा अनुवाशिंक भी हो सकता है।

नींद में बड़बड़ाने के लक्षण

नींद के चार दौर होते हैं। पहले में नींद लगभग आने की स्थिति होती है। इस स्थिति में कोई भी व्‍यक्ति 5 से 10 मिनट तक रहता है और इसके बाद वह नींद के अगले दौर में चला जाता है। दूसरे दौर में व्‍यक्ति कम से कम 20 मिनट तक रहता है। इस दौर में दिमाग़ काफी सक्रिय होता है। तीसरे दौर में व्‍यक्ति गहरी नींद में चला जाता है। इस दौरान दिमाग़ ज़्यादा काम नहीं करता है और शरीर आराम की स्थिति में रहता है। इस दौर में आसपास होने वाले शोर शराबे आदि का सोने वाले व्‍यक्ति पर कोई असर नहीं होता।

नींद में बड़बड़ाने के कारण

बुरे या डरावने सपने भी नींद में बड़बड़ाने का कारण होत हैं। कई बार हम जिस बारें में सोच रहे होते है वहीं चीजे हमारे सपनों में आने लगती है। हालांकि डॉक्टर्स इस बात की पुष्टि नहीं करते है। नींद में बड़बड़ाना से कोई नुकसान तो नही होता लेकिन नींदमें बड़बड़ाना विकार या स्वास्थ्य संबंधी बीमारी के ओर संकेत करता है।

नींद में बड़बड़ाने की समस्या से छुटकारा पाने के उपाय क्या हैं ?

नींद में बड़बड़ाने की आदत, सामान्य तौर पर कोई विशेष बीमारी नहीं है, इसलिए इसका कोई विशेष उपचार भी नहीं है, लेकिन आप निम्न उपायों के द्वारा बहुत हद तक इस आदत से निजात पाने में सफल हो सकते हैं।

  • विशेष रूप से नियमित तौर से, सोने के पूर्व अपने हाथ, पैर और मुंह को ठंडे पानी से धोकर सोने जाएं।
  • नियमित योग के द्वारा मन को और दिमाग को शांत रखने का प्रयास करें।
  • ज्यादा मानसिक चिंता या तनाव मन में ना रखें।
  • सोते समय सकारात्मक और अच्छे विचार मन में रखें।
  • एक स्लीपिंग डायरी तैयार करें, जिसमें 2 सप्ताह का टेबल बनाकर सारे विवरण लिखें, जैसे आपके सोने जाने का समय, कब सोए, कब जगे, कब बडबडाये। इसे नोट करें।
  • किस दिन कौन-सी दवा खाई थी? इसे भी लिखें।
  • अपने डॉक्टर से सभी समस्याएँ ठीक से बताएं, कुछ भी न छुपाएँ।
  • सोने के पूर्व कॉफी, चाय आदि कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन ना करें।
  • इस आदत से निपटने के लिए, अपने घरवालों या दोस्तों की सहायता लें।
  • सोने के पूर्व रात को कभी भी डरावने या बुरे विचारों वाले सीरियल और मूवी ना देखें।
  • इन सब उपायों से आपको अच्छी और गहरी नींद आने की संभावना अधिक रहेगी, जिससे आपके बड़बड़ाने की आदत पर रोक लगेगी और आप बिना किसी बाधा के अपनी नींद पूरी कर पाएंगे।

अगला लेख: घर पर गर्भावस्था की जांच (प्रेग्नेंसी टेस्ट) कैसे करे



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
07 फरवरी 2019
नींद व्यक्ति की सबसे ज्यादा आवश्यक है, बिना नींद या कम नींद के हम कई बीमारियों और समस्याओं के शिकार हो सकते हैं.जिस तरह पोषण के लिए आहार की जरुरत होती है उसी तरह थकान मिटने के लिए पर्याप्त नींद की जरुरत होती है, निद्रा के समय मस्तिष्क सर्वथा शान्त, निस्तब्ध या निष्क्रिय होता हो, सो बात नहीं। पाचन तं
07 फरवरी 2019
07 फरवरी 2019
नींद व्यक्ति की सबसे ज्यादा आवश्यक है, बिना नींद या कम नींद के हम कई बीमारियों और समस्याओं के शिकार हो सकते हैं.जिस तरह पोषण के लिए आहार की जरुरत होती है उसी तरह थकान मिटने के लिए पर्याप्त नींद की जरुरत होती है, निद्रा के समय मस्तिष्क सर्वथा शान्त, निस्तब्ध या निष्क्रिय होता हो, सो बात नहीं। पाचन तं
07 फरवरी 2019
07 फरवरी 2019
नींद व्यक्ति की सबसे ज्यादा आवश्यक है, बिना नींद या कम नींद के हम कई बीमारियों और समस्याओं के शिकार हो सकते हैं.जिस तरह पोषण के लिए आहार की जरुरत होती है उसी तरह थकान मिटने के लिए पर्याप्त नींद की जरुरत होती है, निद्रा के समय मस्तिष्क सर्वथा शान्त, निस्तब्ध या निष्क्रिय होता हो, सो बात नहीं। पाचन तं
07 फरवरी 2019
06 फरवरी 2019
प्
प्रार्थना जितनी सरल होती शायद ही कुछ इतना सरल हो, मैं यहाँ पर उतने ही कम शब्दों में और इसके बारे में कहना चाहूँ की प्रार्थना जितनी निःशब्द रहे उतनी सरल और तेज प्रभाव वाली होती है। शब्दों में कमी रह सकती है मगर निःशब्द प्रार्थना बहुत कुछ कहती है।वैसे प्रार्थना निवेदन करके ऊर्जा प्राप्त करने की शक्ति
06 फरवरी 2019
07 फरवरी 2019
घर पर गर्भावस्था की जांच (प्रेग्नेंसी टेस्ट) करने से आपके पेशाब में गर्भावस्था के हॉर्मोन ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोफिन की मौजूदगी का पता चलता है। अधिकांश टेस्ट माहवारी चूकने के पहले दिन ही आपको बता सकते हैं कि आप गर्भवती हैं या नहीं। अधिक संवेदनशील जांचे तो आपकी माहवारी की नियत तिथि से कुछ दिन पहल
07 फरवरी 2019
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x