कई बीमारियों को जड़ से खत्म करता है भुजंगासन

11 फरवरी 2019   |  मिताली जैन   (27 बार पढ़ा जा चुका है)

कई बीमारियों को जड़ से खत्म करता है भुजंगासन - शब्द (shabd.in)

पिछले कुछ समय से योग के महत्व को पूरी दुनिया ने समझा है और यही कारण है कि कई तरह की शारीरिक व मानसिक समस्याओं से राहत पाने के लिए अब लोग योग का सहारा लेने लगे हैं। योग में ऐसे कई आसनों के बारे में बताया गया है जो पूरे स्वास्थ्य का बखूबी ख्याल रखते हैं। इन्हीं में से एक है भुजंगासन। इस आसन के अभ्यास के दौरान शरीर एक सर्प की भांति दिखाई देता है। यह एक बेहतरीन योगासन माना गया है क्योंकि इसके अभ्यास से कई तरह की शारीरिक समस्याओं से आसानी से निजात पाई जा सकती है। तो चलिए जानते हैं भुजंगासन करने के तरीके और उससे होने वाले लाभों के बारे में-


करने की विधि-


भुंजगासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले किसी साफ हवादार जगह पर आसन बछा कर पेट के बल लेट जाएं। अब दोनों परों को अच्छी तरह से लंबा कर के फैला दें तथा ठोड़ी को जमीन पर लगा दें। इसके बाद दोनों कुहनिया दोनों तरफ की पसलियों से सटी हुयी रख कर, दोनों हाथों की हथेलियाँ जमीन पर लगा दें। इस आसन के अभ्यास के दौरान एक बात का हमेशा ख्याल रखें कि दोनों हाथों के पंजे, हमेशा दोनों कंधों के ठीक नीचे जमीन पर लगे होने चाहिए।

अब अपनें सिर को भी जमीन से लगा दें और फिर अपनी दोनों आँखें बंद कर के सांस शरीर के अंदर भरते हुए धीरे धीरे ठोड़ी को ऊपर उठाएँ। उसके बाद गर्दन को ऊपर आकाश की तरफ उठाएँ। फिर अपनी छाती को धीरे धीरे ऊपर उठाएँ और उसके बाद अपने पेट के भाग को धीरे धीरे ऊपर उठा लें।

अब आगे, गर्दन को ऊपर की ओर ले जाते हुए पीठ को पीछे की ओर जुकाना है (कमान की तरह )। ऊपर उठनें के लिए शरीर से जोर लगाएं, हाथों पर हो सके उतना कम बल लगाएं। ध्यान में रखें कि इस दौरान आपके पैर न उठें। बस आपको शरीर के अग्र भाग को ऊपर उठने का प्रयत्न करना है।

यह आसन करते समय सांस सामान्य गति से अंदर लें तथा बाहर छोड़े। अब कुछ क्षण इसी अवस्था में रूके। इसके बाद धीरे-धीरे ऊपर उठाए शरीर को नीचे की ओर ले जाना शुरू करें और प्रारंभिक अवस्था में लौट आए। अब कुछ क्षण रूके, उसके बाद फिर से यही अभ्यास दोहराएं। अगर आप भुजंगासन कर रहे हैं तो अंत में शवासन का अभ्यास करना भी बेहद फायदेमंद रहेगा।


रखें सावधानी


वैसे तो यह आसन बेहद लाभदायक माना गया है, लेकिन इसका सर्वाधिक लाभ उठाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। सबसे पहले तो कभी भी इस आसन को करते समय एकदम से पीछे की तरफ बहुत अधिक न झुकें। इससे आपकी छाती या पीठ की माँस-पेशियों में खिंचाव आ सकता है तथा बाँहों और कंधों की पेशियों में भी बल पड़ सकता है जिससे दर्द पैदा होने की संभावना बढ़ती है। वहीं जिन लोगों को पेट में किसी प्रकार की समस्या या पीठ में दर्द हो, वह इस आसन का अभ्यास न करें। अगर कर रहे हैं तो किसी योगा विशेषज्ञ की सलाह व उनकी देखरेख में ही करें।


लाभ ही लाभ


  1. भुजंगासन करने से शरीर को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। सबसे पहले तो यह बढ़े हुए पेट को कम करने में बेहद प्रभावी है। जो लोग अपने पेट पर जमा चर्बी से परेशान हैं, उन्हें इस आसन का अभ्यास अवश्य करना चाहिए।
  2. यह आसन पेट के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह आसन पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रेरित करता है। अगर इसका नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो पेट की कई परेशानियां जैसे कब्ज, गैस, बवासीर आदि को आसानी से दूर किया जा सकता है। इतना ही नहीं, महिलाओं के लिए भी यह बेहद लाभदायक माना गया है। इसके अभ्यास से महिलाओं को मासिक चक्र से जुड़ी समस्याओं में लाभ मिलता है तथा प्रजनन सम्बन्धी रोग भी दूर हो जाते हैं।
  3. भुजंग आसन रीढ़ की हड्डी के लिए भी बेहद लाभदायक है। नित्य इसका अभ्यास करने से पीठ की हड्डी मजबूत व लचकदार बन जाती है।
  4. भुजंगासन अस्थमा के रोगियों के लिए भी बेहद प्रभावी है। अगर अस्थमा के रोगी इसका अभ्यास करें तो श्वसन क्रिया तो बेहतर होती है ही, साथ ही गले में होने वाली सभी समस्याएं आसानी से दूर हो जाती है। दूसरे शब्दों में, यह आसन फेफड़ों की शुद्धि करता है।
  5. आयु बढ़ने के कारण से पेट के नीचे के हिस्से की पेशियां ढीली होने लगती हैं लेकिन इस आसन की मदद से पेशियों को ढीला होने से रोकने में सहायता मिलती है।
  6. यह आसन मस्तिष्क के लिए भी काफी अच्छा माना गया है। इसके अभ्यास से मस्तिष्क से निकलने वाले ज्ञानतंतु बलवान बनते है।
  7. ज्ब इस आसन का अभ्यास किया जाता है तो पूरे शरीर में एक खिंचाव आता है। इसी खिंचाव के कारण यह आसन शरीर को सुडौल एवं खूबसूरत बनाने में मदद करता है।
  8. जो व्यक्ति मधुमेह ग्रस्त हैं, उन्हें भी इस आसन का अभ्यास अवश्य करना चाहिए। दरअसल, भुजंगासन पैंक्रियाज को सक्रिय करता है और सही मात्रा में इन्सुलिन के बनने में मदद करता है। वहीं यह आसन थाइरॉइड एवं पैराथाइरॉइड ग्रंथियों को सक्रिय करने में मददगार है। जिसके कारण थायराॅइड ग्रस्त व्यक्ति को भी इस आसन का अभ्यास करने की सलाह दी जाती है।

अगला लेख: डिलीवरी के बाद निकली तोंद करती है शर्मिन्दा, बस करिए यह छोटा-सा काम



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
23 जनवरी 2019
अगर ऐसे मसाले की बात की जाए, जिसके बिना सब्जी या भोजन बनाना संभव ही न हो तो शायद सबसे पहले जुबां पर नमक का ही नाम आए। जब भी भोजन पकाया जाता है तो उसमें नमक का इस्तेमाल होता ही है। जहां एक ओर नमक भोजन के स्वाद को बढ़ाता है और कई तरह के लाभ पहुंचाता है। वहीं इसका सेवन अधिक मात्रा में करने से स्वास्थ्य
23 जनवरी 2019
01 फरवरी 2019
सिर में मालिश करने से लेकर भोजन में तड़का लगाने के लिए अक्सर सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। भले ही लोग इसे कड़वा तेल कहकर पुकारते हैं लेकिन वास्तव में यह तेल स्वास्थ्य के लिए कड़वा नहीं बल्कि औषधि सम
01 फरवरी 2019
29 जनवरी 2019
आज के समय में जिस तरह लोग अपना काफी वक्त स्क्रीन पर बिताते हैं, उसका एक सबसे बड़ा हानिकारक प्रभाव आंखों पर दिखाई देता है। कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल पर लंबे समय तक रहने के कारण आंखों में थकान या दर्द का अहसास होता है। इसके अतिरिक्त धूल-मिट्टी व प्रदूषण के चलते भी आंखें में इंफेक्शन हो जाता है, जो आंखों
29 जनवरी 2019
25 जनवरी 2019
जीरे के बिना सब्जी में तड़का भी नहीं लगता। यह भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए ही इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही लाभकारी होता है। जीरा शरीर के सभी अंगों के लिए फायदेमंद है और इसके गुणों के कारण ही भारतीय किचन में इसका एक अलग महत्व है। भोजन के अतिरिक्त भी इसे अन्य कई तरीकों से
25 जनवरी 2019
27 जनवरी 2019
आज के समय में लोग जिस तरह लगातार घंटों कंप्यूटर पर बैठकर काम करते हैं, उसके कारण गर्दन में दर्द की शिकायत होने लगती है। कई बार गलत पोजिशन में बैठने या लंबे समय तक एक ही तरह से बैठने के कारण यह परेशानी होती है। इस परेशानी से निपटने के लिए कई तरह के योगासनों का अभ्यास किया जा सकता है। तो चलिए जानते है
27 जनवरी 2019
31 जनवरी 2019
आमतौर पर महिलाएं घरमें बचत पर अधिक जोर देती हैं, जिसके कारण वह चीजों का बार-बार व एक ही कई चीज का इस्तेमालकरने में विश्वास करती हैं। फिर चाहें बात खान-पान की चीजों की हो या अन्य चीज की।अगर रोटी बच जाए तो चाउमीन बना लिया, रात की दाल बच गई तो सुबह परांठे बना लिए। इसीतरह
31 जनवरी 2019
03 फरवरी 2019
ठंड के मौसम में पुदीना मार्केट में बेहद सस्ता व आसानी से उपलब्ध होने वाली चीज है। कई तरह के पेय पदार्थों से लेकर भोजन में इसे प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। इसका इस्तेमाल करने से जहां एक ओर खाने का स्वाद बढ़ता है, वहीं दूसरी ओर इससे कई
03 फरवरी 2019
31 जनवरी 2019
आमतौर पर महिलाएं घरमें बचत पर अधिक जोर देती हैं, जिसके कारण वह चीजों का बार-बार व एक ही कई चीज का इस्तेमालकरने में विश्वास करती हैं। फिर चाहें बात खान-पान की चीजों की हो या अन्य चीज की।अगर रोटी बच जाए तो चाउमीन बना लिया, रात की दाल बच गई तो सुबह परांठे बना लिए। इसीतरह
31 जनवरी 2019
24 जनवरी 2019
हर सुबह उठकर ब्रश करने के बाद भी बहुत से लोगों के मुंह से कुछ समय बाद बदबू आने लगती है। कई बार कुछ खाने पीने से होता है तो कई बार इसके लिए मुंह से जुड़ी कुछ बीमारियां या पाचन संबंधी परेशानियां भी जिम्मेदार होती हैं। लेकिन इसके कारण व्यक्ति को किसी के सामने बात करने में भी शर्मिन्दगी का अहसास तो होता
24 जनवरी 2019
24 जनवरी 2019
हर सुबह उठकर ब्रश करने के बाद भी बहुत से लोगों के मुंह से कुछ समय बाद बदबू आने लगती है। कई बार कुछ खाने पीने से होता है तो कई बार इसके लिए मुंह से जुड़ी कुछ बीमारियां या पाचन संबंधी परेशानियां भी जिम्मेदार होती हैं। लेकिन इसके कारण व्यक्ति को किसी के सामने बात करने में भी शर्मिन्दगी का अहसास तो होता
24 जनवरी 2019
29 जनवरी 2019
आज के समय में जिस तरह लोग अपना काफी वक्त स्क्रीन पर बिताते हैं, उसका एक सबसे बड़ा हानिकारक प्रभाव आंखों पर दिखाई देता है। कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल पर लंबे समय तक रहने के कारण आंखों में थकान या दर्द का अहसास होता है। इसके अतिरिक्त धूल-मिट्टी व प्रदूषण के चलते भी आंखें में इंफेक्शन हो जाता है, जो आंखों
29 जनवरी 2019
26 जनवरी 2019
भारतीय किचन में ऐसे कई तरह के मसालों का उपयोग प्रतिदिन किया जाता है, जिनके स्वास्थ्य लाभों से अब तक लोग अनजान है। जिसके कारण इन्हें हर दिन एक ही तरह से इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन वहीं दूसरी ओर, अगर इन्हें सही तरह से प्रयोग किया जाए तो इन्हीं मसालों की मदद से कई तरह की बीमारियों से निजात पाई जा सकत
26 जनवरी 2019
28 जनवरी 2019
पीरियड्स किसी भी लड़की के शरीर का एक नेचुरल प्रोसेस है। हर 21 से 35 दिनों के बीच महिलाओं को माहवारी होती है। लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि पीरियड्स समय पर नहीं आते और महिलाएं समझती हैं कि शायद वह प्रेग्नेंट है। यकीनन माहवारी न होने का यह एक मुख्य कारण है लेकिन इसके अतिरिक्त भी ऐसी कई चीजें हैं, जो देर
28 जनवरी 2019
04 फरवरी 2019
बचपन में बच्चे ऐसे कई चीजें करते हैं, जो बड़े होते-होते कहीं पीछे छूट जाती हैं। फिर चाहे बात खेलने कूदने की हो या मस्तमौला स्वभाव की। वक्त बीतने के साथ यह सभी आदतें व्यक्ति के स्वभाव में नजर नहीं आतीं। लेकिन बचपन की ऐसी बहुत सी आदतें होती हैं, जो बड़े होने पर भी यदि बरकरार रखी जाए तो इससे कई तरह के ला
04 फरवरी 2019
01 फरवरी 2019
सिर में मालिश करने से लेकर भोजन में तड़का लगाने के लिए अक्सर सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। भले ही लोग इसे कड़वा तेल कहकर पुकारते हैं लेकिन वास्तव में यह तेल स्वास्थ्य के लिए कड़वा नहीं बल्कि औषधि सम
01 फरवरी 2019
03 फरवरी 2019
ठंड के मौसम में पुदीना मार्केट में बेहद सस्ता व आसानी से उपलब्ध होने वाली चीज है। कई तरह के पेय पदार्थों से लेकर भोजन में इसे प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। इसका इस्तेमाल करने से जहां एक ओर खाने का स्वाद बढ़ता है, वहीं दूसरी ओर इससे कई
03 फरवरी 2019
28 जनवरी 2019
पीरियड्स किसी भी लड़की के शरीर का एक नेचुरल प्रोसेस है। हर 21 से 35 दिनों के बीच महिलाओं को माहवारी होती है। लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि पीरियड्स समय पर नहीं आते और महिलाएं समझती हैं कि शायद वह प्रेग्नेंट है। यकीनन माहवारी न होने का यह एक मुख्य कारण है लेकिन इसके अतिरिक्त भी ऐसी कई चीजें हैं, जो देर
28 जनवरी 2019
26 जनवरी 2019
भारतीय किचन में ऐसे कई तरह के मसालों का उपयोग प्रतिदिन किया जाता है, जिनके स्वास्थ्य लाभों से अब तक लोग अनजान है। जिसके कारण इन्हें हर दिन एक ही तरह से इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन वहीं दूसरी ओर, अगर इन्हें सही तरह से प्रयोग किया जाए तो इन्हीं मसालों की मदद से कई तरह की बीमारियों से निजात पाई जा सकत
26 जनवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x