गिलोय के बुखार में चमत्कारी प्रभाव व उपयोग

19 फरवरी 2019   |  सतीश कालरा   (90 बार पढ़ा जा चुका है)

सामान्यता गिलोय का क्वाथ बुखार एवं अनेक रोगों मे किया जाता है। गिलोय को अमृता, अर्थात कभी ना सूखने वाली बेल कहते है । अंग्रेजी मे इसे tinospora कहते है। गिलोय को अलग अलग भाषा मे गडूची, अमृवल्ली, गूलवेल, मधुपर्णी, कुन्डलिनी आदि नमो से जाना जाता है। गिलोय की बेल जिस पेड़ पर चढ़ती है उस पेड़ के गुण अपने अंदर समा लेती है। नीम पर चढ़ी गिलोय( Neem giloy) की बेल सबसे उत्तम मानी जाती है।इसका वैज्ञानिक नाम tinospora cordifolia (Willd.) है ।

Giloy ki bale

गिलोय त्रिदोष शामक है ,ये कफ और पित्त का शमन करता है। अमाशय की अम्लता इससे कम होती है। ये हृदेय को बल देने वाली है, कमजोरी, मधुमेह, त्वचा तथा कई प्रकार के ज्वर मे उत्तम कार्य करती है शरीर के जिस भाग मे भी जीवाणु शांत अवस्था मे पड़े हो वहाँ पहुँच कर उसका नाश करती है। गिलोय का उपयोग शरीर मे इंसुलिन की उत्पत्ति व रक्त मे इसकी घुलनशीलता को बढ़ाती है । इससे सुगर कम होती है।

यह भी जाने: Aloe vera ke gun, fayde tatha upyog


गिलोय की पत्ती व तना


एक हफ्ते से अधिक चलने वाले ज्वर मे 40-45 ग्राम नीम गिलोय को कुचल कर 250 ग्राम पानी मे मिला कर किसी मिट्टी के बर्तन मे रात भर ढक कर रखते है । सुबह इसे मसल कर व छान कर इसकी 20-25ग्राम मात्रा दिन मे तीन बार पीने से ज्वर का नाश होता है।

गिलोय के सवरस की 20 ग्राम मात्रा मे 1 ग्राम पिपली व 1 चम्मच शहद मिला कर प्रातः एवं शाम को सेवन करने से ज्वर,कफ,अरुचि आदि रोग नष्ट होते है।

यह भी जाने:- Giloy का उपयोग fiver एवं अनेक रोगों मे कैसे करें

गिलोय व अण्डुसा छाल की बराबर मात्रा, आधा ली. पानी मे पकाय जब चौथा हिस्सा बाकी रह जाए तो ठंडा करके शहद मिला कर पीने से सर्दी,बुखार खांसी शांत होती है।

गिलोय की 10-20 ग्राम मात्रा मिश्री के साथ सेवन करने से पित्त की परेशानी नही होती। शहद के साथ सेवन करने से कफ का नाश होता है। सौंठ के साथ सेवन करने से आमवात मिटता है । इसका उपयोग रोग के अनुसार उचित अनुपात मे सात दिनों तक करना चाहिए। गिलोय का उपयोग बुखार एवं अनेक रोगों मे बहुता किया जाता है।


अगला लेख: एक धार्मिक कहानी तुलसी कौन थी, और इसका विवाह किसके साथ हुआ था



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
04 मार्च 2019
Third party image referenceआजकल हर व्यक्ति आंखो की रोशनी को लेकर चिंतित है । आवश्यकता से अधिक दिमाग की मेहनत, तेज रोशनी वाली वस्तुओं को ज्यादा निकट से देखना, जरूरत से अधिक मोबाइल का प्रयोग और मस्तिष्क व स्नायु की कमजोरी से भी आंखों की रोशनी जल्दी कम हो जाती है । लेकिन प्रकृति में अपने आप से बहुत सी
04 मार्च 2019
02 मार्च 2019
हम लोगो की जिंदगी में सब्जियों का बहुत महत्व है। सब्जियां हम हर रोज ही खाते हैं, सब्जियां न सिर्फ हमारे भोजन का स्वाद बढाती हैं, बल्कि सब्जियां स्वास्थ्य के लिये बहुत ही लाभदायक भी होती हैं, हर सब्जी की अपनी एक अलग उपयोगिता होती है,पर इसके बावजूद कुछ सब्जियां हमारी स्वास्थ के लिए बहुत अच्छी होती हैं
02 मार्च 2019
24 फरवरी 2019
होंठ बहुत ही संवेदनशील होते हैं, हर मौसम का इस पर प्रभाव पड़ता है । मौसम के प्रभाव से ही होंठ फटते हैं, जाड़े के दिनों में कुछ ज्यादा ही प्रभाव पड़ता है । हॉट फटने से हसने बोलने में परेशानी तो होती है, पर देखने में भी अच्छा नहीं लगता है । होंठो के फटने का कारण ठंडा मौसम, विटामिन ए तथा विटामिन बी की
24 फरवरी 2019
19 फरवरी 2019
भारत में चंदन को बहुत ही स्वच्छ व पवित्र माना जाता है, इसकी लकड़ी पीले रंग की और भारी होती है, जो वर्षों से अपनी खुशबू के लिए पहचानी जाती है । चन्दन के पेड़ बहत ही कीमती होते हैं और संसार में कीमत के मामले में यह दूसरे नंबर की महंगी लकड
19 फरवरी 2019
21 फरवरी 2019
आँमला उच्चकोटी का रसायन है। इसके बहुत से फायदे हैं, आँवले का उपयोग बुढ़ापा दूर रखने व जवानी बनाए रखने मे सहायक है । यह रक्त से विषैले व हानिकारक पदार्थो को निकालने मे सक्षम है । आंवलो के मौसम मे रोज सुबह व्यायाम या भ्रमण के पश्चात दो पके हुए पुष्ट आँवलों को चाबा कर खाये। अगर कछ आँवला ना खा सके तो आँ
21 फरवरी 2019
18 फरवरी 2019
नीम, त्वचा चेचक एवं कुष्ट रोग निवारक औषधी है । नीम के उपयोग से त्वचा की चेचक जैसी भयंकर बीमारिया नही होती तथा इससे रक्त शुद्ध होता है । नीम स्वास्थवर्धक एवं आरयोग्यता प्रदान करने वाला है। ये सभी प्रकार की व्याधियों को हरने वाला है, इसे मृत्यु लोक का कुल्पवृक्ष कहा जात
18 फरवरी 2019
02 मार्च 2019
आज कल मोटापा एक आम समस्या हो गई है । मोटापा तब होता है जब शरीर में चर्बी अधिक जमा हो जाती है। मोटापा की समस्या सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरे विश्व में बढ़ रही है। आज के समय में मोटापा लगभग सभी लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है तो चलिए जानते हैं इस समस्या के बारे में ।अगर आप एक हफ्ते के अंदर
02 मार्च 2019
28 फरवरी 2019
Third party image referenceआज कल की जीवन शैली की तेज गति एवं भागदौड़ वाली जिंदगी में सेहत का ध्यान रखना बहुत कठिन हो गया है । जिस कारण से आज हम युवावस्था में ही ब्लड प्रेशर, शुगर, दिल के रोग कोलेस्ट्रोल, गठिया मोटापा जैसे रोगों से ग्रसित होने लगे हैं जो कि पहले व्रद्धावस्था में होते थे, और इसकी सबसे
28 फरवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x