ऐसी बूटी जिसको लोग हाथ लगाने से घबराते हैं, जाने इसके औषधीय फायदे एवं अन्य उपयोग

04 मार्च 2019   |  सतीश कालरा   (42 बार पढ़ा जा चुका है)

Third party image reference


सर्दियों के दिनों में ठंड से बचने के लिए हर कोई प्रयास करता है । ठंड से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़े और गर्म खाने का अधिक उपयोग करते है, लेकिन ठंड नही मिटती । लेकिन क्या आपने कभी ऐसी बूटी देखी है, जो आपको सर्दी में भी गर्मी का अहसास कराती हो । और साथ ही कई प्रकार के रोगों को भी दूर करती है । उत्‍तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पायी जाने वाली एक ऐसी बूटी है, जिसे छूने से लोग घबराते हैं । इस बूटी को बिच्छू घास कहते हैं । इससे स्‍थानीये भाषा में कंडाली के नाम से जाना जाता है । इस बूटी को गलती से भी छू लिया जाए तो उस जगह खुजली व झनझनाहट शुरू हो जाती है, लेकिन इस बूटी में अनेक गुण भी हैं । इस बूटी से जैकेट, शॉल, स्टॉल, स्कॉर्फ भी तैयार किए जाते है । यह बूटी औषधीय गुणों से भरपूर होती है ।


Third party image reference


इस पौधे का वानस्पतिक नाम अर्टिका पर्वीफ्लोरा है. बिच्छू घास की पत्तियों पर छोटे-छोटे बालों जैसे कांटे होते हैं । पत्तियों के हाथ या शरीर के किसी अन्य अंग में लगते ही उसमें खुजली व झनझनाहट शुरू हो जाती है । जो कंबल से रगड़ने से दूर हो जाती है । इसका असर बिच्छु के डंक जैसा होता है । इसीलिए इसे बिच्छु घास कहा जाता है ।


Third party image reference


औषधीय गुणों से भरपूर इस पौधे का विशेष महत्व है । बिच्छू घास का प्रयोग पित्त दोष, शरीर के किसी हिस्से में मोच, जकड़न और मलेरिया के इलाज में तो होता ही है, इसके बीजों को पेट साफ करने वाली दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है । माना जाता है कि बिच्छू घास में काफी आयरन होता है । इसमें विटामिन ए, सी आयरन, पोटैशियम, मैग्निज तथा कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है । इसको प्राकृतिक मल्‍टी विटामिन नाम से भी जाना जाता है ।

यह भी पढ़े:- तुलसी (holy basil) के बुखार,सर्दी,जुकाम,खांसी में प्रयोग एवं फायदे

जंगलों में उगने वाली बिच्छू घास से उत्तराखंड में जैकेट, शॉल, स्टॉल, स्कॉर्फ व बैग तैयार किए जा रहे हैं। चमोली व उत्तरकाशी जिले में कई समूह बिच्छू घास के तने से रेशा निकाल कर विभिन्न प्रकार के उत्पाद बना रहे हैं ।

आशा करता हूं कि यह न्यूज आप को पसंद आई होगी, अगर पसंद आई हो तो लाईक व शर जरूर करें ।

धन्यवाद

अगला लेख: जाड़े के दिनों में होंठ फटने लगें तो करें यह उपाय



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
02 मार्च 2019
आज कल मोटापा एक आम समस्या हो गई है । मोटापा तब होता है जब शरीर में चर्बी अधिक जमा हो जाती है। मोटापा की समस्या सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरे विश्व में बढ़ रही है। आज के समय में मोटापा लगभग सभी लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है तो चलिए जानते हैं इस समस्या के बारे में ।अगर आप एक हफ्ते के अंदर
02 मार्च 2019
04 मार्च 2019
Third party image referenceआजकल हर व्यक्ति आंखो की रोशनी को लेकर चिंतित है । आवश्यकता से अधिक दिमाग की मेहनत, तेज रोशनी वाली वस्तुओं को ज्यादा निकट से देखना, जरूरत से अधिक मोबाइल का प्रयोग और मस्तिष्क व स्नायु की कमजोरी से भी आंखों की रोशनी जल्दी कम हो जाती है । लेकिन प्रकृति में अपने आप से बहुत सी
04 मार्च 2019
19 फरवरी 2019
सामान्यता गिलोय का क्वाथ बुखार एवं अनेक रोगों मे किया जाता है। गिलोय को अमृता, अर्थात कभी ना सूखने वाली बेल कहते है । अंग्रेजी मे इसे tinospora कहते है। गिलोय को अलग अलग भाषा मे गडूची, अमृवल्ली, गूलवेल, मधुपर्णी, कुन्डलिनी आदि नमो से जाना जाता है। गिलोय की बेल जिस पेड़ पर चढ़ती है उस पेड़ के गुण अपन
19 फरवरी 2019
19 फरवरी 2019
भारत में चंदन को बहुत ही स्वच्छ व पवित्र माना जाता है, इसकी लकड़ी पीले रंग की और भारी होती है, जो वर्षों से अपनी खुशबू के लिए पहचानी जाती है । चन्दन के पेड़ बहत ही कीमती होते हैं और संसार में कीमत के मामले में यह दूसरे नंबर की महंगी लकड
19 फरवरी 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x