शायरी

11 मार्च 2019   |  आयेशा मेहता   (39 बार पढ़ा जा चुका है)

शायरी  - शब्द (shabd.in)

ऐ ज़िन्दगी मेरी तबाही पर इतना वक़्त न जाया कर ,

मैं तेरे हर वार को हँसते हुए सह लूँगी ,

मुझे हारने की आदत नहीं ,

और तू जीत जाए ये मैं होने नहीं दूँगी ा

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