सर्वाइकल के दर्द से परेशान हैं, तो करें ये उपाय इन घरेलू नुस्खों से

19 मार्च 2019   |  सतीश कालरा   (71 बार पढ़ा जा चुका है)

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सर्वाइकल स्पांडलाइसिस (Cervical Spondolysis) गर्दन के जोड़ की हड्डी में होता है। यह गर्दन के हड्डी के डिस्क पलटने, लिगामेंट में फ्रैक्चर से भी हो सकता है । जिससे काफी असहनीय दर्द और पीड़ा का अहसास होता है। बांहों की मांसपेशियों से लेकर हाथों की उंगलियों तक दर्द महसूस होता है। खराब जीवनशैली, बैठने व खडे होने के गलत ढंग और अनुवांशिक कारणों से यह कभी भी हो सकता है। अगर आप नियमित रुप से गर्दन और बांह की कसरत करते रहें तो स्पांडलाइसिस के दर्द से आऱाम मिलता है । अपने सिर को दाएं-बांए और उपर-नीचे घुमाते रहें। इस व्यायाम को रोज 2 से 3 बार करने से काफी आराम मिलता है। इसके अलावा कुछ घरेलू नुस्खे आपको बताने जा रहे हैं, इनका प्रयोग करें ।


1.सेंधा नमक:

सेंधा नमक से स्नान करने से स्पांडलाइसिस के दर्द में काफी आराम मिलता है। सेंधा नमक में मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होने से यह शरीर के पीएच स्तर को नियंत्रित करता है, और गर्दन की अकड़न और कड़ेपन को कम करता है। सेंधा नमक का पेस्ट बना लें और उसे गर्दन के प्रभावित क्षेत्र में लगाएं, राहत मिलेगी ।


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2. हल्दी:

एक ग्लास गुनगुने दूध में एक चम्मच हल्दी डाल कर पीएं, दर्द से निजात मिलेगी और गर्दन की अकड़न भी कम होगी।


3. तिल:

तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैगनीज, विटामिन के और डी काफी मात्रा में पाई जाती है जो हमारे हड्डी और मांसपेशियों के लिए काफी जरुरी है। तिल के गर्म तेल से गर्दन की हल्की मालिश 5 से 10 मिनट तक करें, फिर वहां गर्म पानी की पट्टी लगाएं, काफी आराम मिलेगा और गर्दन की अकड़न भी कम होगी।


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4. लहसुन:

इस काम में लहसुन भी उपयोगी है । लहसुन दर्द और सूजन को कम करता है । सुबह खाली पेट पानी के साथ कच्चा लहसुन नियमित खाने से, काफी फायदा होता । तेल में लहसुन को पका कर गर्दन में मालिश भी किया जा सकता है, राहत मिलेगी।


5. गर्म व ठंडे पानी की पट्टी:

गर्दन पर पहले गर्म पानी और बाद में ठंडे पानी की पट्टी से दबाव डालें । गर्म पानी की पट्टी से ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है । इससे मांसपेशियों का खिंचाव कम होगा और दर्द से राहत मिलेगी। ठंडे पानी का पट्टी से सूजन कम हो जाती है । गर्म पानी की पट्टी 2 से 3 मिनट तक रखें और ठंडे पानी की पट्टी 1 मिनट तक रखें । इस क्रिया को 15 मिनट बाद दोबारा करें।

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इस लेख का मूल उद्देश्य जन सामान्य को आर्युवेद के प्रति जागरूक करना हैं । किसी भी जटिल रोग में नुस्खे को प्रयोग करने से पूर्व चिकित्सक की सलाह अवश्य लें लें ।


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