शुक्र का मीन में गोचर

15 अप्रैल 2019   |  डॉ पूर्णिमा शर्मा   (6 बार पढ़ा जा चुका है)

शुक्र का मीन में गोचर  - शब्द (shabd.in)

शुक्र का मीन राशि में गोचर

आज चैत्र शुक्ल एकादशी को अर्द्धरात्र्योत्तर एक बजकर चार मिनट के लगभग विष्टि करण और गण्ड योग में समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र अपने परम मित्र शनि की राशि कुम्भ से निकल कर अपनी उच्च राशि मीन में प्रस्थान कर जाएगा | इस प्रस्थान के समय शुक्र पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र पर होगा | अपने इस प्रस्थान के समय शुक्र धनिष्ठा नक्षत्र पर होगा | मीन राशि में भ्रमण करते हुए 18 अप्रेल को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र पर तथा 29 अप्रेल को रेवती नक्षत्र पर विचरण करते हुए अन्त में दस मई को मेष राशि और अश्विन नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएगा | शुक्र की अपनी राशि वृषभ से मीन राशि एकादश भाव तथा तुला से छठा भाव बनती है | अतः सामान्य तौर पर वृषभ राशि के लिए यह गोचर शुभ होने की सम्भावना है तथा तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर अधिक अनुकूल सम्भव है न रहे | तो जानने का प्रयास करते हैं कि शुक्र के मीन राशि में गोचर के समस्त राशियों पर सम्भावित परिणाम क्या रह सकते हैं...

किन्तु ध्यान रहे, ये समस्त फल सामान्य हैं | व्यक्ति विशेष की कुण्डली का व्यापक अध्ययन करके ही किसी निश्चित परिणाम पर पहुँचा जा सकता है | अतः कुण्डली का विविध सूत्रों के आधार पर व्यापक अध्ययन कराने के लिए किसी Astrologer के पास ही जाना उचित रहेगा |

मेष : आपका द्वितीयेश और सप्तमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | एक ओर तो सम्भव है आपको अपने कार्य के सिलसिले में यात्राओं में वृद्धि हो जाए और इन यात्राओं के माध्यम से आपको धन लाभ की सम्भावना की जा सकती है | वहीं दूसरी और इन यात्राओं में पैसा भी अधिक खर्च हो सकता है तथा यात्राओं के कारण स्वास्थ्य सम्बन्धी किसी समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है | यदि कहीं पेमेण्ट रुकी हुई है तो उसमें देर लग सकती है और उसके लिए प्रयास भी अधिक करना पड़ेगा | स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के कारण भी धन के व्यय होने की सम्भावना है | अपनी वाणी पर संयम रखने की भी आवश्यकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | कलाकारों को अपनी कला के प्रदर्शन के लिए यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं |

वृषभ : आपका राश्यधिपति तथा षष्ठेश होकर शुक्र का गोचर आपके लाभ स्थान में गोचर हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रतीत होता है | कार्य तथा आय में वृद्धि की सम्भावना है | रुके हुए कार्य पूर्ण होने की सम्भावना है | जो लोग अभी तक आपकी बात नहीं समझ पा रहे थे वे अब आपके सुझावों का अनुमोदन कर सकते हैं, जिसका लाभ आपको अपने कार्य में निश्चित रूप से प्राप्त हो सकता है | मित्रों तथा सहकर्मियों का सहयोग उपलब्ध रहेगा | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किसी कोर्ट केस के माध्यम से भी लाभ की सम्भावना की जा सकती है | नौकरी की तलाश में हैं तो वह भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

मिथुन : आपका पंचमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से कर्म स्थान में हो रहा है | कार्य की दृष्टि से तथा आर्थिक दृष्टि से आपके लिए उत्साह में वृद्धि के संकेत हैं जिसके कारण आप अपना कार्य समय पर पूर्ण करने में सक्षम रहेंगे | आप कलाकार हैं, कवि हैं, डेंटिस्ट हैं, केमिस्ट हैं, ब्यूटीशियन हैं अथवा किसी प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधनों के व्यवसाय से सम्बन्ध रखते हैं, टूर और ट्रेवल से सम्बन्धित व्यवसाय में, वक्ता हैं तो आपके लिए विशेष रूप से कार्य में उन्नति तथा अर्थ लाभ की सम्भावना की जा सकती है | नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा खरीदने की योजना बना सकते हैं | अपने सौन्दर्य को निखारने में आपकी रूचि इस अवधि में बढ़ेगी और इस कार्य में आप बहुत अधिक पैसा भी खर्च कर सकते हैं जिसके कारण आपका बजट गड़बड़ा एकता है, अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है |

कर्क : आपका चतुर्थेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त भाग्यवर्द्धक प्रतीत होता है | आपके पराक्रम में वृद्धि का समय प्रतीत होता है | कुछ नया कार्य आप इस अवधि में आरम्भ कर सकते हैं | कार्य तथा आय में वृद्धि के भी संकेत प्रतीत होते हैं | आप कोई नया घर अथवा वाहन भी इस अवधि में खरीद सकते हैं अथवा अपने वर्तमान आवास को ही Renovate करा सकते हैं | परिवार में किसी के विवाह आदि माँगलिक कार्य के कारण सम्बन्धियों तथा मित्रों के साथ आमोद प्रमोद का समय भी प्रतीत होता है | सपरिवार कहीं तीर्थ यात्रा अथवा देशाटन का कार्यक्रम भी बना सकते हैं | धार्मिक तथा आध्यात्मिक गतिविधियों में रूचि में भी वृद्धि हो सकती है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की खोज भी इस अवधि में पूर्ण हो सकती है |

सिंह : आपका तृतीयेश और दशमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में हो रहा है | इस अवधि में एक ओर जहाँ आपके लिए कार्य में प्रगति तथा उसके माध्यम से अप्रत्याशित लाभ की सम्भावना की जा सकती है, किसी ऐसे स्थान से प्रॉपर्टी के लाभ की सम्भावना की जा सकती है जहाँ की आपने कल्पना भी नहीं की होगी, वहीं दूसरी ओर किसी प्रकार से भी गुप्त विरोधियों की ओर से सावधान रहने की भी आवश्यकता है | आप स्वयं भी इस दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिसके कारण आपकी मान प्रतिष्ठा को किसी प्रकार की हानि होने की सम्भावना हो | कार्य में अकस्मात् ही किसी प्रकार का व्यवधान उपस्थित हो सकता है अतः सावधान रहने की आवश्यकता है | किसी सहकर्मी की ओर से आपका विरोध भी सम्भव है, अतः आँख और कान खुले रखने की आवश्यकता है | यदि आप महिला हैं तो आपको विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके भाई बहनों के लिए यह गोचर अनुकूल प्रतीत होता है | किन्तु छोटे भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद भी इस अवधि में सम्भव है |

कन्या : आपका द्वितीयेश और भाग्येश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है | आपके और आपके जीवन साथी के लिए कार्य तथा अर्थलाभ की दृष्टि से भाग्यवर्द्धक समय प्रतीत होता है | यदि आप कलाकार हैं तो आपको अपनी कला के प्रदर्शन के अनेकों अवसर इस अवधि में उपलब्ध हो सकते हैं, जिनके कारण आपके मान सम्मान में वृद्धि तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | Cosmetic और Medicine के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी यह समय अत्यन्त लाभप्रद प्रतीत होता है | आय के नवीन स्रोत आपके तथा आपके जीवन साथी के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं | अविवाहित हैं तो आपका कोई घनिष्ठ मित्र अथवा आपका कोई सहकर्मी आपकी ओर आकर्षित हो सकता है और आप उसके साथ विवाह बन्धन में बंध सकते हैं | दाम्पत्य जीवन में प्रगाढ़ता के संकेत प्रतीत होते हैं |

तुला : लग्नेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में हो रहा है | आपके लिए उत्साह में वृद्धि के योग प्रतीत होते हैं जिसके कारण आप अपने कार्य समय पर पूर्ण करने में समर्थ होंगे | आप इस समय कार्य से सम्बन्धित नवीन चुनौतियाँ भी स्वीकार करने का साहस रखते हैं, जो आपके कार्य की दृष्टि से हित में ही रहेगा | किन्तु साथ ही उन मित्रों को पहचानकर उनसे दूर होने की आवश्यकता है जो आपसे प्रेम दिखाते हैं लेकिन मन में ईर्ष्या का भाव रखते हैं | कोई कोर्ट केस अथवा कोई बीमारी आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकती है | विशेष रूप से यदि आप महिला हैं तो आपको स्वास्थ्य की और से विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | विदेश यात्राओं के भी योग प्रतीत होते हैं | इन यात्राओं के दौरान भी अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है | दाम्पत्य जीवन में कोई विवाद उत्पन्न हो सकता है |

वृश्चिक : आपके लिए आपका सप्तमेश और द्वादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके पंचम भाव में होने जा रहा है | सन्तान के साथ यदि कुछ समय से किसी प्रकार की अनबन चल रही है तो उसके दूर होने की सम्भावना इस अवधि में की जा सकती है | मान सम्मान तथा आय में वृद्धि के संकेत हैं | नौकरी के लिए इन्टरव्यू दिया है तो उसमें भी सफलता की सम्भावना है | सन्तान प्राप्ति के भी योग प्रतीत होते हैं | किन्तु आपकी सन्तान के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से यह गोचर अनुकूल नहीं प्रतीत होता | किसी गम्भीर समस्या के कारण आपकी सन्तान को Hospitalize भी होना पड़ सकता है | अविवाहित हैं तो जीवन साथी की तलाश इस अवधि में पूर्ण हो सकती है | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में माधुर्य बना अरहने की सम्भावना है |

धनु : आपके लिए आपका षष्ठेश और एकादशेश होकर शुक्र का गोचर आपके चतुर्थ भाव में हो रहा है | आपके लिए यह गोचर मिश्रित फल देने वाला प्रतीत होता है | सम्भव है आप इस अवधि में नया घर अथवा वाहन खरीद लें अथवा खरीदने की योजना बना लें | किन्तु ड्राइविंग के समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है | मान सम्मान और पुरूस्कार आदि का लाभ भी हो सकता है | सुख सुविधाओं के साधनों में वृद्धि के संकेत हैं | किन्तु साथ ही बड़े भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद कोर्ट तक भी पहुँच सकता है, अतः परिवार की किसी बुज़ुर्ग महिला की मध्यस्थता से उस विवाद को समय रहते सुलझाने का प्रयास आवश्यक है | परिवार में किसी महिला का स्वास्थ्य आपके लिए चिन्ता का विषय हो सकता है | समय रहते डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है | पोलिटिक्स से जिन लोगों का सम्बन्ध है उनके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है |

मकर : आपके लिए आपका पंचमेश और दशमेश होकर शुक्र आपके लिए योगकारक बनता है और आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए उत्साह तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत प्रतीत होते हैं | साथ ही, कार्य स्थल पर विरोधियों के स्वर भी मुखर हो सकते हैं, किन्तु आप स्वयं अपने ही बुद्धिबल से समस्त विरोधों को शान्त करने में समर्थ हो सकते हैं | हाँ भाई बहनों के साथ किसी प्रकार का विवाद कोर्ट तक पहुँच सकता है अतः इस ओर से सावधान रहने की आवश्यकता है | आपके किसी घनिष्ठ मित्र के माध्यम से आपकी भेंट किसी प्रभावशाली व्यक्ति से हो सकती है और उसके कारण आपको अपने कार्य में भी लाभ प्राप्त हो सकता है तथा आपके मान सम्मान में भी वृद्धि के संकेत हैं | रुके हुए कार्य भी इस अवधि में पूर्ण होने की सम्भावना है | कहीं पेमेण्ट रुकी हुई है तो वह भी वापस प्राप्त हो सकती है | किसी कोर्ट केस का निर्णय भी आपके पक्ष में आ सकता है |

कुम्भ : आपके लिए भी आपकी राशि से चतुर्थेश और नवमेश होकर शुक्र आपका योगकारक बनता है और आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर अत्यन्त अनुकूल प्रतीत होता है | पराक्रम तथा निर्णायक क्षमता में वृद्धि के संकेत हैं | आर्थिक रूप से स्थिति में दृढ़ता आने के साथ ही कुछ नवीन प्रोजेक्ट्स इस अवधि में प्राप्त होते रह सकते हैं जिनके कारण आप बहुत समय तक व्यस्त रहकर अर्थ लाभ भी कर सकते हैं | आपकी वाणी तथा व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर पड़ेगा और जिसके कारण आपकी प्रशंसा भी होगी तथा आपको किसी प्रकार का पुरूस्कार आदि भी प्राप्त हो सकता है | सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही मान सम्मान में वृद्धि के भी संकेत हैं | आपकी वाणी अत्यन्त प्रभावशाली है, उसका लाभ आपको अपने कार्यक्षेत्र में अवश्य प्राप्त होगा, किन्तु ऐसा कुछ मत बोलिए जिसके कारण किसी विवाद में फँसने की सम्भावना हो |

मीन : आपके लिए तृतीयेश और अष्टमेश होकर शुक्र का गोचर आपकी लग्न में ही गोचर कर रहा है | आपके लिए यह गोचर कुछ विशेष अनुकूल नहीं प्रतीत होता | एक ओर आपके आकर्षक व्यक्तित्व से लोग प्रभावित होंगे और उसका लाभ आपको अपने कार्य तथा पारस्परिक सम्बन्धों में प्राप्त हो सकता है, वहीं दूसरी ओर किसी ऐसे व्यक्ति की ओर से विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है जिसके विषय में आपने ऐसी कल्पना भी नहीं की होगी | अच्छा यही रहेगा इस समय ध्यान और प्राणायाम का सहारा लें ताकि आपके मन की शान्ति बनी रहे | Romantically यदि कहीं Involve हैं तो उस सम्बन्ध में अन्तरंगता के संकेत प्रतीत होते हैं | विवाहित हैं तो दाम्पत्य जीवन में भी माधुर्य तथा अन्तरंगता बने रहने के संकेत हैं | महिलाओं को अधिक रक्तस्राव की समस्या हो सकती है अतः अपनी Gynaecologist से नियमित चेकअप अवश्य कराती रहें |

अन्त में, ग्रहों के गोचर अपने नियत समय पर होते ही रहते हैं – यह एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसका प्रभाव मानव सहित समस्त प्रकृति पर पड़ता है | वास्तव में सबसे प्रमुख तो व्यक्ति का अपना कर्म होता है | तो, कर्मशील रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर रहें यही कामना है…

https://www.astrologerdrpurnimasharma.com/2019/04/15/venus-transit-in-pisces/

अगला लेख: साप्ताहिक राशिफल २५ मार्च से ३१ मार्च तक



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
27 मार्च 2019
घबराहट है, डर का साया है आतंकवाद ने घमासान मचाया हैमजहब या कि जिहाद के नाम पर आतंकवाद ने मौत का खेल खिलाया हैआतंकी किस मजहब का ? यह तो मानवता का दुश्मनइसमें बस आतंक समाया है मासूमों की जान से खेलाआतंकी ने सब में डर को है घोलायह ना हिन्दु, ना यह मुस्लिम यह तो ब
27 मार्च 2019
22 मार्च 2019
इंसान की खूबसूरती बालों से ज्यादा होती है और इन बालों को अच्छा बनाने के लिए लोग क्या नहीं करते हैं.बालों से ही हर किसी की सुंदरता है फिर वो महिलाएं हों या फिर पुरुष, हर कोई अपने बालों के लिए बेहतर तरीके का शैंपू और कई तरह के दूसरे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं. खासकर लड़कियों में बाल काले घने और ज
22 मार्च 2019
05 अप्रैल 2019
नवरात्र 2019 की तिथियाँकल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से घट स्थापना तथा माँदुर्गा के प्रथम स्वरूप “शैलपुत्री” की उपासना के साथ ही चैत्र नवरात्र यावासन्तिक नवरात्र या साम्वत्सरिक नवरात्र के रूप में माँ भवानी के नवरूपों की पूजाअर्चना आरम्भ हो जाएगी | यों प्रतिपदा का आरम्भ आज दिन में दो बजकर इक्कीस मिनट के लग
05 अप्रैल 2019
07 अप्रैल 2019
नवदुर्गा – द्वितीयनवरात्र - देवी के शैलपुत्री रूप की उपासनाचैत्र शुक्ल द्वितीया– दूसरा नवरात्र – माँ भगवती के दूसरे रूप की उपासना का दिन | देवी का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी का है – ब्रह्मचारयितुं शीलं यस्याः सा ब्रह्मचारिणी – अर्थात् ब्रह्मस्वरूप की प्राप्ति करना जिसका स्वभाव हो वह ब्रह्मचारिणी |यह देव
07 अप्रैल 2019
12 अप्रैल 2019
नवदुर्गा – सप्तम नवरात्र –देवी के कालरात्रि रूप की उपासनात्रैलोक्यमेतदखिलं रिपुनाशनेन त्रातंसमरमूर्धनि तेSपि हत्वा ।नीता दिवं रिपुगणाभयमप्यपास्तमस्माकमुन्मदसुरारि भवन्न्मस्ते ।।देवी का सातवाँ रूप कालरात्रि है | सबका अन्त करने वाले कालकी भी रात्रि अर्थात् विनाशिका होने के कारण इनका नाम कालरात्रि है |
12 अप्रैल 2019
20 मार्च 2019
बहुत से लोग पेट में गैस होने की समस्या से परेशान रहते है, लेकिन लोग इसे साधारण समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार पेट में गैस होने की वजह भूख की कमी, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी और पेट का फूलना माना जाता है. पेट की समस्या बीमारियों में गैस की समस्या आम होती है और ये बहुत से लोगों को
20 मार्च 2019
14 अप्रैल 2019
15 to 21 अप्रेल 2019 तक का साप्ताहिक राशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गोचर पर
14 अप्रैल 2019
23 मार्च 2019
जा
दो एक वर्षों से कई राजनेता सेना के जवानों का अपमानकरने की होड़ में लगे हैं. इन में से एक भी राजनेता ऐसा नहीं है जो सियाचिन की ठंडया रेगिस्तान की चिलचिलाती धूप में आधा घंटा भी रह पाए. जिन कठिनायों का सामनासीमा पर तैनात एक जवान करता है उसका इन्हें रत्ती भर भी अहसास नहीं है. और आश्चर्य की बात तो यह कि इ
23 मार्च 2019
21 मार्च 2019
शुक्र का कुम्भ राशि में गोचर आज दिन में सभीने रंग और उत्साह का पर्व होली धूम धाम से मनाया | सभी को एक बार पुनः इस रंगपर्वकी रंगभरी उल्लासभरी हार्दिक शुभकामनाएँ |आज फाल्गुनकृष्ण प्रतिपदा है, और आज अर्द्धरात्र्योत्तर तथा कल 22 मार्च को सूर्योदय से पूर्व तीन बजकरपैंतालीस मिनट के लगभग कौलव करण और वृद्धि
21 मार्च 2019
21 मार्च 2019
शुक्र का कुम्भ राशि में गोचर आज दिन में सभीने रंग और उत्साह का पर्व होली धूम धाम से मनाया | सभी को एक बार पुनः इस रंगपर्वकी रंगभरी उल्लासभरी हार्दिक शुभकामनाएँ |आज फाल्गुनकृष्ण प्रतिपदा है, और आज अर्द्धरात्र्योत्तर तथा कल 22 मार्च को सूर्योदय से पूर्व तीन बजकरपैंतालीस मिनट के लगभग कौलव करण और वृद्धि
21 मार्च 2019
24 मार्च 2019
25 से 31 मार्च 2019 तक का साप्ताहिक राशिफलनीचे दिया राशिफल चन्द्रमा की राशि परआधारित है और आवश्यक नहीं कि हर किसी के लिए सही ही हो – क्योंकि लगभग सवा दो दिनचन्द्रमा एक राशि में रहता है और उस सवा दो दिनों की अवधि में न जाने कितने लोगोंका जन्म होता है | साथ ही ये फलकथन केवलग्रहों के तात्कालिक गोचर पर
24 मार्च 2019
22 मार्च 2019
ईरानी खानम, जीना सिखा गयी डॉ शोभा भारद्वाज पलवल शटल से जा रही थी गाड़ी चलने से पहले एक महिला डिब्बे में चढ़ीं उनको देखकर यात्रियों ने तुरंत बैठने के लिए सीट दे दी जबकि मैं पहले से खड़ी थी महिला नेमेरे लिए भी अपने पास जगह बना दी मैं उनको एकटक देख रही थी , बोलने के मीठे लहजेमें ईरानी शिष्टाचार था नील
22 मार्च 2019
13 अप्रैल 2019
सूर्य कामेष राशि में गोचर 2019सूर्य के मेष राशि में संचार अर्थात मेष संक्रान्ति केविषय में चर्चा आरम्भ करने से पूर्व - कल बैसाखी काउल्लासमय पर्व है, जिसके लिए सभी को हार्दिकशुभकामनाएँ...कल, रविवार 14 अप्रेल को अपराह्न दो बजकरनौ मिनट पर भगवान् भास्कर अपने एक मित्र गुरु की राशि मीन से निकल कर दूसरे मि
13 अप्रैल 2019
06 अप्रैल 2019
प्रथम नवरात्र - देवी के शैलपुत्री रूपकी उपासनाआज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से कलश स्थापना के साथही वासन्तिक नवरात्रों का आरम्भ हो चुका है... भारतीयदर्शन की “प्रसीद विश्वेश्वरी पाहि विश्वं” की उदात्त भावना के साथ सर्वप्रथम सभीको साम्वत्सरिक नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएँ...आज प्रथम नवरात्र को देवी के शैल
06 अप्रैल 2019
22 मार्च 2019
मंगल का वृषभ राशि में गोचरआज यानी चैत्रकृष्ण द्वितीया को दोपहर तीन बजकर पाँच मिनट के लगभग गर करण, ध्रुव योग और चित्रानक्षत्र में मंगल अपनी स्वयं की राशि मेष से निकल कर वृषभ राशि में प्रस्थान करजाएगा | इस प्रस्थान के समय मंगल कृत्तिका नक्षत्र पर होगा | अपने इस गोचर केदौरान छह अप्रेल को रोहिणी नक्षत्र
22 मार्च 2019
13 अप्रैल 2019
सूर्य कामेष राशि में गोचर 2019सूर्य के मेष राशि में संचार अर्थात मेष संक्रान्ति केविषय में चर्चा आरम्भ करने से पूर्व - कल बैसाखी काउल्लासमय पर्व है, जिसके लिए सभी को हार्दिकशुभकामनाएँ...कल, रविवार 14 अप्रेल को अपराह्न दो बजकरनौ मिनट पर भगवान् भास्कर अपने एक मित्र गुरु की राशि मीन से निकल कर दूसरे मि
13 अप्रैल 2019
17 अप्रैल 2019
महावीर जयन्तीआज चैत्र शुक्ल त्रयोदशी है - भगवान् महावीर स्वामी कीजयन्ती का पावन पर्व | सभी को महावीर जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ…सभी जानते हैं कि महावीर स्वामी जैन धर्म के चौबीसवें औरअन्तिम तीर्थंकर थे | तीर्थं करोति स तीर्थंकर: – अर्थात जो अपनी साधना केमाध्यम से स्वयं संसार सागर से पार लगाने वाले
17 अप्रैल 2019
28 मार्च 2019
गुरु का धनु में गोचर ज्ञान, विज्ञान, बुद्धि, पिता, गुरु, धर्म और आध्यात्म के साथ-साथ भाग्य वृद्धि, विवाह तथा सन्तान सुख आदि के कारक बृहस्पति ने 11 अक्टूबर 2018 को वृश्चिक राशि में प्रस्थान कियाथा | गुरु एक ही राशि में लगभग एक वर्ष तो विश्राम करते ही हैं, किन्तु वक्री अथवा मार्गी होने के कारण इसअवधि
28 मार्च 2019
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x