चोर की परिभाषा ?

02 मई 2019   |  शोभा भारद्वाज   (46 बार पढ़ा जा चुका है)

चोर की परिभाषा ?

डॉ शोभा भारद्वाज

एक प्रसिद्ध चैनल में गरमा गर्म बहस चल रही थी सभी उत्साहित थे ‘भारत सरकार की कूटनीतिक विजय’ पाकिस्तानी आतंकी मसूर अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया गया चीन ने अपना वीटो वापिस ले लिया |बीच –बीच में नारे लगाये जा रहे थे है हरेक उत्साहित था भारत की कूटनीतिक विजय बहस खत्म हुई| सब बाहर आ रहे थे , एक अधेड़ महिला दांत पीस कर ऊँची आवाज में चीखी “मोदी- मोदी चोर है” जबकि मोदी जी के विषय पर ख़ास बातचीत नहीं हुई न उन्होंने महिला के घर से कुछ चुराया था प्रसंग ऐसा था जिस पर कांग्रेस प्रवक्ता ने भी बहाने से मोदी जी को चोर नहीं कहा |देर तक बहस चली थी अत: चैनल ने सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की थी |भोजन की पैक थाली सभी ने अपनी थाली ली कुछ खाने लगे कुछ अपने साथ घर ले जा रहे थे | मोदी जी को चोर डिक्लेयर करने वाली महिला का पुत्र बार – बार जाता थाली लेता एक तरफ कैंटीन से बाहर मेज पर रख देता महिला थालियों की रखवाली कर रही थी |उनके साथ लगभग ग्यारह वर्ष के दो बच्चे थे स्वस्थ बच्चे चमकती आँखे एक जैसे जुडवा होंगें लेकिन बच्चे चैनल में बुलाये नहीं जाते हैं न बच्चों की समझ में कुछ आता है चैनल भी इजाजत नहीं देते |

ख़ैर हम सब चैनल की गाड़ी का इंतजार कर रहे थे महिला का पुत्र महोदय कई पैक थालियाँ लेकर आये गाड़ी में रखने लगे उनके पीछे बच्चे ,उनकी माँ और दादी जितनी थालियाँ उठा सकते थे वह उठाये थे कैसे लाये समझ में नही आया ?मुझसे रहा नहीं गया कुछ देर पहले विश्व के सबसे बड़े प्रजातंत्र की संसद में बहुमत दल के नेता, जनता द्वारा चुने गये देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जिन्होंने विश्व में भारत की कूटनीति का लोहा मनवाया संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी स्थाई एवं अस्थाई सदस्यों ने मसूर अजहर को वैश्विक आतंकी घोषत किया था उनको महिला ने क्या उपाधि दी थी ?

चीन की पाकिस्तान पर नजर रही है चीन ने पाकिस्तान से ग्वादर बन्दरगाह को लीज पर हासिल किया था ग्वादर बन्दर गाह का चीन के लिए आर्थिक एवं राजनीतिक महत्व है | चीन पाकिस्तान के ग्वादर बन्दरगाह तक जाने के लिए इकोनॉमिक कारीडोर बना रहा है यह कारीडोर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर एवं बलोचिस्तान से गुजरता है |बलोचिस्तान संवेदन शील इलाका है लेकिन मिनरल से भरपूर चीन किसी भी हालात में पाकिस्तान को अपने स्वार्थ वश सेता रहा है |

हाँ आगे महिला का बेटा पोते बहू उनसे थालियाँ उठाये नहीं उठ रही थीं गाड़ी में रख रहे थे मुझसे रहा नही गया मैने पूछा क्या खाना फ्रिज में सहेज कर कुछ दिन तक खायेंगे या पड़ोसियों को दावत पर बुलाया है महिला की बहू पढ़ी लिखी मार्डन थी चचिढ़ गयी तुमसे मतलब मैने कहा मुझे तुमसे नहीं तुम्हारे इन बच्चों से मतलब है इन्हें आप क्या सिखा रही हो ? उसने ऐसा मुहँ बिचकाया जैसे कह रही हो गेट आफ माई शोल्डर्स | मन चाह रहा था इनकी फोटो खींच कर रख लूँ बच्चे अच्छे महंगे स्कूल में पढ़ते होंगे उनकी हर महीने मोटी फीस जाती होगी कपड़े भी ब्रांडेड थे | परिवार की इच्छा होगी उनके बच्चे बड़े होकर अच्छी डिग्री ले उच्चे अधिकारी या मल्टीनेशन कम्पनी में मोटी पगार वाली नौकरी पकड़ें या विदेश में अच्छी डिग्री के लिए पढ़ने जायें लेकिन जो बेसिक बात हैं चरित्र निर्माण ? माता पिता अक्सर प्रश्न करते हैं हमने अपने बच्चों के लिए क्या नहीं किया कहाँ कसर रह गयी थी ? ऐसे कैसे हो गये ?

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