ग़ालिब

06 मई 2019   |  pradeep   (12 बार पढ़ा जा चुका है)

ग़ालिब को वो क्या समझेंगे जो ना समझे औकात अपनी,

इल्मे अदब से नावाफिक़ ज़ाहिलीयत के ये ज़मीरफ़रोशी. (आलिम)

अगला लेख: आशिकी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें

शब्दनगरी से जुड़िये आज ही

सम्बंधित
लोकप्रिय
06 मई 2019
05 मई 2019
ख़ि
25 अप्रैल 2019
16 मई 2019
18 मई 2019
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x