मासिक धर्म की समस्याओं को दूर करने के लिए करें यह योगासन

07 मई 2019   |  मिताली जैन   (29 बार पढ़ा जा चुका है)

मासिक धर्म की समस्याओं को दूर करने के लिए करें यह योगासन

मासिक धर्म में हर स्त्री के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसके कारण उसे कई तरह के कष्ट सहने पड़ते हैं। कुछ महिलाओं को तो अनियमित माहवारी की ही समस्या रहती है। कुछ महिलाओं को अत्यधिक दर्द तो कुछ को हैवी ब्लीडिंग, वहीं कुछ महिलाएं बेहद कमजोरी महसूस करती हैं। वैसे तो यह समस्या तीन-चार दिन में स्वतः ही दूर हो जाती है, लेकिन अगर आप अपने उन दिनों को भी बेहद सहज बनाना चाहती हैं तो जरूरी नहीं है कि दवाईयों का ही सेवन किया जाए। आप योग का सहारा लेकर भी अपने माहवारी के दिनों के कष्ट से निजात पा सकती हैं। तो चलिए जानते हैं ऐसे कुछ योगासनों के बारे में, जो पीरियड्स के दौरान होने वाली तकलीफों को कम करने में मददगार हैं-


सुप्त बद्धकोणासन


चूंकि पीरियड्स के दौरान स्त्री को अत्यधिक थकान का अनुभव होता है तो इस आसन के अभ्यास से शरीर में उर्जा का संचार होता है। साथ ही इस आसन से जंघाओं को रिलैक्स मिलता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले शवासन की मुद्रा में पीठ के बल लेट जाएं। साथ ही बांहों को शरीर के दोनों तरफ पैर की दिशा में फैलाकर रखें। इस स्थिति में हथेलियां छत की दिशा में रहनी चाहिए। घुटनो को मोड़ें और तलवों को जमीन से लगाकर रखें। दोनों तलवों को नमस्कार की मुद्रा में एक दूसरे के करीब लाकर जमीन से लगाएं। जितना संभव हो एड़ियों को जंघा की ओर करीब लाएं। कुछ देर इसी अवस्था में रहें और फिर धीरे धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं। वैसे तो यह आसन पीरियड्स में काफी अच्छा माना गया है। लेकिन अगर किसी महिला को घुटने, कमर या हिप्स में तकलीफ हो तो फिर इस आसन का अभ्यास न करें।


बालासन


बालासन करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पीरियड्स के दौरान हार्मोनल बदलावों के कारण महिला के स्वभाव में जो बदलाव आता है, यह उसे नियमित करने का काम करता है। इस आसन को करने से महिला खुद को काफी रिलैक्स महसूस करती है, जिससे उसे दर्द या तनाव का अहसास काफी हद तक कम होता है। साथ ही यह आसन कमरदर्द को भी दूर करता है। इसे करने के लिए फर्श पर घुटनों के बल बैठ जाएं। इस दौरान आपका पंजा बाहर की तरफ होना चाहिए। अब कमर को आगे की तरफ लाते हुए हाथ को बिल्कलु सीधा रखें। आगे की तरफ झुकते समय आपका माथा फर्श से टच होना चाहिए। इस पोजीशन में 10 गिनने तक रहें। उसके बाद धीरे से सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में वापिस लौट आएं।


अर्धहलासन


जिन महिलाओं को अनियमित माहवारी की समस्या है या फिर जिन महिलाओं को माहवारी के समय अत्यधिक कष्ट का सामना करना पड़ता है, उनके लिए यह आसन किसी रामबाण से कम नहीं है। अर्धहलासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले शवासन में लेट जायें। अब हाथ की हथेलियों को जांघों के पास निचे की ओर करके टिका लें। साथ ही दोनों पैरो को एक दुसरे से मिलकर रखे और इस समय आपका मुख आकाश की ओर सीधा होना चाहिए। अब धीरे धीरे साँस लें और पेट को सिकुडाकर पैरों को बिना मोडे धीरे धीरे ऊपर की ओर उठायें। जब दोनों पैर शरीर के समकोण बनाने लगे तो तो धीरे धीरे साँस छोड़ते हुए अपने आप को स्थिर करें। कुछ देर इसी अवस्था मे बनी रहें। अंत में पुनः धीरे धीरे आरंभिक स्थिति में आ जाये। ध्यान रहे इस आसन के सम्पूर्ण क्रिया में घुटनों को नहीं मोड़ना है।


सेतुबंधासन


यह आसन न सिर्फ मासिक धर्म के दौरान स्त्री के शारीरिक कष्ट को कम करता है, बल्कि उसके तनाव को भी दूर करके उसे रिलैक्स महसूस करवाता है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए पहले पीठ के बल लेट जाएँ। अपने घुटनो को मोड़ लें। घुटनो और पैरों को एक सीध में रखते हुए, दोनों पैरों हल्का सा फैला ले। इस दौरान आपकी हथेलियाँ जमीन पर रहनी चाहिए। अब साँस लेते हुए, धीरे से अपनी पीठ के निचले, मध्य और फिर सबसे ऊपरी हिस्से को जमीन से उठाएँ। धीरे से अपने कन्धों को अंदर की ओर लें। बिना ठोड़ी को हिलाये अपनी छाती को अपनी ठोड़ी के साथ लगाएँ और अपने कन्धों, हाथों व पैरों को अपने वजन का सहारा दें। शरीर के निचले हिस्से को इस दौरान स्थिर रखें। दोनों जंघा इस दौरान एक साथ रहेंगी। चाहें तो इस दौरान आप अपने हाथों को जमीन पर दबाते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को उठा सकते हैं। अपनी कमर को अपने हाथों द्वारा सहारा भी दे सकते हैं। कुछ क्षण इस अवस्था में रूकने के बाद प्रारंभिक स्थिति में लौट आएं।




अगला लेख: सिरदर्द को दूर करने के लिए दवाई नहीं, करें यह योगासन



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
04 मई 2019
हर माता-पिता की यह इच्छा होती है कि उनका बच्चा स्वस्थ हो और उसका समग्र विकास हो। लेकिन जंक फूड के इस दौर में अधिकतर बच्चे मोटापे या फिर अन्य कई समस्याओं से ग्रस्त होते हैं और इसके पीछे की वजह होती है उनका आहार। आज के समय में बच्चे संतुलित आहार को छोड़कर बाहर के खाने व जंक फूड की तरफ अधिकतर आकर्षित हो
04 मई 2019
10 मई 2019
गर्मी के मौसम में जब तापमान बढ़ने लगता है तो उसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस मौसम में सिरदर्द की समस्या होना एक आम बात है। वहीं माइग्रेन पीड़ित व्यक्ति को तो इस मौसम में काफी कष्ट झेलना पड़ता है। अक्सर देखने में आता है कि सिरदर्द की समस्या होने पर व्यक्ति दवाई का सेवन करता है। लेकिन अगर आप चाहें त
10 मई 2019
03 मई 2019
मनुष्य के शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों जैसे प्रोटीन, फाइबर, मिनरल्स और विटामिन की जरूरत होती है। इन सभी के काॅम्बिनेशन से ही व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। लेकिन जब कभी आप अपने आहार पर लंबे समय तक ध्यान नहीं देते तो शरीर में कई तरह के पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। वैसे
03 मई 2019
25 अप्रैल 2019
ट्यूबरक्लोसिस केवल हमारे फेफड़ो को ही प्रभावित नहीं करती है बल्कि यह मस्तिष्क को भी प्रभावित करती है। टीबी का बैक्टीरियल इंफेक्शन हमारे ब्रेन को क्षति पहुंचाती है जिसके कारण दिमाग के ऊतकों में सूजन आ जाती है। ब्रेन टीबी को मेनिनजाइटिस ट्यूबरक्लोसिस के नाम से भी जाना ज
25 अप्रैल 2019
26 अप्रैल 2019
आजकल हर व्यक्ति बालों के झड़ने के कारण परेशान है। वर्तमान में, तनावपूर्ण जीवन, गलत खानपान, अत्यधिक केमिकल युक्त हेयर प्राॅडक्ट का इस्तेमाल, हार्मोन में बदलाव, डैंड्रफ, प्रोटीन और अन्य कई कारणों के चलते बालों के झड़ने की समस्या शुरू हो जाती है। यूं तो हेयरफाॅल को रोकने के लिए मार्केट में कई तरह के प्रा
26 अप्रैल 2019
25 अप्रैल 2019
जिफी 200 टैबलेट का उपयोग बैक्टीरीयल संक्रमण को खत्म के लिए इलाज में प्रयोग में लाई जाती है। यह दवाई बैक्टीरिया को विकास को रोकता है और एंटीबायोटिक के रुप में काम करता है। इस दवा का उपयोग सीने में संक्रमण, कान के संक्रमण, गलें में इंफेक्शन को और टाइफाइड बुखार के होने पर उपचार के लिए डॉक्टर द्वारा अनु
25 अप्रैल 2019
25 अप्रैल 2019
नारियल का तेल कई तरह के गुणों से युक्त है। देश के विभिन्न हिस्सों में नारियल तेल की मदद से भोजन पकाया जाता है तो कई जगहों पर इसका इस्तेमाल विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में किया जाता है। लेकिन इससे अलग भी नारियल तेल के अपने फायदे हैं। खासतौर से, सौंदर्य निखारने और सौंदर्य समस्याएं दूर करने में इसका कोई
25 अप्रैल 2019
10 मई 2019
गर्मी के मौसम में जब तापमान बढ़ने लगता है तो उसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस मौसम में सिरदर्द की समस्या होना एक आम बात है। वहीं माइग्रेन पीड़ित व्यक्ति को तो इस मौसम में काफी कष्ट झेलना पड़ता है। अक्सर देखने में आता है कि सिरदर्द की समस्या होने पर व्यक्ति दवाई का सेवन करता है। लेकिन अगर आप चाहें त
10 मई 2019
01 मई 2019
गर्भावस्था के नाजुक दौर में हर स्त्री को अपना अतिरिक्त ध्यान रखना पड़ता है। खासतौर से, उसके द्वारा खाई गई हर चीज का असर उसके गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। ऐसे में यह जरूरी है कि एक गर्भवती स्त्री डाॅक्टर के परामर्श के अनुसार ही खाद्य पदार्थों का चयन करे। यूं तो इस अवस्था में बहुत सी चीजों को खाने की मनाही
01 मई 2019
03 मई 2019
अमूमन देखने में आता है कि जो लोग अपना वजन कम करने की फिराक में रहते हैं, वह अधिकतर रात का खाना स्किप कर देते हैं। ऐसे लोगों का मानना होता है कि ऐसा करने से कैलोरी काउंट कंट्रोल में रहता है और जिससे वजन नहीं बढ़ता। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो देर रात तक काम करते हैं और फिर बिना खाना खाए ही सो जाते
03 मई 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x