करें यह योगासन, बुढ़ापे में पास नहीं फटकेंगी बीमारियां

13 मई 2019   |  मिताली जैन   (26 बार पढ़ा जा चुका है)

करें यह योगासन, बुढ़ापे में पास नहीं फटकेंगी बीमारियां - शब्द (shabd.in)

कहते हैं कि पहला सुख निरोगी काया। लेकिन जैसे-जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, उसके शरीर में कई तरह की बीमारियां लग जाती है। झुककर चलना, नजर कमजोर होना, जोड़ों में दर्द, हमेशा थकान रहना, कमजोर याददाश्त, नींद में परेशानी, बालों का सफेद होना व त्वचा में झुर्रियां कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जो इस उम्र में आम मानी जाती है। आमतौर पर देखा जाता है कि लोग इस समस्याओं से निजात पाने के लिए दवाईयों का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर आप युवावस्था से ही योगाभ्यास शुरू कर दें तो फिर आपको बुढ़ापे में बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। तो चलिए आज हम आपको ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे मंे बता रहे हैं, जो बुढ़ापे में आपकी समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं-


वृक्षासन


चूंकि बढ़ती उम्र में व्यक्ति के शरीर का संतुलन प्रभावित होता है। उम्र के इस दौर में व्यक्ति के हाथ-पैर कांपते हैं। ऐसे में पैरों को मजबूती प्रदान करने और संतुलन को बनाए रखने के लिए वृक्षासन का नियमित अभ्यास करना चाहिए। इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले एकदम सीधे सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं। अपने बाएं पैर के घुटने को सीधे रखें और दाएं हाथ से दाएं पैर को उठाकर बाएं पैर के घुटने के जोड़ पर रखें। इसके बाद अपने दाएं पैर को हल्का सा मोड़ते हुए बाएं घुटने के जोड़ पर आराम से रखें। आपसे जितना संभव हो सके अपने दाएं पैर की एड़ी को बाएं जंघे पर ऊपर की ओर रखें। आपके पैरों की उंगलियां नीचे की ओर झुकी होनी चाहिए। आपके दाएं पैर की एड़ी का दबाव बाएं जांघ पर पड़ना चाहिए। इसके बाद बाएं पैर से अपने शरीर का बैलेंस बनाने की कोशिश करें। इसके बाद दोनों हाथों को उपर ले जाते हुए हाथ को नमस्कार मुद्रा में रखें। इस दौरान शरीर का संतुलन बनाए रखें और जितना देर संभव होए इस मुद्रा में रखें। इसके बाद प्रारंभिक अवस्था में लौट आएं। अब दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।


विपरीतकर्णीआसन


यह एक ऐसा आसन है, जिसमें रक्त का प्रवाह पूरे शरीर में बेहतर तरीके से होता है और जब शरीर में आॅक्सीजन व रक्त सही मात्रा में पहुंचता है तो खुद ब खुद कई बीमािरयां दूर हो जाती हैं। इस आसन का अभ्यास करने के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को मिलाकर एड़ी-पंजे आपस में मिलाएं। साथ ही हाथ बगल में, हाथों की हथेलियाँ जमीन के ऊपर और गर्दन सीधी रखें। धीरे-धीरे दोनों पैरों को 30 डिग्री के कोण पर पहुँचाएं। 30 डिग्री पर पहुँचाने के बाद कुछ सेकंड रुकते हैं, फिर पैरों को 45 डिग्री कोण पर ले जाते हैं, यहाँ पर कुछ सेकंड रुकते हैं। उसके बाद फिर 90 डिग्री कोण पर पहुँचने के बाद दोनों हाथों को जमीन पर प्रेस करने के बाद नितंब को धीरे-धीरे उठाते हुए पैरों को पीछे ले जाते हैं, ठीक नितंब की सीध में रखते हैं।दोनों हाथ नितंब पर रखते हैं और पैरों को सीधा कर देते हैं।


पर्वतासन


बढ़ती उम्र में व्यक्ति न सिर्फ शारीरिक रूप से कमजोर हो जाता है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है। लेकिन अगर आप पर्वतासन का नियमित रूप से अभ्यास करते हैं तो शारीरिक और मानसिक तनाव को आसानी से दूर कर सकते हैं। वहीं जिन लोगों को कंधे में दर्द की शिकायत रहती हैं, उन्हें भी यह आसन करना चाहिए। इस आसन को करने के लिए पहले किसी हवादार जगह पर पद्मासन में बैठ जाएं। इसके बाद चैकड़ी मारते हुए पैरों को एक के उपर दूसरा रखें। इसके बाद धीरे-धीरे सांस भरे और कुछ देर सांस को रोक कर रखें। अब दोनों हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं और सांसों को कुछ क्षण रोकने का प्रयास करें। हाथ जब ऊपर ले जाएंगे तो दोनों हाथों की अंगुलियों को आपस में इंटरलॉक कर दें। कुछ समय बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं इसके लिए आप धीरे-धीरे सांस छोड़े और हाथों को नीचे घुटनों तक लाएं। इस आसन को करने के दौरान आपको कमर को सीधा रखना है और शरीर को तानकर रखें।


बालासन


यह आसन न सिर्फ शरीर की चर्बी को दूर करने में मदद करता है, बल्कि इसके जरिए शरीर की मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है। यही कारण है कि इस आसन को बढ़ती उम्र में करने की सलाह दी जाती है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले फर्श पर घुटनों के बल बैठ जाएं। इस दौरान आपका पंजा बाहर की तरफ होना चाहिए। अब कमर को आगे की तरफ लाते हुए हाथ को बिल्कलु सीधा रखें। आगे की तरफ झुकते समय आपका माथा फर्श से टच होना चाहिए। इस पोजीशन में 10 गिनने तक रहें। उसके बाद धीरे से सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में वापिस लौट आएं।


शंशाकासन


शंशाकासन को रैबिट पोज भी कहा जाता है। यह आसन न सिर्फ शरीर के विभिन्न भागों खासकर जोड़ों में होने वाले दर्द से मुक्ति दिलाता है, बल्कि व्यक्ति के प्रतिरक्षा तंत्र को भी मजबूत करता है। जिससे व्यक्ति बार-बार बीमार नहीं पड़ता। शंशाकासन पाचनतंत्र संबंधी परेशानियों को दूर करने में भी कारगर है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए पहले आप व्रजासन में बैठें। इसके बाद अपने हाथों से एड़ियों को पकडे़ें। अब अपने सिर को धीरे-धीरे आगे ले जाते हुए उसे घुटने से टच करवाने का प्रयास करें। कुछ देर इसी अवस्था में रहें और फिर बेहद आराम से प्रारंभिक अवस्था में लौट आएं।


नोटः चूंकि हर व्यक्ति की शारीरिक समस्या अलग होती है, इसलिए किसी भी योगासन को योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें। साथ ही इन योगासनों का अभ्यास खाली पेट करें। वैसे योगाभ्यास के लिए सुबह का समय सर्वाधिक उचित माना गया है।


अगला लेख: सिरदर्द को दूर करने के लिए दवाई नहीं, करें यह योगासन



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
19 मई 2019
आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में हर व्यक्ति हमेशा ही किसी न किसी तरह की परेशानी से जूझता है। कई बार काम की चिंता इस हद तक बढ़ जाती है, कि व्यक्ति डिप्रेशन में चला जाता है। तनाव को पूरी तरह जीवन से दूर करना तो संभव नहीं है लेकिन योगासन के जरिए इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जो लोग नियमित रूप से
19 मई 2019
19 मई 2019
जैसे ही मौसम बदलता है तो लोगों को अपनी डाइट पर भी ध्यान देना पड़ता है। कहा जाता है कि स्वस्थ रहने के लिए मौसमी फल व सब्जियों को आहार में शामिल करना चाहिए। लेकिन इसके अतिरिक्त भी कुछ चीजें सेहत के लिए लाभकारी होती हैं। चूंकि अब गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है तो ऐसे में जरूरी है कि आपके आहार में शरीर को
19 मई 2019
19 मई 2019
आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में हर व्यक्ति हमेशा ही किसी न किसी तरह की परेशानी से जूझता है। कई बार काम की चिंता इस हद तक बढ़ जाती है, कि व्यक्ति डिप्रेशन में चला जाता है। तनाव को पूरी तरह जीवन से दूर करना तो संभव नहीं है लेकिन योगासन के जरिए इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जो लोग नियमित रूप से
19 मई 2019
23 मई 2019
ताड़ासन बेनेफिट्स इन हिंदी ताड़ासन योग की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। यह एक ऐसी योगासन है जो मांसपेशियों को ही नही बल्कि सूछ्म मांसपेशियों को भी बहुत हद तक लचीलापन बनाता है। इस तरह शरीर को हल्का तथा को ढीला करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। यह योगाभ्यासआपको चुस्त दुरुस्त ही नहीं करता बल्कि आपके शर
23 मई 2019
10 मई 2019
गर्मी के मौसम में जब तापमान बढ़ने लगता है तो उसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस मौसम में सिरदर्द की समस्या होना एक आम बात है। वहीं माइग्रेन पीड़ित व्यक्ति को तो इस मौसम में काफी कष्ट झेलना पड़ता है। अक्सर देखने में आता है कि सिरदर्द की समस्या होने पर व्यक्ति दवाई का सेवन करता है। लेकिन अगर आप चाहें त
10 मई 2019
29 अप्रैल 2019
आज के समय में लोग कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हैं। उच्च रक्तचाप की समस्या इन्हीं में से एक है। इसे एक साइलेंट किलर कहा जाता है। ब्लडप्रेशर की समस्या आज के समय में बेहद आम होती जा रही है। धूम्रपान, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों में कमी, भोजन में अत्यधिक नमक, बढ़ती उम्र, अनुवांशिकता, शराब, तनाव, नींद सं
29 अप्रैल 2019
29 अप्रैल 2019
आज के समय में लोग कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हैं। उच्च रक्तचाप की समस्या इन्हीं में से एक है। इसे एक साइलेंट किलर कहा जाता है। ब्लडप्रेशर की समस्या आज के समय में बेहद आम होती जा रही है। धूम्रपान, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों में कमी, भोजन में अत्यधिक नमक, बढ़ती उम्र, अनुवांशिकता, शराब, तनाव, नींद सं
29 अप्रैल 2019
01 मई 2019
गर्भावस्था के नाजुक दौर में हर स्त्री को अपना अतिरिक्त ध्यान रखना पड़ता है। खासतौर से, उसके द्वारा खाई गई हर चीज का असर उसके गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। ऐसे में यह जरूरी है कि एक गर्भवती स्त्री डाॅक्टर के परामर्श के अनुसार ही खाद्य पदार्थों का चयन करे। यूं तो इस अवस्था में बहुत सी चीजों को खाने की मनाही
01 मई 2019
03 मई 2019
अमूमन देखने में आता है कि जो लोग अपना वजन कम करने की फिराक में रहते हैं, वह अधिकतर रात का खाना स्किप कर देते हैं। ऐसे लोगों का मानना होता है कि ऐसा करने से कैलोरी काउंट कंट्रोल में रहता है और जिससे वजन नहीं बढ़ता। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो देर रात तक काम करते हैं और फिर बिना खाना खाए ही सो जाते
03 मई 2019
06 मई 2019
आज के समय में देर तक एक ही पोजिशन में बैठना या गलत तरीके से बैठना-सोना, खानपान पर सही तरह से ध्यान न देने, बढ़ता मोटापा और गलत फुटवियर के चयन के कारण अक्सर लोगों को कमरदर्द की शिकायत शुरू हो जाती है। आलम यह है कि आज सिर्फ वृद्ध व्यक्ति ही नहीं, बल्कि युवा व्यक्ति भी इस परेशानी से जूझते नजर आ रहे हैं।
06 मई 2019
28 अप्रैल 2019
प्रोटीन का पावरहाउस माना जाने वाला अंडा सेहत के लिए तो लाभकारी होता है ही, साथ ही यह सौंदर्य का भी उतने ही बेहतरीन तरीके से ख्याल रखता है। खासतौर से, बालों को मजबूती प्रदान करने, रूसी से निजात पाने और बालों में नई चमक देने के लिए अंडे का प्रयोग किया जा सकता है। दरअसल, अंडे में प्रोटीन के अतिरिक्त कई
28 अप्रैल 2019
26 अप्रैल 2019
आजकल हर व्यक्ति बालों के झड़ने के कारण परेशान है। वर्तमान में, तनावपूर्ण जीवन, गलत खानपान, अत्यधिक केमिकल युक्त हेयर प्राॅडक्ट का इस्तेमाल, हार्मोन में बदलाव, डैंड्रफ, प्रोटीन और अन्य कई कारणों के चलते बालों के झड़ने की समस्या शुरू हो जाती है। यूं तो हेयरफाॅल को रोकने के लिए मार्केट में कई तरह के प्रा
26 अप्रैल 2019
30 अप्रैल 2019
अमूमन महिलाएं अपनी स्किन के अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के लिए वैक्सिंग का सहारा लेती हैं। इससे बाल जड़ से निकल जाते हैं और स्किन भी एकदम स्मूद दिखती है। लेकिन कुछ महिलाओं को वैक्सिंग करवाने के कुछ समय बाद स्किन पर दाने नजर आते हैं। जिसके कारण वह परेशान हो जाती हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा
30 अप्रैल 2019
19 मई 2019
आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में हर व्यक्ति हमेशा ही किसी न किसी तरह की परेशानी से जूझता है। कई बार काम की चिंता इस हद तक बढ़ जाती है, कि व्यक्ति डिप्रेशन में चला जाता है। तनाव को पूरी तरह जीवन से दूर करना तो संभव नहीं है लेकिन योगासन के जरिए इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जो लोग नियमित रूप से
19 मई 2019
28 अप्रैल 2019
गर्मी के मौसम में सूरज की हानिकारक किरणें कई तरह की समस्या पैदा करती हैं। इन्हीं में से एक है टैनिंग। यूं तो सूरज की किरणों से बचने के लिए लोग सनस्क्रीन क्रीम का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कुछ ही देर में इसका असर खत्म हो जाता है और त्वचा के खुले हिस्सों में टैनिंग होती है। अगर आप भी अनइवन स्किन के कार
28 अप्रैल 2019
10 मई 2019
गर्मी के मौसम में जब तापमान बढ़ने लगता है तो उसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस मौसम में सिरदर्द की समस्या होना एक आम बात है। वहीं माइग्रेन पीड़ित व्यक्ति को तो इस मौसम में काफी कष्ट झेलना पड़ता है। अक्सर देखने में आता है कि सिरदर्द की समस्या होने पर व्यक्ति दवाई का सेवन करता है। लेकिन अगर आप चाहें त
10 मई 2019
26 अप्रैल 2019
गर्मी के मौसम में खानपान को लेकर बेहद सतर्कता बरतनी पड़ती है। अगर इस तपिश भरे मौसम में खानपान में लापरवाही हो तो पेट में गैस की समस्या शुरू हो जाती है। यह गैस की समस्या व्यक्ति को काफी बैचेन कर देती है। इसके कारण गैस के चलते पेट में भारीपन व दर्द, आंखों में जलन, उल्टी आने का अहसास होना और सिर में दर्
26 अप्रैल 2019
07 मई 2019
मासिक धर्म में हर स्त्री के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसके कारण उसे कई तरह के कष्ट सहने पड़ते हैं। कुछ महिलाओं को तो अनियमित माहवारी की ही समस्या रहती है। कुछ महिलाओं को अत्यधिक दर्द तो कुछ को हैवी ब्लीडिंग, वहीं कुछ महिलाएं बेहद कमजोरी महसूस करती हैं। वैसे तो यह समस्या तीन-चार दिन में स्वतः
07 मई 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x