तनाव को दूर करने में मदद करेंगे यह योगासन

19 मई 2019   |  मिताली जैन   (52 बार पढ़ा जा चुका है)

तनाव को दूर करने में मदद करेंगे यह योगासन

आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में हर व्यक्ति हमेशा ही किसी न किसी तरह की परेशानी से जूझता है। कई बार काम की चिंता इस हद तक बढ़ जाती है, कि व्यक्ति डिप्रेशन में चला जाता है। तनाव को पूरी तरह जीवन से दूर करना तो संभव नहीं है लेकिन योगासन के जरिए इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जो लोग नियमित रूप से योगाभ्यास करते हैं, तनाव उन पर नहीं बल्कि वह व्यक्ति तनाव पर भारी पड़ते हैं। तो चलिए जानते हैं तनाव को दूर करने के लिए करें कौन से योगासन-


सूर्य नमस्कार


सूर्य नमस्कार के दौरान 12 पोज किए जाते हैं जो शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं। इससे कई तरह की शारीरिक बीमारियां दूर होती हैं, साथ ही इससे तनाव व चिंता पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। सूर्य नमस्कार के 12 पोज कुछ इस प्रकार हैं-


प्रणामासन- इसके लिए सर्वप्रथम छाती को चैड़ा और मेरूदंड को खींचें। एड़ियां मिली हुई हो और दोनों हाथ छाती के मध्य में नमस्कार की स्थिति में जुड़े हो और गर्दन तनी हुई व नजर सामने हो। अब आराम से श्वास लें और इस मुद्रा में केवल कुछ क्षण ही रूकें।


हस्तउत्तानासन- अब सांस को धीरे से अंदर खींचते हुए हाथों को उपर की ओर ले जाएं और हथेलियों को मिलाएं रखें। अब जितना ज्यादा हो सके, कमर को पीछे की ओर मोड़ते हुए अर्धचन्द्राकार बनाएं। जितनी देर संभव हो, श्वास को रोकने का प्रयास करें। यह आसन फेफड़ों के लिए काफी अच्छा माना जाता है।


पादहस्तासन- अब श्वास छोड़ते हुए व कमर को आगे झुकाते हुए दोनों हाथों से अपने पंजों को पकडें। इस दौरान पैरों को जितना ज्यादा हो सके, सीधा रखें। अब दोनों पैरों को मजबूती से पकड़कर सीधा रखें और नीचे झुकने की कोशिश करें।


अश्वसंचालन आसन- अब श्वास भरते हुए दोनों हाथों को मैट पर रखें और नितंबों को नीचे करंे। सीधे पैर को खींचते हुए जितना ज्यादा हो सके, पीछे की ओर रखें। अब पैर को सीधा मैट के उपर रखें और वजन पंजों पर रखें। आप चाहें तो घुटना मोड़कर भी मैट पर रख सकते हैं। अब उपर देखते हुए गर्दन पर खिंचाव को महसूस करें। यह बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मददगार है।


संतोलासान- धीरे-धीरे श्वास छोड़ें और उल्टे पैर को पीछे लेकर जाएं। इस दौरान हाथों को सीधा कंधों की चैड़ाई के बराबर मैट पर रखें। अब कूल्हे की तरफ से स्वयं को उपर उठाएं। इस पोज में आपका शरीर उल्टे वी के समान दिखाई देगा। इस समय आपका पेट अंदर व कसा हुआ हो और नाभि अंदर मेरूदंड की तरफ खिंची हुई हो। यह आसन पेट को मजबूत बनाता है।


अष्टांग नमस्कार- श्वास को रोकते समय दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़ें। अब दोनों घुटनों व छाती को मैट पर लगाएं। दोनों कोहनियों को छाती के नजदीक लाएं। अब छाती, दोनों हथेलियां, पंजे, और घुटने जमीन पर छूने चाहिए और शेष अंग हवा में हों।


भुंजगासन- सबसे पहले मैट पर उल्टे होकर लेते जाएं। अब श्वास लेते हुए कोहनियों को कसें। अब छाती को उपर की ओर उठाएं व कंधों को पीछे की तरफ कसें। लेकिन घुटनों व पंजों को मैट पर देखें। आपकी दृष्टि उपर की ओर होनी चाहिए।


पर्वतासन- धीरे से श्वास छोड़ते हुए पंजों को अंदर करें, कमर को उपर की ओर उठाएं और हथेलियों, पंजों को मैट पर रखें। निश्चित करें कि एड़ियां मैट पर रहें। ठुड्डी को नीचे की ओर करें।


अश्वसंचालन आसन- श्वास भरते हुए दाएं पैर को आगे दोनों हाथों के बीच में लाएं। बाएं पैर को पीछे पंजे पर ही रहने दें व घुटनों को नीचे मैट पर रख लें। दाएं पैर को 90 डिग्री के कोण पर मोड़ें और जांघ को मैट के समानांतर रखें। अपने हाथों को सीधे मैट पर रखें। सिर व कमर को उपर की ओर उठाएं ताकि आप उपर की ओर देख सकें।


पादहस्तासन-अब श्वास छोड़ते हुए व कमर को आगे झुकाते हुए दोनों हाथों से अपने पंजों को पकडें। इस दौरान पैरों को जितना ज्यादा हो सके, सीधा रखें। अब दोनों पैरों को मजबूती से पकड़कर सीधा रखें और नीचे झुकने की कोशिश करें।


हस्तउत्तानासन- श्वास भरते हुए दोनों हाथों को एक साथ उपर की ओर लेकर जाएं। जितना ज्यादा हो सके, कमर के निचले हिस्से को आगे की ओर तथा उपरी हिस्से को पीछे की ओर लेकर जाएं। जैसे ही आप हाथों को अपने सिर के उपर से पीछे की ओर लेकर जाएंगे, उसी समय आप संवेदना के साथ उर्जा का संचार महसूस करेंगे।


प्रणामासन- अंत में श्वास छोड़ते व कमर को सीधा करते हुए हाथों को अपनी छाती के पास नमस्कार मुद्रा में लेकर आएं। कुछ क्षण इसी देर में रूकें।


शवासन


शवासन में व्यक्ति का शरीर एकदम शिथिल हो जाता है, इस दौरान व्यक्ति खुद को काफी रिलैक्स महसूस करता है, जिससे उसके भीतर का तनाव भी कम होता है। साथ ही तन, मन और आत्मा में एक नई उर्जा का संचार होता है। अगर आपके पास समय की कमी है तो आप सूर्य नमस्कार के बाद शवासन के जरिए खुद को रिलैक्स कर सकते हैं। इस आसन का अभ्यास करने के लिए पहले पीठ के बल लेट जाएं। इस अवस्था में आपके पैर जमीन पर बिल्कुल सीधे होने चाहिए। साथ ही अपने दोनों हाथों को शरीर से कम से कम 5 इंच की दूरी पर रखें। हाथो को इस तरह रखे की दोनों हाथ की हथेलियां आसमान की दिशा में हो। अब धीरे-धीरे शरीर के हर अंग को ढीला छोड़ दें और आँखों को भी बंद करना है। हल्की-हल्की साँसे लें। इस वक्त आपका पूरा ध्यान श्वासों पर होना चाहिए। मन में दूसरे किसी भी विचार को आने ना दे। जिन लोगों को शवासन का अभ्यास करते वक्त यदि आपको कमर या रीढ़ में किसी प्रकार की परेशानी मेहसूस होती है तो घुटने के नीचे कम्बल या तकिया रख सकते हैं।


अगला लेख: सिरदर्द को दूर करने के लिए दवाई नहीं, करें यह योगासन



Shivbhole singh
19 मई 2019

nice

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
22 मई 2019
वायु प्रदूषण एक बेहद गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से करीब आधे भारत में ही है। लेकिन जब भी वायु प्रदूषण की बात होती है तो लोग हमेशा ही कारखानों व वाहनों से निकलने वाले विषैले धुएं पर ही बात करते हैं। घर के भीतर की आबोहवा पर किसी का ध्यान नही
22 मई 2019
19 मई 2019
जैसे ही मौसम बदलता है तो लोगों को अपनी डाइट पर भी ध्यान देना पड़ता है। कहा जाता है कि स्वस्थ रहने के लिए मौसमी फल व सब्जियों को आहार में शामिल करना चाहिए। लेकिन इसके अतिरिक्त भी कुछ चीजें सेहत के लिए लाभकारी होती हैं। चूंकि अब गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है तो ऐसे में जरूरी है कि आपके आहार में शरीर को
19 मई 2019
06 मई 2019
आज के समय में देर तक एक ही पोजिशन में बैठना या गलत तरीके से बैठना-सोना, खानपान पर सही तरह से ध्यान न देने, बढ़ता मोटापा और गलत फुटवियर के चयन के कारण अक्सर लोगों को कमरदर्द की शिकायत शुरू हो जाती है। आलम यह है कि आज सिर्फ वृद्ध व्यक्ति ही नहीं, बल्कि युवा व्यक्ति भी इस परेशानी से जूझते नजर आ रहे हैं।
06 मई 2019
10 मई 2019
गर्मी के मौसम में जब तापमान बढ़ने लगता है तो उसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस मौसम में सिरदर्द की समस्या होना एक आम बात है। वहीं माइग्रेन पीड़ित व्यक्ति को तो इस मौसम में काफी कष्ट झेलना पड़ता है। अक्सर देखने में आता है कि सिरदर्द की समस्या होने पर व्यक्ति दवाई का सेवन करता है। लेकिन अगर आप चाहें त
10 मई 2019
04 मई 2019
हर माता-पिता की यह इच्छा होती है कि उनका बच्चा स्वस्थ हो और उसका समग्र विकास हो। लेकिन जंक फूड के इस दौर में अधिकतर बच्चे मोटापे या फिर अन्य कई समस्याओं से ग्रस्त होते हैं और इसके पीछे की वजह होती है उनका आहार। आज के समय में बच्चे संतुलित आहार को छोड़कर बाहर के खाने व जंक फूड की तरफ अधिकतर आकर्षित हो
04 मई 2019
09 मई 2019
पारा इन दिनों पूरे चरम पर है। मौसम में तपिश को आसानी से महसूस किया जा सकता है। ऐसे में जरूरत होती है शरीर को भीतर से ठंडा रखने की। इसमें आपका खानपान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। तो चलिए आज हम आपको ऐसे कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जो गर्मी को मात देने के साथ-साथ आपको ठंडा रखते है
09 मई 2019
13 मई 2019
कहते हैं कि पहला सुख निरोगी काया। लेकिन जैसे-जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, उसके शरीर में कई तरह की बीमारियां लग जाती है। झुककर चलना, नजर कमजोर होना, जोड़ों में दर्द, हमेशा थकान रहना, कमजोर याददाश्त, नींद में परेशानी, बालों का सफेद होना व त्वचा में झुर्रियां कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जो इस उम्र में आम मान
13 मई 2019
22 मई 2019
वायु प्रदूषण एक बेहद गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनिया के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से करीब आधे भारत में ही है। लेकिन जब भी वायु प्रदूषण की बात होती है तो लोग हमेशा ही कारखानों व वाहनों से निकलने वाले विषैले धुएं पर ही बात करते हैं। घर के भीतर की आबोहवा पर किसी का ध्यान नही
22 मई 2019
22 मई 2019
यह तो हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए मौसमी फल व सब्जियों का सेवन करना चाहिए। लेकिन ऐसे भी कुछ फल होते हैं जो बारह महीने आसानी से मिलते हैं और इसलिए लोग उन पर अधिक ध्यान नहीं देते। इन्हीं में से एक है चीकू। स्वाद में बेहतरीन चीकू सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी माना गया है। तो चलिए जानते हैं चीकू
22 मई 2019
09 मई 2019
पारा इन दिनों पूरे चरम पर है। मौसम में तपिश को आसानी से महसूस किया जा सकता है। ऐसे में जरूरत होती है शरीर को भीतर से ठंडा रखने की। इसमें आपका खानपान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। तो चलिए आज हम आपको ऐसे कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जो गर्मी को मात देने के साथ-साथ आपको ठंडा रखते है
09 मई 2019
25 मई 2019
यूं तो लोग अपनी डाइट में कई तरह के फलों को शुमार करते हैं, लेकिन एवोकाडो पर उनका ध्यान ही नहीं जाता। पर वास्तव में यह एक सुपरफूड है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, काॅपर, मैंगनीज, फास्फोरस, जिंक, फाइबर, कई तरह के विटामिन व मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाए जाते हैं।
25 मई 2019
25 मई 2019
शरीर के लिए पानी किसी अमृत से कम नहीं है। वैसे तो शरीर को बीमारियों से मुक्त करने और स्वस्थ रहने के लिए हर मौसम में पानी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना चाहिए। लेकिन गर्मी के मौसम में यह आवश्यकता बढ़ जाती है और ऐसे में सिर्फ पानी के जरिए प्यास बुझाना या शरीर में पानी का स्तर बनाए रखना संभव नहीं होता
25 मई 2019
16 मई 2019
दूध का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक माना गया है। इसमें मौजूद कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन्स व अन्य पोषक तत्व सिर्फ हड्डियों के लिए ही फायदेमंद नहीं होते, बल्कि इससे शरी के सही तरह से ग्रोथ मंे भी मदद मिलती है। यही कारण है कि छोटे बच्चों से लेकर बूढ़े व्यक्ति तक को दूध पीने की सलाह दी जाती है। लेक
16 मई 2019
06 मई 2019
शहद एक ऐसी चीज है, जिसका प्रयोग किचन से लेकर काॅस्मेटिक्स तक किया जाता है। कुछ लोग तो सुबह की शुरूआत ही नींबू व शहद के पानी से करते हैं। वहीं स्किन को बेहतर बनाने के लिए भी शहद का प्रयोग किया जाता है। शहद के गुणों के बारे में जितना भी कहा जाए, कम ही है। यह एक प्राकृतिक और सेहत के लिए लाभकारी स्वीटनर
06 मई 2019
19 मई 2019
जैसे ही मौसम बदलता है तो लोगों को अपनी डाइट पर भी ध्यान देना पड़ता है। कहा जाता है कि स्वस्थ रहने के लिए मौसमी फल व सब्जियों को आहार में शामिल करना चाहिए। लेकिन इसके अतिरिक्त भी कुछ चीजें सेहत के लिए लाभकारी होती हैं। चूंकि अब गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है तो ऐसे में जरूरी है कि आपके आहार में शरीर को
19 मई 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x