' 2019 का चुनाव ' के अपने अलग तरह के रंग

21 मई 2019   |  शोभा भारद्वाज   (35 बार पढ़ा जा चुका है)

' 2019 का चुनाव ' के अपने अलग तरह के रंग

' 2019 का चुनाव' के अपने अलग तरह के रंग

डॉ शोभा भारद्वाज

अबकी बार सात चरणों में चुनाव हुये और लम्बे खिचे जितना मोदी जी समर्थक मोदी – मोदी के नारे लगते थे उतना ही राहुल गाँधी ने अपने समर्थको से नारा लगवाया चौकीदार उत्तर चोर है देश के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री जिन पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं है के लिए ऐसे नारे ?इसके जबाब में भाजपा का नारा था ,’हम भी चौकीदार’ राहुल जी की बहन प्रियंका वाड्रा भी चुनावी मैंदान में उतारी गयीं | काफी समय से कांग्रेसी जन प्रियंका लाओ का नारा लगा रहे थे शायद प्रियंका वाड्रा में मतदाता स्वर्गीय पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी की छवि देख कर वोट दे दें, चुनाव का रिजल्ट ही तय करेगा प्रियंका जी का कितना असर रहेगा कांग्रेस कितनी सीटें लेकर आती हैं ? जागरूक मतदाता जानता है उनके पति पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही है | राहुल गांधी जी के पास गिने चुने डायलोग है चौकीदार --- अम्बानी की जेब में मोदी जी ने ------इतने रूपये डाल दिए कितनी रकम ,रकम अदलती बदलती रहती है | राफेल में चोरी हुई है मोदी जी मुझसे बहस करें वह ? एक नई योजना चुनाव मैनिफेस्टो में लायें हैं हर गरीब के खाते में हर वर्ष 72,000 रुपया दिया जायेगा लेकिन पैसा कहाँ से आयेगा कोई स्पष्टीकरण नहीं है |क्या गरीबी के नाम पर घर बैठा कर खिलाओगे ?आज कल सरकारी नौकरियाँ बहुत कम है ज्यादातर प्राईवेट नौकरियाँ हैं कभी भी निकाले जा सकते हैं वही टैक्स देने वाले हैं कभी किसी ने उनके बारे में सोचा है ? लोक लुभावन मुद्दे |राहुल से अधिक स्थानीय मुद्दों को प्रियंका उठाती रही हैं उनके रोड शो में काफी भीड़ इकट्ठी होती थी क्या यह भीड़ वोटों में परिवर्तित हुई है ? मुस्लिम समाज को वोट बैंक में तब्दील करने की सभी दलों में होड़ रही है कमल हसन अभिनेता ने धमाकेदार राजनीति में एंट्री करने के लिए कहा नाथूराम गोडसे पहला हिन्दू आतंकी था जब विरोध हुआ सफाई पेश की हर धर्म में आतंकी हैं लिखी स्क्रिप्ट पढने वालों को जानकारी नहीं है विश्व कट्टर इस्लामवाद से त्रस्त है इस्लामिक स्टेट की विचारधारा ने सीरिया ईराक को बर्बादी तक पहुँचा दिया |देश में बहस शुरू हो गयी कुछ गोडसे को देशभक्त कहने में जुट गये कुछ हत्यारा लेकिन एक बात पक्की है महात्मा गांधी जी का विषय उठाना जनमानस को दुखी कर गया| गोडसे का नाम आयेगा तो गांधी जी पर भी चर्चा होगी | गांधी जी सदैव हिन्दू मुस्लिम एकता के समर्थक रहे हैं फिर भी पाकिस्तान बना, पाकिस्तान से कटी लाशों से भरी गाड़ियाँ आ रही थी | लुटे पिटे शरणार्थियों के पास न खाने को था न रहने का ठिकाना भारत में भी मुस्लिम के खिलाफ जनमानस होने लगा था | राजस्व का एक हिस्सा पाकिस्तान जाना था लेकिन उस समय के सत्ता पर बैठे नेताओं को भय था पाकिस्तान इस पैसे का उपयोग भारत के खिलाफ करेगा | पाकिस्तान की सेना के नेतृत्व में कबायलियों ने कश्मीर पर हमला कर दिया वह श्री नगर से केवल 35 मील दूर थे लेकिन उन्होंने लूटमार शुरू कर दी भारत की सेना को श्रीनगर एवं कश्मीर का बचा भाग बचाने का मौका मिल गया गांधी जी ज़िंदा थे लेकिन गांधीवाद? शरणार्थियों ने कुतुबमीनार एवं निजामुद्दीन ओलिया की दरगाह के आस पास खाली जगह पर रहने के लिए तम्बू लगा दिए गांधी जी ने अनशन शुरू कर दिया |शरणार्थी दुखी थे जहाँ उनके घर बार थे वहाँ परदेसी हो चुके थे नये सिरे से घर बसाने थे | गांधी जी का विरोध होने लगा |

चुनाव में अनेक छुट भैया नेताओं ने भीड़ बटोरने तालियाँ पिटवाने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए के लिए ऐसे -ऐसे डायलाग बोले लिखा नहीं जा सकता जा सकता| ईवीएम पर भी सवाल उठाये गये एक घटना मुझे याद आई वोट देने गयी 12 बजे का समय था काफी लम्बी लाइन थी अचानक एक आदमी जिसने बनियाइन और लुंगी पहने ,बाजुओं में तेल चुपड़ा था मतदान क्षेत्र में वोटरों की लाइन के बीच आड़ा तिरछा दौड़ने लगा उसके पीछे पुलिस भागी वहीं तैयार खड़ी गाड़ी से तीन लोग उतरे ड्राईवर ने गाडी बंद नहीं की मतदान केंद्र के अंदर गये उनके पास पिस्तौल थी मतपत्र की गड्डियों पर ठक- ठक मोहर लगाई कर्मचारी भय से कांपते खड़े रहे बाहर आकर कहा हैगो (हो गया) ड्राईवर से कहा ‘हांको’ जीप अगले मतदान क्षेत्र में चल दी बाहुबलियों का जोर था |तब तक पुलिस भी लौट आई मत देने के लिए उत्साही जनता हैरान परेशान कुछ देर खड़ी रही फिर अपने घरों को लौट गयी | अब मशीन है खराब हो सकती है ठीक हो जायेगी मतदाता वोट दे सकेंगें |

नक्सलाईट एरिया छत्तीसगढ़ गढ़ में शान्ति से मतदान हो गया लेकिन बंगाल का मतदान मीडिया की सुर्ख़ियों में छाया रहा ममता दी ने कम्यूनिस्टों से बड़े संघर्ष के बाद सत्ता हासिल की थी ऐसा क्या भय है टीएमसी के कार्य कर्ता मतदाता को वोट नहीं देने दे रहे थे ? यह लोकसभा के चुनाव हैं न कि विधान सभा दीदी की सत्ता अभी सुरक्षित है लेकिन ममता दी अधिक से अधिक सांसदों को सदन में पहुँचा कर अपना प्रभाव बचाये रखना चाहती है कहती हैं वह प्रधान मंत्री पद की इच्छुक नहीं है उनका विरोध नरेंद्र मोदी जी से हैं |लड़ाई झगड़ों के बीच सातों चरणों का मतदान हुआ | मतदाताओं पर महिलाओं ने पथराव किये कुछ के सिर फूटे नेताओं एवं मीडिया की गाड़ियों को भी बक्क्षा नहीं गया |यह लोग कौन थे क्या या बंगाल में बसे बंगलादेशी ? क्या विदेशियों को बसा कर अपनी सत्ता बचाई जाएगी ?

पहले कांग्रेस की मुस्लिम वोट बैंक पर पकड़ थी धीरे-धीरे समाजवादी उनके हित चिंतक बन गये जब हिन्दु संगठित होने लगे उनका झुकाव भाजपा के हिंदुत्व के अजेंडे की तरफ होने लगा जबकि मोदी जी सबका साथ सबका विकास मान कर चल रहे थे |कांग्रेस अध्यक्ष की आस्था पर प्रश्न नहीं उठाया जा रहा लेकिन चुनाव के समय आस्था जहाँ भी चुनाव प्रचार के लिए जाते वहाँ के प्रसिद्ध मन्दिरों में दर्शन करने जाते, गेरुए रंग की पगड़ी ,पट्कों एवं गेंदा के फूलों की मांग बढ़ गयी यही नहीं सारा वातावरण भगवे में रंगा दिखता| सच्चे एवं पक्के हिन्दू सिद्ध करने की होड़ बढ़ गयी प्रियंका जी ने अपना प्रचार प्रयागराज से किया सिर ढक कर मन्दिरों में पूजन किया संगम तट पर गंगा जल का आचमन भी लिया | पूरा चुनाव भक्ति मय कर दिया गया |दिग्विजय सिंह जी भोपाल से चुनाव लड़ रहे हैं उन्होंने कम्प्यूटर बाबा को बुलाकर बकायदा साधना करवाई जिसके चक्कर में वोट देने भी नहीं गये जिनकी कट्टर हिंदुत्व वादी छवि है उनके लिए क्या लिखना ?मोदी जी चुनाव के अंतिम चरण में केदारनाथ धाम में बनी गुफा में भगवा चादर ओढ़े समाधि में लीन दिखे| उन्होंने बद्रीनाथ की यात्रा भी की |

चुनाव में आंसू भी बहे से मतदाता प्रभावित हुए या नहीं रिजल्ट आने पर पता चलेगा |

चुनाव में नये – नये अपशब्द गढ़े गये सुन कर हैरानी होती थी बाप दादाओं के नाम का सहारा लिया यही नहीं अपने विपक्षियों के माता पिता पर प्रश्न उठाये गये | स्वर्गीय राजीव गांधी के समय के इतिहास को भी बक्शा नहीं गया | भाजपा एवं मोदी जी अपने काम गिनाते हैं अबकी आतंकवाद के ख़िलाफ़ सेना का शौर्य सर्जिकल स्ट्राईक एयर स्ट्राईक विषयों पर अधिक जोर दिया गया| राष्ट्रवाद को भी परिभाषित किया जा रहा है| किसानों का हित , दूसरी तरफ पुलबमा के हमले पर सरकार की भर्त्सना की जा रही है लेकिन सर्जिकल स्ट्राईक,एयर स्ट्राईक पर प्रश्न चिन्ह लगाया गया उनकी सत्ता यदि आई तो बेरोजगारी की समस्या दूर की जायेगी एवं अनेक कार्य| ‘मुद्दे अधिकतर गौण रहे उन्हीं मुद्दों की चर्चा की गयी जिनसे वोट का प्रतिशत बढ़े’|मीडिया के पास बहुत काम था |

कई एजेंसियों ने सर्वे किया अपने –अपने अनुमान लगाये जा रहे हैं किस दल की सरकार बनेगी हैं सेंसेक्स ऊँचा उठ रहा है सटोरिये भी पीछे नहीं है |अनुमान एनडीए की सरकार का है लेकिन भाजपा का बहुमत उत्तर प्रदेश में आने वाली सीटें निश्चित करेंगी |अबकी बार मोदी जी एवं भाजपा सत्ता पर फिर से काबिज होने के लिए संघर्ष कर रहे थे अन्य विपक्षी दल महागठ्बन्धन के लिए संघर्ष कर रहे थे कांग्रेस अपनी खोयी सत्ता नेहरू गाँधी परिवार के सहारे पाना चाहते थे समय बताएगा कौन प्रधान मंत्री पद की शपथ ग्रहण करते हैं देश को मजबूत स्थिर सरकार चाहिए |

अगला लेख: मोदी जी की पाकिस्तान के प्रति विदेश नीति में चाणक्य नीति की झलक



आदरणीय शोभा जी , नमस्कार .
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आपके विचारों का शब्दनगरी पर स्वागत है . आभार एवं धन्यवाद

बिलकुल इंतज़ार है इस बार तो .... कड़ी टक्कर जो है

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