मोदी एक आस से विश्वास

31 मई 2019   |  संदीप   (27 बार पढ़ा जा चुका है)

लोकतंत्र के महापर्व से प्रकट हुई 303 की संख्या शुभ संख्या 101 की तीन गुनी है यह असाधरण घटना इस लिए घटी क्यूंकि शस्य श्यामला पावन धरा की गोद में एक महा तपस्वी चेतना ने सकारात्मक चिंतन की डोर पकड़ कर्मठता त्याग व साहस की पराकष्ठा की परिणामतः उसमे अदुतीय प्रज्ञा का अवतरण हुआ जो देखते देखते जन मन में बसी एक अदनी सी आस से सम्पूर्ण भारत वर्ष में विराट विश्वास के रूप में छा गयी जिसे हम मोदी कहते हैं. 23 मई 2019 को सम्पूर्ण भारत वर्ष ने अपने उसी विश्वास के महाविजय की पताका फेहरते देख भारत माँ आंनदित हुई प्रफुल्लित हुई क्यूंकि उसके वीर सपूतों ने अपनी मात्रभूमि को सैकड़ों वर्षों की घोर यातना भरी गुलामी से मुक्त कराने को सहस्रों बलिदान दिए पर वीर प्रसूता की भरी आँखों ने कभी भी अपने सपूतों का सहस काम नहीं होने दिया हर काली कठिन रात्रि में अपने सुपुत्रों के मन में सुन्दर सुबह की आस जगाती रहीं और यही आस नवजीवन का आधार बनी .

अगला लेख: मोदी ने अपने नाम के आगे से चौकीदार हटाया, वजह भी बताई



संदीप जी , बहुत बढ़िया बात लिखी

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