सिर्फ इस वजह से महारानी पद्मावती जैसी पत्नी चाहता था खिलजी! - Padmavati history in Hindi

05 जुलाई 2019   |  स्नेहा दुबे   (952 बार पढ़ा जा चुका है)

सिर्फ इस वजह से महारानी पद्मावती जैसी पत्नी चाहता था खिलजी! - Padmavati history in Hindi

भारत के इतिहास में एक से बढ़कर एक वीर पुरुष हुए हैं लेकिन इन वीर पुरुषों मे कुछ ऐसी महिलाएं भी थीं जिन्होंने अपना बलिदान देश, पति और अपनी आबरू बचाने के लिए दे दी। ऐसी एक नहीं बल्कि कई रानियां हैं लेकिन यहां हम बात 13वीं शताब्दी में आई रानी पद्मावती की कहानी के रूप में करेंगे। इतिहास में चित्तौड़गढ़ से बहुत सी कहानियां हैं जिनके बारे में लोग दिलचस्पी के साथ पढ़ते है। इतिहास में सबसे ज्यादा लोकप्रिय रानी हैं पद्मावती औऱ इनकी खूबसूरती के बारे में कवि मलिक मुहम्मद जायसी ने एक कविता भी लिखी है। रानी पद्मावती अपनी सुंदरता के लिए पूरे भारत में पहचानी जाती हैं। मगर बहुत से लोगों का मानना है कि Rani Padmavati के अस्तित्व को लेकर इतिहस में कोई दस्तावेज मौजूद नहीं है लेकिन अगर आप चित्तौड़ जाते हैं तो आज भी महारानी पद्मावती की छाप आपको दिखाई देगी।



रानी पद्मावती की कहानी (Rani Padmavati Story)



12वीं और 13वीं शताब्दी में चित्तौर के राजपुत राजा रावल रतन सिंह का राज्य था जो सिसोदिया राजवंश से ताल्लुक़ रखते थे। वे एक बहादुर योद्धा थे जिन्होने अपनी सूझ-बूझ से कई लड़ाई जीती थी। राजा रतन सिंह ने 13 शादियां की थीं लेकिन फिर भी वे सिंघाला एक स्वयंवर में गए, जहां रानी पद्मिनी के पिता ने एक आयोजन किया था। रतन सिंह को पद्मिनी भा गईं और उन्होंने उनसे शादी करने का फैसला किया। रानी पद्मावती बेहद खूबसूरत राजकुमारी थीं और उके सुंदरता के चर्चे कई राज्यों में थे लेकिन वे रतन सिंह की पत्नी बनकर चित्तौड़ पहुंच गईं। ऐसा बताया जाता है कि इस स्वंयवर में रावल रतन सिंह ने मलकान सिंह को हरा दिया था। रतन सिंह पत्नी पद्मावती से बहुत प्यार करने लगे थे और इसके अलावा वे कला के भी बहुत शौकीन थे। उनके दरबार में कई तरह में संगीतकार, कवि, दायक और नर्तकियां हुआ करती थीं लेकिन सबसे खास राघव चेतन भी थे जिन्हें संगीत के साथ ही काला जादू भी आता था। राघव चेतन ने पद्मावती की खूबसूरती को भांप लिया था। राघव अपने काले जादू से राजा रतन सिंह के खिलाफ कुछ करना चाहता था लेकिन कर नहीं पाता था। तभी एक बार उसने राजा रतन सिंह और पद्मावती को खास पल बिताते छिपकर देखने लगा था लेकिन पद्मावती ने महसूस कर लिया और राजा को बताया। राजा जब कमरे के बाहर देखने गए तो चेतन की महक से पहचान पाए और उसी समय उन्हें दरबार में बुलाया। इस कड़ी और घिनौनी सजा से राजा रतन सिंह ने उन्हें राज्य से निकाल दिया।



राघव चेतन अपना ये अपमान नहीं भूल पा रहा था और उसने प्रतिज्ञा कर ली कि वो राजा रावल रतन सिंह को बर्बाद कर देगा। राघव चेतन ने राज्य छोड़ दिया और दिल्ली आ गए। यहां पर वे दिल्ली के सुल्तान से हाथ मिलाकर राजा रतन सिंह को बर्बाद करना चाहते थे। अलाउद्दीन खिलजी हर दिन जंगल मं शिकार करने आते थे और उससे मिलने की चाह में राघव हर दिन वहां बांसुरी बजाता था। एक दिन राघव के बांसुरी की धुन अलाउद्दीन ने खुनी और उसे अपने दरबार में बुलवाया। दरबार में जब अलाउद्दीन ने राघव से पूछा कहां से आए हो राघव ने बताया कि वो चित्तौड़ से आया है और उसके पास इस धुन के अलावा बहुत सी सुंदर चीजें बताने के लिए हैं। अलाउद्दीन औरतों के मामले बहुत पिघला हुआ इंसान था सुंदरता से मतलब उसने कुछ लगाया और गहराई से बताने को कहा। तब राघव ने महारानी पद्मावती की सुंदरता का बखान करना शुरु कर दिया। चालाक राघव ने महारानी की सुंदरता का बखान इस तरह किया कि अलाउद्दीन की उत्सुकता बढ़ने लगी और उसने चित्तौड़ पर हमला करने के बारे में विचार करना शुरु कर दिया। इस विचार को गहराई से राघव चेतन ने बढ़ावा दिया और आखिर में चेतन भी खिलजी के हाथों मारा गया था लेकिन फिर भी वो अपनी चाल से बाज नहीं आया।


अलाउद्दीन खिलजी की चित्तौड़गढ़ पर चढ़ाई



Rani Padmavati की सुंदरता को सुनकर अलाउद्दीन खिलजी ने दो दिनों के अंदर ही चित्तौर पर चढ़ाई शुरु कर दी। वहं पहुंचकर उसने देखा कि बहुत ज्यादा सुरक्षा है तो वो निराश हो गया लेकिन अब वो पद्मावती को देखने के लिए वो कुछ भी कर सकता था। उसने युद्ध के लिए राजा को ललकारा लेकिन 6 महीनों तक कोई संदेश नहीं मिलने पर उसने रावल रत्न सिंह को एक संदेश के जरिए बताया कि वो उनसे मिलना चाहता है। रावल रतन सिंह ने उनसे मिलने के लिए हामी भरी और खाने पर उसे बुलाया। उस दौरान महल में एक भी महिला को उसके सामने आने की अनुमति नहीं थी और पुरुष ही सारा काम कर रहे थे। महारानी को देखने के लिए उत्सुक अलाउद्दीन खिलजी ने राजा से उनके परिवार से मिलने की बात कही तो राजा ने बताया यही उनका परिवार है। आखिर में उसने उनकी पत्नी रानी पद्मावती को देखने की ख्वाहिश बताई। इसपर पहले तो राजा क्रोधित हुए लेकिन अथिति देवो भव कहावत के आगे मजबूर हो गए। पहले तो राजा ने इस बात के लिए मना किया लेकिन पद्मावती ने राजा को कहा कि अगर खिलजी उन्हें देखकर चला जाएगा तो देख लेने दो कम से कम राज्य युद्ध से तो बच सकता है। फिर राजा रावल रतन सिंह ने निश्चय किया कि वो रानी का आईने में सिर्फ प्रतिबिंब देखेगा। खिलजी मान गया और जब ऐसा किया गया तो उसने रानी का प्रतिबिंब देखकर ही हैरान रह गया और उसने निश्चय किया कि वो रानी को पाकर ही रहेगा। रानी की झलक देखने के बाद से ही खिलजी के इरादे और भी गहराते गए और उसने अपने मन में एक स्त्री के साथ कल्पना करना शुरु कर दिया था। इसके साथ ही खिलजी की उत्तेजना भी बढ़ती जाती थी। वो युद्ध, छल या किसी भी तरह से महारानी पद्मावती को पाना चाहता था लेकिन ये मुमकिन नहीं हो पाया।



Padmavati History के बारे में अगर आप पढ़ने चलेंगे तो उसमें खिलजी का जिक्र जरूर होगा।उस समय तो खिलजी वहां चला जाता है लेकिन अपनी चालाकी से वो राजा को भी खातिरदारी के लिए अपने कैंप में बुलाता है। राजा उसकी बात मानकर चले जाते हैं लेकिन वहां खिलजी राजा को बंदी बना लेता है और चित्तौर से रानी पद्मावती की मांग कर लेता है। पहले को इस बात को कोई नहीं मानता और सेनापती राजपूत जनरल गोरा और बादल राजा को बचाने के लिए युद्ध की बात करते हैं। मगर रानी अपनी सूझ-बूझ से राजा को बचाने का निश्चय करती हैं लेकिन वे अपनी कुछ शर्ते रख देती हैं जैसे- रानी अपनी 150 दासियों के साथ वहां जाएंगी, जहां रानी पहुंचेंगी वहां पर कोई पुरुष नहीं होगा और रानी का स्वागत खुद खिलजी की बेगम मल्लिका-ए-जहां करेंगी। खिलजी महारानी की सभी शर्तें मान लेता है और अगली सुबह पद्मावती 150 पालकी के साथ दिल्ली पहुंच जाती हैं। इसके बाद पद्मावती राजा को खिलजी की बेगम की मदद से दिल्ली से बाहर की एक सुरंग के द्वारा बाहर निकालने में कामयाब हो जाती हैं। जब ये बात खिलजी के दरबार में जाती है कि 150 दासियों में महिलाएं नहीं बल्कि रावल रतन सिंह की सेना है तो खिलजी अत्यंत क्रोधित हो जाता है। खिलजी अपनी ये हार बर्दाश्त नहीं कर पाता है और अपनी बेगम को कालकोठरी में डालने का हुकुम देकर चित्तौड़ पर आक्रमण करने का ऐलान कर देता है।


खिलजी चित्तौड़ पर आक्रमण करता है और राजा रतन सिंह भी युद्ध करने का एलान करते हैं। युद्ध में भेजने से पहले रानी पद्मावती उनसे खुद को जौहर करने की आज्ञा लेती हैं लेकिन राजा नहीं मानते हैं। तभी रानी ने उन्हें बोला कि अगर युद्ध भूमि में राजा रावल रतन सिंह वीरगति को प्राप्त होंगे तो रानी के जीने का भी कोई मतलब नहीं होगा। बहुत मुश्किल से राजा मान जाते हैं और युद्ध करने निकल पड़ते हैं। राजा अपने सैनिकों को बोलते हैं कि किले का दरवाजा खोल दिया जाए और आखिर समय तक उनसे लड़ना है। इस बात से रानी बहुत निराश होती हैं और जब किले में ये खबर आती है कि राजा रावल रतन सिंह वीरगति को प्राप्त हुए फिर महारानी जौहर की तैयारी में लग जाती है। पूरे राज्य की महिलाएं जलते हुए कोयले के अंगारों पर चलने को तैयार हो जाती हैं लेकिन सबसे पहले इसके लिए महारानी पद्मावती निकलती हैं क्योंकि वे अपनी छवि भी पराए पुरुष खिलजी तक नहीं पहुंचने देना चाहती थीं।


महारानी पद्मावती की मृत्यु


ऐसा बताया जाता है कि 26 अगस्त, 1303 में पद्मावती ने जौहर कर लिया था। इसका मतलब खुद को आग के हवाले कर देना होता है। किले की महिलाएं भी महारानी के साथ जौहर कर लेती हैं और सभी महिलाओं के खत्म होने के बाद पुरुषों के पास लड़ने की कोई वजह नहीं बचती है। उन्होंने आखिरी दम तक लड़ाई की तो कुछ ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस युद्ध में अलाउद्दीन खिलजी की जीत हुई लेकिन उसने आखिरी समय तक महारानी को नहीं देखा। जब अलाउद्दीन चित्तौर के किले में पहुंचता तो उसे वहां सिर्फ मृत शरीर, राख और हड्डियां ही मिली। Padmavati Story in Hindi अक्सर लोग गूगल पर सर्च करते हैं लेकिन एक ही जगह इनके बारे में हर बात नहीं मिल पाती क्योंकि हर किसी का महारानी पद्मावती के लिए अलग-अलग मत है। मगर बहुत सी जगह इसी बात का जिक्र है कि महारानी पद्मावती का अस्तित्व था क्योंकि चित्तौड़ के उस किले में आज भी महारानी पद्मावती की आत्मा भटकती है।


पद्मावती पर बनी बॉलीवुड में फिल्म



साल 2018 में आई निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत जितनी विवादों में रही उतनी ही पॉपुलर भी हुई थी। बॉक्स-ऑफिस पर इस फिल्म ने धमाल मचा दिया था। खुद को महारानी पद्मावती का वशंज बताने वाले करणी सेना प्रमुख ने खूब बवाल किया था और कहा था कि इस फिल्म को किसी भी हाल में रिलीज नहीं होने देंगे। फिल्म रिलीज भी हुई और 300 करोड़ का बिजनेस भी कर गई। उन्हें आपत्ति थी कि फिल्म में महारानी पद्मावत और अलाउद्दीन खिलजी के बीच कुछ लव मेकिंग सीन भी दिखाए गए जबकि फिल्म देखने वालों ने बताया कि ऐसा कुछ नहीं था। इसके बाद बहुत से लोगों ने महारानी पद्मावती के बारे में जानना चाहा था और आज भी लोग उनकी कहानी पढ़ना चाहते हैं। इनकी कहानी सच में काफी दिलचस्प रही है और यही वजह थी कि लोग महारानी पद्मावती को जानने के लिए सिनेमाघरों तक गए थे और संजय लीला भंसानी ने बहुत सी मुश्किलों के बाद भी फिल्म रिलीज की और ये सुपरहिट भी हो गई थी।

अगला लेख: शिवजी का ऐसा मंदिर जहां कैदी बनाते हैं बाबा के लिए नाग मुकुट, जानिए ये अद्भुत परपंरा



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
06 जुलाई 2019
साल 1983 में भारत ने पहला वर्ल्ड कप हासिल किया था और इसका पूरा श्रेय पूर्व क्रिकेटर कपिल देव को गया था। अब इनके ऊपर निर्देशक कबीर खान एक फिल्म बना रहे हैं, जो कपिल देव की बायोपिक होगी। इस फिल्म में बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह कपिल देव का किरदार निभा रहे हैं और फिल्म का नाम 83 द फिल्म है, जो 10 अप्रैल,
06 जुलाई 2019
20 जुलाई 2019
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री Sheila Dikshit का 81 साल की उम्र में निधन हो गया है। लंबे अरसे से बीमार चल रही शीला का एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था और 20 जुलाई को अचानक उनके दिल की धड़कन रुक गई और उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। शीला दीक्षित का अंतिम दर्शन रविव
20 जुलाई 2019
08 जुलाई 2019
सब टीवी पर आने वाला सबसे पॉपुलर शो Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah पिछले 10 सालों से लोगों को मनोरंजित कर रहा है। इसमें दिखाए जाने वाले बहुत से किरदार आज भी इससे जुड़़े हुए हैं हालांकि कुछ है जो अलग-अलग वजहों से शो से दूर हो चुके हैं। इस शो में एक जर्नलिस्ट का किरदार
08 जुलाई 2019
16 जुलाई 2019
देश में पहली पैसेंजर ट्रेन मुंबई (तब बंबई) से ठाणे के बीच साल 1853 में चलाई गई थी। तब से लेकर आज तक ये भारत की लाइफ लाइऩ बनी हुई है। कहीं भी आने और जाने या फिर माल ढोने के लिए सभी की पहली पसंद रेल ही हुआ करती थी। आज हम आपको भारतीय रेल
16 जुलाई 2019
18 जुलाई 2019
भारतीय सेना के प्रति हर भारतवासी एक सॉफ्ट कॉर्नर रखता है क्योंकि उनकी वजह से ही हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं। भारतीय सेना हर देशवासियों के दिल में बसती है और उनके बारे में हम आम नागरिकों को कुछ बातें पता होनी चाहिए। धूप, बरसात और ठंड में सैनिकों को रहने की ट्रेनिंग दी जाती है लेकिन हर हाल म
18 जुलाई 2019
16 जुलाई 2019
आज के समय में दो क्षेत्रों में खूब पैसा है, एक फिल्म नगरी और दूसरा क्रिकेट। अगर हम बात सिर्फ क्रिकेट की करें तो इंडिया में क्रिकेट सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला खेल है जिसमें बेशुमार पैसा है। इसमें तगड़ी फीस, आकर्षक डेली अलाउंस और कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट देखने को मिलते
16 जुलाई 2019
29 जून 2019
चंद्रा और मिसेज़ चंद्रा की जोड़ी चंद्रा साब ने गौर से अपना चौखटा शीशे में देखा. ओफ्फो मूंछ सही तरीके से काली नहीं हुई. एक बार फिर काली स्याही का ब्रश लगाया तो तसल्ली हुई. अब ठीक है. सर पर गिनती के बाल बचे हुए थे जिन्हें चंद्रा साब पहले ही का
29 जून 2019
08 जुलाई 2019
आजकल के समय लोग अपनी फिटनेस पर ज्यादा ध्यान दे ने लगे हैं। लड़के हों या लड़कियां सभी को अपने फिगर की चिंता रहती है। जहां एक ओर लड़के रफ एंड टफ फिगर बना रहे हैं वहीं लड़कियां ज़ीरो फिगर के साथ अपनी इमेज निखारने में लगी हैं। ऐसा सिर्फ फिल्मों की एक्ट्रेसेस ही नहीं बल्कि आम लड़कियां भी करने लगी हैं। Bi
08 जुलाई 2019
18 जुलाई 2019
शि
इस सावन जानिए शिवपूजा में बेलपत्र का महत्व..!!!सावन का पवन महीना चल रहा है ऐसे में हम आपको बता रहें है शिवलिंग की पूजा में क्या क्या चढ़ाना चाहिए।भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र प्रयोग होते हैं। बेलपत्र का बहुत महत्व होता है और इनके बिना शिव की उपासना सम्पूर्ण नहीं होती।👉🏻👉🏻👉🏻👉🏻 आइये जानते है ब
18 जुलाई 2019
04 जुलाई 2019
पिछले साल बॉलीवुड में #Metoo कैंपेन चला था जिसके अंतर्गत फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाली बहुत सी महिलाओं ने अपने ऊपर होने वाले अत्याचारों को शेयर किया था। उन्होंने बताया कि किस तरह से फिल्म एक्टर, निर्देशक, निर्माता और कई बड़ी पोस्ट पर रहने फिल्म मेकर्स उन्हें फिल्म
04 जुलाई 2019
05 जुलाई 2019
उत्तर भारत में भयंकर गर्मी पड़ रही है जिससे लोग परेशान भी हो गए हैं और इससे बचने के लिए कूलर, एसी और भी ठंडी चीजों का इस्तेमला कर रहे हैं। बहुत से लोग तो गर्मी से परेशान होकर हील स्टेशन या बर्फीले इलाकों
05 जुलाई 2019
19 जुलाई 2019
वी
संभाजी महाराज | ShambhaJi Maharaj in Hindi- भारत को वीरों की भूमि कहा जाता है क्योंकि यहां पर एक से बढ़कर एक वीर योद्धा जन्म लिए और बिना सिर छुकाए प्राणों की आहूति दे दी। उन्हीं वीर योद्धाओं में एक हैं छत्रपति Sambhaji Maharaj जिनका जीव
19 जुलाई 2019
16 जुलाई 2019
मे
https://aakasharcaeoblogger.blogspot.com/?m=0 कृप्या मेरे ब्लॉग में पढ़े।
16 जुलाई 2019
28 जून 2019
इस्मत फ़रोशी से ज्यादा हो जहाँ इस्मतदर, बात ईमान की उस मुल्क में बेमानी है .बेपर्दगी की हिमायत में है एक भीड़ खड़ी, वो ही इस्मतदर के हिम्मत अफ़्ज़ाई है. (आलिम)
28 जून 2019
20 जुलाई 2019
आज के दौर में सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां पर कुछ भी वायरल करके हिट कराया जा सकता है। पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर #SareeTwitter ट्रेंडिंग है और इसमें बहुत सी हसिनाएं साड़ी में खुद की तस्वीर शेयर कर रही हैं। इस ट्रेंड में फिल्मी, राजनीति और अन्य क्षेत्र से जुड़ी कई महिलाओं ने हिस्सा लिया और
20 जुलाई 2019
06 जुलाई 2019
*सनातन धर्म में चौरासी लाख योनियों का वर्णन मिलता है | देव , दानव , मानव , प्रेत , पितर , गन्धर्व , यक्ष , किन्नर , नाग आदि के अतिरिक्त भी जलचर , थलचर , नभचर आदि का वर्णन मिलता है | हमारे इतिहास - पुराणों में स्थान - स्थान पर इनका विस्तृत वर्णन भी है | आदिकाल से ही सनातन के अनुयायिओं के साथ ही सनातन
06 जुलाई 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x