मासूम

14 जुलाई 2019   |  pradeep   (89 बार पढ़ा जा चुका है)

हर नकाब में खूबसूरत चेहरा नहीं होता,

बदसूरती को भी उसमे छिपाया जाता है,

हर हाथ दुआ देने के लिए नहीं उठता,

जान लेने को भी हाथ उठाया जाता है.

सच को जानना यूँ आसान नहीं आलिम,

कुछ झूठों को भी सच बताया जाता है.

कत्ल ना जाने कितने किये होंगे उसने,

देख खूबसूरती उसे मासूम बताया जाता है. (आलिम)

अगला लेख: हाथी



वाह

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
28 जुलाई 2019
गो
गोडसे की विचारधारा में गांधीवाद की खोज. (आलिम) अगला लेख जो अगले हफ्ते प्रकाशित होगा, ज़रूर पढ़िये.
28 जुलाई 2019
14 जुलाई 2019
अन्धकार से लड़ना और अंधकार में लड़ना दोनों में ज़मीन आसमान का फ़र्क है. आज लोग अँधेरे से नहीं बल्कि अँधेरे में लड़ रहे है. आफ़ताब की रोशनी और चाँद की चाँदनी भी इस अंधकार को खत्म
14 जुलाई 2019
20 जुलाई 2019
क़ु
कुर्बानी में मशहूर वो ही होते है, कुर्बानी से पहले जो मशहूर होते है. बाकी सभी हुए क़ुर्बान तो आलिम,उनकी क़ुर्बानियों का बोझ ढोते है. (आलिम)
20 जुलाई 2019

शब्दनगरी से जुड़िये आज ही

सम्बंधित
लोकप्रिय
27 जुलाई 2019
20 जुलाई 2019
बा
15 जुलाई 2019
14 जुलाई 2019
15 जुलाई 2019
14 जुलाई 2019
20 जुलाई 2019
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x