कलयुगी बेटा

15 जुलाई 2019   |  gsmalhadia   (112 बार पढ़ा जा चुका है)

कलयुगी बेटा

कलयुगी बेटा

एक व्यक्ति के माता-पिता बहुत ही शान्त स्वभाव के थे वह व्यक्ति उनकी इकलौती संतान था मां बाप बड़ी धूम धाम से उसकी शादी करते हैं लड़की वालों से कोई दहेज भी नहीं लेते शादी को छह माह का समय बीतता है कि अचानक उसकी माता जी का देहांत हो जाता है। माता जी की मृत्यु के करीब दस पन्द्रह दिन बाद वह एक दिन आफिस से आकर अपने पिता जी से कहता है कि पापा आप गैरेज में शिफ्ट हो जाओ क्योंकि आपकी वजह से आपकी बहू को परेशानी हो रही है। माताजी के गुजरने के बाद घर के सारे काम उसे करने पड़ते हैं। और आपके सामने उसे पजामा टी शर्ट पहनकर कर कार्य करने में परेशानी होती है। पिता जी बिना कोई बात कहे गैरेज में शिफ्ट हो जाते हैं। करीब महीने भर बाद बेटा कहता है पिता जी बहु को आपको रोटी देने आने में भी शर्म आती है आप बाजार से मंगवा कर खा लिया करें पैसे में दे दिया करूंगा। बुजुर्ग बहु की सारी चाले समझते हैं और अंदाजा लगा लेते हैं बेटा ससुराल वालों के हाथों का मोहरा बन गया है। अब उनके अकेले पन की पीड़ा को यहां कोई समझने वाला नहीं रोने का कोई लाभ नहीं चुप रहने में ही भलाई है ।

कुछ महीनों बाद बेटा और बहु गोवा घुमने जाते हैं बुजुर्ग को घर की रखवाली के लिए अकेला ही घर पर छोड़ जाते हैं बुजुर्ग कुछ नहीं कहता और खुशी खुशी उन्हें विदा करता है बहु और बेटे के जाने के बाद वह बुजुर्ग अपना दो करोड़ का मकान तुरंत एक करोड में पीछे से बेच देते हैं और अपने लिए एक अच्छे वृदा आश्रम में जगह ले लेते हैं तथा घर का सारा सामान एक दूसरा फ्लैट किराये पर ले कर उसमें शिफ्ट कर देते हैं। जब बेटा बहु घूम कर वापस आते है तो उन्हें घर पर एक दरबान बैठा मिलता है वह उन्हें बताता है कि यह मकान तो बिक चुका है। बेटा और बहु हैरान रह जाते है बेटा तुरंत पिता को फोन लगाता है तो वह नम्बर बन्द आता है उन्हें परेशानी में देखकर गार्ड बोलता है क्या पुराने मालिक को फोन कर रहे हो उसके हां कहने पर वह बोलता है भाई उन्होंने अपना नंबर बदल लिया है आपके आने पर आपसे बात कराने की बोल कर गए थे। और गार्ड अपने फोन से नंबर लगा कर उस शख्स की बात बुजुर्ग से कराता है तो फोन पर बुजुर्ग उसे वहीं रुकने के लिए कहते हैं थोड़ी देर में वहां वृदाश्रम की एक कार आकर रुकती है उसमें से बुजुर्ग नीचे उतरते हैं और बेटे को उसके किराये वाले फ्लैट की चाबी देते हुए कहते हैं कि यह रही तेरे फ्लैट की चाबी एक साल का किराया मैंने दे दिया है अब तेरी मर्जी हो वैसे अपनी पत्नी को रख। और यह कह कर बुजुर्ग वहां से चले जाते हैं और बेटा देखता रह जाता है।

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अलोक सिन्हा
17 जुलाई 2019

यह प्रस्तुति किसी सड़क छाप लेखक की नहीं है | यह एक भावना प्रधान करुण और अत्यंत संवेदन शील ह्रदय की प्रस्तुति है | निरंतर लिखते रहिये | बहुत बहुत शुभ कामनाएं |

gsmalhadia
17 जुलाई 2019

🙏

gsmalhadia
16 जुलाई 2019

बदलते समाज को आईना दिखाने की एक सड़क छाप लेखक की पूरजोर कोशिश आशा है यह लेख मतलबी लोगों के अभिमान पर जरूर चोट करेगा पड़ने एंव शेयर करने के लिए आप सभी का अभार 🙏

प्रिया पटेल
16 जुलाई 2019

निः संतान होना ही बेहतर है

anubhav
16 जुलाई 2019

ऐसे बेटों के होने से तो अच्छा है बेटे ही ना हों। संतान को अपने माता पिता को पीड़ा नहीं पहुंचानी चाहिए।

gsmalhadia
16 जुलाई 2019

इससे भी बुरा हाल है bro इस बेटे से भी घटिया इंसान को में नीजी तोर पर जानता हूँ

gsmalhadia
16 जुलाई 2019

अकेले पन एंव तिरस्कार की पीड़ा क्या होती है इसका हम केवल अंदाजा लगा सकते हैं उनके आंसू तथा चुप बहुत कुछ ब्यान करती है

आपके इन सुविचारों से प्रभावित हूँ ... शुभकामनाएं

बहुत ही बढ़िया, काश ये बुद्धिमानी सभी ऐसे लोग दिखा पाएं जो इस पीड़ा से गुज़रते हैं .

gsmalhadia
16 जुलाई 2019

🙏

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