शिव चालीसा : बरसेगी अपार कृपा शिव शक्ति की करें वंदना

25 जुलाई 2019   |  स्नेहा दुबे   (6423 बार पढ़ा जा चुका है)

शिव चालीसा : बरसेगी अपार कृपा शिव शक्ति की करें वंदना

साल 2019 में 16 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत हुई और ये 15 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान लोक शिव वंदना करते हैं और उनकी पूजा करने के दौरान Shiv Chalisa और शिव आरती करने के बाद भी शिवजी की पूजा पूरी की जाती है। शिव जी के माध्यम से भक्त अपने सभी दुखों को भुलाकर उनकी भक्ति में लीन हो जाता है और शिव शक्ति से ही इंसान का उद्धार हो सकता है। सावन महीने में लोग शिव जी की पूजा ज्यादा करते हैं लेकिन इन्हें हर मौसम में पूजा जाता है तभी ये देवों के देव महादेव हैं क्योंकि इन्हें सबसे बड़ा देवता कहा जाता है। शिव चालीसा हर सोमवार को करने से उनकी कृपा भक्तों पर हमेशा बरसती है और ये उन्हें प्रसन्न करने का बेहतरीन माध्यम माना जाता है।


शिवजी के मंत्रों के उपाय ||ओम शिवोहम रुद्रा नम:||


हिंदू धर्म में शिवजी को त्रिदेवों में एक माना जाता है और इनके 108 तरह के अलग-अलग नाम हैं और उनमें से मुख्य रूप से कुछ इस प्रकार हैं- शिवेंद्र, महेश्वर, शम्भूनाथ, नागेश्वर, रूद्राक्ष, भस्मधारी, भोलेनाथ, शिवाय जैसे अनेक नाम हैं। आमतौर पर लोग ओम नम: शिवाय का जाप करते हैं लेकिन अगर किसी की जान पर बन आती है तो महामृत्युंजय का जाप करना सबसे बेहतर होता है। ये मंत्र इस प्रकार है- “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥“।। इसके अलावा शिव जी का पसंदीदा नृत्य तांडव होता है और shiv tandav dance कोई भी कर सकता है और पूजा के दौरान अगर ये किया जाए तो बस भोलेभंडारी को प्रसन्न करना और भी आसान हो सकता है। ''ओम शिवोहम रुद्रा नम:'' के जाप से आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है।


शिव चालीसा का जाप करिए


।।दोहा।।

श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।

कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥

भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥

अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन छार लगाये॥

वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देख नाग मुनि मोहे॥

मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥

कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥

नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥

कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥

देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥

किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥

तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥

आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥

किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तसु पुरारी॥

दानिन महं तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥

वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥

प्रगट उदधि मंथन में ज्वाला। जरे सुरासुर भये विहाला॥

कीन्ह दया तहँ करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥

पूजन रामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥

सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥

एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई॥

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥

जय जय जय अनंत अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी॥

दुष्ट सकल नित मोहि सतावै । भ्रमत रहे मोहि चैन न आवै॥

त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। यहि अवसर मोहि आन उबारो॥

लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥

मातु पिता भ्राता सब कोई। संकट में पूछत नहिं कोई॥

स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु अब संकट भारी॥

धन निर्धन को देत सदाहीं। जो कोई जांचे वो फल पाहीं॥

अस्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥




शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥

योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥

नमो नमो जय नमो शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥

जो यह पाठ करे मन लाई। ता पार होत है शम्भु सहाई॥

ॠनिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥

पुत्र हीन कर इच्छा कोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥

पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे ॥

त्रयोदशी ब्रत करे हमेशा। तन नहीं ताके रहे कलेशा॥

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥

जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्तवास शिवपुर में पावे॥

कहे अयोध्या आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥

॥दोहा॥

नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा।

तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥

मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान।

अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण॥


शिव आरती || shiv chalisa aarti


शिव चालीसा के बाद भक्त को शिव आरती करनी चाहिए और पूरी आरती को अगर आपने मन लगाकर किया तो आपको कई तरह के लाभ हो सकते हैं। शिव जी की पूजा का उत्तम दिन सोमवार होता है और इस दिन अगर किसी ने श्रद्धा-भक्ति के साथ शिव जी की अराधना कर लें तो शंकर भगवान यूहीं प्रसन्न हो जाते है। श्रावण मास में सोमवार के दिन व्रत रखना आपकी हर इच्छा को पूरा करता है।


ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

ओम जय शिव ओंकारा॥

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।

हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।

त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।

त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥




श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूलधारी।

सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।

मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा।

पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।

भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।

शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।

नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।

कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥


यह भी पढ़ें-

|| brahmaakrit shiv stotram ||

|| maa saraswati chalisa ||

|| sai chalisa ||

||guru govind singh chalisa ||

|| maa saraswati chalisa ||

|| Hanuman Chalisa ||

अगला लेख: इस परिवार को बिजली विभाग ने भेजा 1 अरब रूपये का बिल, क्या ये परिवार अंबानी से भी अमीर है ?



चलो सारे बोल बम .... हर हर महादेव .....

बहुत खूब , सावन में भोलेनाथ के दर्शन !

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
01 अगस्त 2019
Webdunia- देश में बहुत सारे हिंदी वेब पोर्टल न्यूज वेबसाइट हैं लेकिन कुछ ही ऐसी वेबसाइट्स हैं जो हमें सही और बेहतर तरीके की खबरें प्रोवाइड करवाती हैं। वेबदुनिया उन्हीं में से एक वेबसाइट है जो कई भाषाओं में खबरें पब्लिश करती हैं और रीडर्स को सही जानकारी देती है। वेबदुन
01 अगस्त 2019
15 जुलाई 2019
विश्व कप 2019 खत्म हो गया और विजेता टीम इंग्लैंड इस समय बहुत खुश है लेकिन देश जानता है कि इस साल का विश्वकप कितने नाटकीय तौर पर हुआ। फाइनल मैच के दौरान टाई होने के बाद सुपर ओवर भी टाई हो गया और इसके बाद बाउंड्रीज लगाने के आधार पर मेजबान अंग्रेजों को विश्व कप विजेता घो
15 जुलाई 2019
01 अगस्त 2019
जब कोई नई सरकार आती है तो जनता को उम्मीद हो जाती है कि ये सरकार उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेगी। उनके लिए सबसे भारी महंगाई को कुछ तो कम करेगी लेकिन जब ऐसा नहीं होता है तब जनता भड़क जाती है और यही सरकार को गिराने का असरदार काम करती है। अब मे
01 अगस्त 2019
31 जुलाई 2019
दुनिया में बहुत सी चीजें अजीबों गरीब हैं और लोगों को ऐसी ही चीजें पसंद होती है। अगर किसी इंसान का नाम किसी सेलिब्रिटीज से मिलता जुलता है तो लोग उनका मजाक बनाने लगते हैं। कुछ ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश के इस युवक के साथ हुआ जब अपने नाम के कारण कुछ परेशानियों का सामना करना
31 जुलाई 2019
20 जुलाई 2019
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री Sheila Dikshit का 81 साल की उम्र में निधन हो गया है। लंबे अरसे से बीमार चल रही शीला का एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था और 20 जुलाई को अचानक उनके दिल की धड़कन रुक गई और उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। शीला दीक्षित का अंतिम दर्शन रविव
20 जुलाई 2019
05 अगस्त 2019
भारत देश में आपको जितने मंदिर देखने को मिलेंगे उतने शायद ही किसी दूसरी जगह होंगे. यहाँ भगवान को लेकर लोगो की आस्था काफी बड़ी हैं. दिलचस्प बात ये हैं कि जितने भी मंदिर बने हैं उन सभी की अपनी एक खासियत होती हैं. उनके पीछे कोई ना कोई चमत्कार या कहानी होती हैं. समय के साथ साथ
05 अगस्त 2019
03 अगस्त 2019
भगवान शंकर को महादेव इसलिए कहते हैं क्योंकि इनसे बड़े कोई देवता नहीं हैं और इन्हें मन से याद करने पर ये आपकी पूजा भी स्वीकार करते हैं। जो मानव हर दिन सुबह ज्योतिर्लिंग के नाम का जाप करता है तो उसके सातों जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं। इस कामना की पूर्ति करने के लिए मानव को हर दिन शिव जी की अराधना करन
03 अगस्त 2019
26 जुलाई 2019
भारत में धर्म व आस्था के प्रति हिन्दुओं की संवेदनशीलता:- हमारे भारत देश के लोगों की भावनाएं भक्ति व धर्म के प्रति काफी संवेदनशील होती हैं। विशेष करके जब कभी धर्म की बात आती है तो भगवान के प्रति आस्था को लेकर काफी संवेदनशीलता देखने को मिलती है। अक्सर आप भक्ति, धर्म और भगवान से संबंधित किसी प्रकार के
26 जुलाई 2019
17 जुलाई 2019
श्रावण मास जिसे सावन भी कहते हैं इस साल इसकी शुरुआत 17 जुलाई से होने वाली है। इस बार पूरे 30 दिन का सावन का महीना होगा और 15 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ ही ये खत्म हो जाएगा। श्रावण मास को शिव जी की अराधना करने का सबसे अच्छा महीना माना जाता है और इस महीने को पवित्र भी कहा जाता है। इस दौरान शिव की जी पू
17 जुलाई 2019
01 अगस्त 2019
भोलेनाथ को प्रसन्न करने और उनकी पूजा करने के लिए श्रावण मास यानी सावन का महीना सबसे पावन माना जाता है। पूरे देश में 17 जुलाई से सावन का महीना मनाया जा रहा है और सभी भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा भक्ति दिखाई है। 15 अगस्त को सावन का महीना खत्म होने वाला है और इसके पहले
01 अगस्त 2019
25 जुलाई 2019
हरिद्वार में कांवड़ियों का बड़ा सैलाब:-हर साल की तरह इस बार भी श्रावण महिने में भगवान शिव शंकर, महादेव के नाम पर हर-हर महादेव, बोल बम, बम-बम और जय शिव शंकर के जयकारों से पूरे देश में शिव जी की भक्ति का मस्त माहौल बना हुआ है। इस महिने श्
25 जुलाई 2019
16 जुलाई 2019
देश में पहली पैसेंजर ट्रेन मुंबई (तब बंबई) से ठाणे के बीच साल 1853 में चलाई गई थी। तब से लेकर आज तक ये भारत की लाइफ लाइऩ बनी हुई है। कहीं भी आने और जाने या फिर माल ढोने के लिए सभी की पहली पसंद रेल ही हुआ करती थी। आज हम आपको भारतीय रेल
16 जुलाई 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x