#सपनों_का_गुल्लक

02 अगस्त 2019   |  अश्मीरा अंसारी   (4392 बार पढ़ा जा चुका है)

#सपनों_का_गुल्लक

नानी के यहाँ से जब लौटा था तो नाना जी ने 50/-नानी जी ने 50/-मामा जी और मासी ने 100/- -100/- रुपये दिए थे स्कूल की छुट्टी लगे हुए भी लग भग २० दिन से अधिक हो रहे है वो पैसे भी गुल्लक में रोज़ डालता हूँ और आज पापा ने 50/- रुपये और दे दिए राजू गुल्लक में पैसे डालते हुए अपने गुल्लक से बत्या रहा था।

अब इन पैसों से मैं रानी [बहन ]के लिए एक गुड़िया खरीद लाऊंगा, माँ कितने दिनों से वही चूड़ियाँ पहनी हुई है लाल रंग की चूड़ियाँ माँ को बहुत पसंद है, हाँ माँ के लिए लाल रंग की चूड़ियां भी खरीद लूँगा। पापा बहुत दिनों से टूटी हुई चप्पल पहन कर काम पे जाते है पिछली दफा जब उन्हें पेमेंट मिला था तब भी माँ ने पापा से कहा था के खुद के लिए एक चप्पल ले आना बहुत टूट गई है मगर पापा ने मेरे स्कूल के टूटे हुए जूते देख लिए थे और अपने लिए चप्पल न लेते हुए मुझे स्कूल के लिए जूते दिला दिए थे। तो इन पैसों में पापा के लिए एक चप्पल भी खरीद लाऊंगा। हाँ एक दो दिन में और भी पैसे जमा हो जाएंगे अलका बुआ और फुफ्फा जी भी तो आने वाले है फुफ्फा जी तो मुझ से बहुत प्यार करते है जब भी आते है मुझे पैसे दे कर ही जाते है।
राजू को खुद ही में बात करते देख मैं ने किचन से आवाज़ लगाईं ।
"कौन है राजू किस्से बातें कर रहा है तू "?
राजू हड़बड़ा कर !!!!!!!
"क , कोई तो नहीं है माँ कोई नहीं"
"हाँ ,हाँ कोई नहीं तो तू बातें किस से कर रहा है", माँ ने हस्ते हुए राजू से कहा ।
"वो माँ मैं, मैं अपने सपनों के गुल्लक से बात कर रहा था," राजू ने फिर से जवाब दिया ।अब राजू के चेहरे पर हलकी सी मुस्कराहट आ गई ।
अशीमिरा 29/5/19 03:45 pm

अगला लेख: रिश्ते



रेणु
03 अगस्त 2019

मासूम सी रचना प्रिय अश्मीरा , पर आपकी अशुद्धियाँ बहुत हीन , वे ठीक हो जाएँ तो रचना द्विगुणित हो जायेगी | हार्दिक स्नेह आपके लिए |

जी आपका मार्गदर्शन मेरे लिए बेहद ज़रूरी है कृपया मुझे सुझाव ज़रूर दें रेणु जी

अलोक सिन्हा
03 अगस्त 2019

बहुत सुन्दर , सराहनीय |

अलोक जी शुक्रिया

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
20 जुलाई 2019
बा
बाज़ार ए इश्क़ की सैर कर आए वफ़ा ओ बेवफ़ाओं से मिल आए बहुत हुजूम ए साहूकार था वहाँ हर एक इंसां ख़रीदार था वहाँ दिलों के ढ़ेर चंद रुपियों में सरे आम बिक रहे थे ख़ुशी ओ मायूसी का मुज़ाहरा हो रहा था वहाँ कोई अपना दिल ख़ुशी से फ़रोख़्त करता कोई मायूस हो के बेचता कोई कच्ची उम्र वाला कोई अधेड़ उम्र वाला कही नक़द सौदा
20 जुलाई 2019
29 जुलाई 2019
मोहन के घर से हर शाम उसकी बीवी की बहुत ज़ोर ज़ोर रोने बिलखने की आवाज़ आया करती थी । मोहन रोज़ शराब पि कर आता और घर में ख़ूब तमाशा करता। उसे बस बहाना चाहिए अपनी बीवी पर हाथ उठाने का,आज भी वो नशे में धुत घर में दाखिल होते ही अपनी बीवी पर बरस पड़ा " उमा , उमा कहा हो ज़रा मेरे लिए पानी ले आना, और लड़खड़ाते हुए ह
29 जुलाई 2019
30 जुलाई 2019
एक रोज़ चले आए थे तुम चुपके से ख़्वाब में मेरे मेरे हाथों को थामे हुए दूर फ़लक पर सजे उस धनक के शामियाने तक हमसफ़र बनाया था मुझे सुनोअपनी ज़िन्दगी के सियाह रंग छोड़ आई थी मैं उसी धनक के आख़िरी सिरे पर जो ज़मीन में जज़्ब होने को थे उसी धनक के रंगों से ख़ूबसूरत रंग मेरे दामन में जो तुमने भर दिए थे वो रंगों में
30 जुलाई 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x