हमेशा मुस्लिम ने किया प्रताड़ित नहीं बदल सकते स्वयं को संस्कार dna में है विचार ख़ून में -direct action plan १९४६ paksitan की नीव !

17 अगस्त 2019   |   भरत का भारत   (434 बार पढ़ा जा चुका है)

हमेशा मुस्लिम ने किया प्रताड़ित नहीं बदल सकते स्वयं को संस्कार dna में है विचार ख़ून में -direct action plan १९४६ paksitan की नीव !

15 अगस्त 1946 में मुस्लिम लीग के द्वाराडायरेक्ट एक्शन डेकी घोषणा कर दी गई. मुस्लिम लीग के इस एलान ने 16 अगस्त 1946 को कलकत्ता में भीषण दंगे का रूप ले लिया. हर तरफ खून की होली खेली जाने लगी. देखते ही देखते कलकत्ता का सांप्रदायिक दंगा बंगाल और बिहार की सीमा पर भी शुरू हो गया.

इस सांप्रदायिक दंगे कोकलकत्ता किलिंगके नाम से भी जाना जाता है.इतिहासकारों की माने तो इस भयानक दंगे के 72 घंटे के दौरान तक़रीबन 6 हजार लोगों की मौत और 20 हज़ार से अधिक लोग घायल हो गए थे.

शिमला समझौता की असफलता के बाद कैबिनेट मिशन भारत आया. इसने पाकिस्तान की मांग को ठुकरा दिया, पर उसने संविधान के निर्माण और किर्यान्वयन के पहले एक अंतरिम सरकार के गठन का प्रस्ताव रखा. कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने मिशन के प्रस्तावों को स्वीकार तो किया पर अंतरिम सरकार में शामिल होने के प्रश्न पर एक समस्या खड़ी हो गयी. शुरूआती दौर में कांग्रेस ने अंतरिम सरकार में शामिल होना स्वीकार नहीं किया. इसलिए मुस्लिम लीग ने दावा किया कि वह कांग्रेस के बिना भी सरकार बना सकती है, परन्तु वायसराय कांग्रेस को अलग रखकर सरकार बनाने के पक्ष में नहीं थे इसलिए लीग के दावे को ठुकरा दिया. जिन्ना ने इस बात पर क्रोध जताया और कैबिनेट मिशन की योजना को अस्वीकार कर दिया. इस साम्प्रदायिक दंगे में हज़ारों लोगों की जानें गईं. बंगाल से फैलते-फैलते यह दंगा नोआखली, बिहार और अन्य जगहों तक फैल गया. मुस्लिम लीग अब हताशा की स्थिति में थी. किसी भी प्रकार वह सत्ता हथियाना चाहती थी जिससे देश का विभाजन करवाया जा सके और मुसलमानों का हित सुरक्षित रखा जा सके.

आतंक फैलाने के बाद मुस्लिम लीग ने अपनी नीति बदल ली. अंतरिम सरकार का जब गठन हो रहा था तो वायसराय ने लीग के सामने भी सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव रखा. इस बार जिन्ना ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. फलतः, लीग भी सरकार में सम्मिलित हो गई. लीग एक निश्चित उद्देश्य से अंतरिम सरकार में शामिल हुई थी. वह सरकार में शामिल होकर कांग्रेस की नीतियों का विरोध करने के लिए शामिल हुई थी. अंतरिम सरकार में मुस्लिम लीग के नेता लियाकत अली को वित्त विभाग सौंपा गया था. नया बजट प्रस्तुत करते समय लियाकत अली ने ऐसा बजट बनाया जिसमें साम्प्रदायिकता के तत्त्व शामिल थे. नए बजट में व्यापारियों पर 25% कर लगाए गए जिससे कई व्यापार करने वाले हिन्दू क्रोधित हुए. अन्य विभाग के कार्य भी वित्त विभाग के कारण कठिन हो रहे थे. सरदार पटेल ने भी क्षोभ व्यक्त किया कि अपने मंत्रालय में एक चपरासी की नियुक्ति भी वित्त विभाग की स्वीकृति के बिना नहीं हो सकती. भाषा और आंतरिक व्यवस्था के प्रश्न पर भी लीग और कांग्रेस के बीच मतभेद था. दोनों के लिए एक साथ काम करना मुश्किल होता हुआ दिख रहा था.

16 अगस्त का दिन भारतीय इतिहास में एक काला अध्याय के रूप में याद किया जाता है. अंग्रजों की भारत मेंफूट डालो राज करोकी नीति कामयाब हो गईं थी. यह वही दौर था जब आज़ादी के साथ भारत-पकिस्तान के बटवारें को लेकर हर तरफ गहमागहमी का माहौल व्याप्त था.

अगला लेख: हिंदी लेखन का विस्तार ?



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
11 अगस्त 2019
मृत्यु अंतिम सत्य तो अन्त्येष्टि जीवन का आखिरी संस्कार है। इसके लिए लकड़ी की चिता पर अंतिम संस्कार की मान्यता अब पर्यावरण के लिए नुकसानदेह साबित होने लगी है और हजारों की संख्या में पेड़ कटने से जीवन के लिए खतरा दिन-ओ-दिन बढ़ता जा रहा है। हालांकि विद्युत शव दाह गृह का विकल्प दिया गया लेकिन यह विकल्प
11 अगस्त 2019
16 अगस्त 2019
राजस्थान के हरीश जाटव मॉब लिचिंग मामले में हरीश के पिता रत्तीराम जाटव ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है. परिजनों का आरोप है कि मामले में न्याय नहीं मिलने के कारण रत्तीराम जाटव ने ये कदम उठाया. दरअसल राजस्थान के अलवर के भिवाड़ी के झिवाना गांव निवासी हरीश जाटव की मॉब लीचिंग में मौत हो गई थी. घटना 17 जुला
16 अगस्त 2019
29 अगस्त 2019
कोई विशिष्ट स्थान अथवा व्यक्ति से संबंध नहीं आप कई प्रकार की लाभान्वित व्यक्तित्व की श्रेणियों से इसे प्रायोजित कर सकते हैं,उदाहरण के लिए कोई राजनीतिक संगठन के श्रीमान जो हर आयोजन को निज-स्वार्थ प्रयोजन में परिवर्तित कर कुछ जड़शब्दों को चेतन भाव के अभाव में प्राकृतिक पुष्पांजलि अर्पित कर जनता समूह क
29 अगस्त 2019
03 अगस्त 2019
बीतें कुछ महीनों में देश की समरसिता व गंगा-जमुना तहज़ीव में कुछ चक्रवात उपस्तिथ हुए हैं । ये चक्रवात भिन्न-भिन्न छेत्र के महान धर्मनिर्पेक्ष-सेक्युलर-संविधानिक ब्रिटिश-इंडो इण्डियन द्वारा संचालित व प्रसारित कियें गये हैं। वर्तमान मीडिया संस्थानो ने इन चक्रवातों का नाम
03 अगस्त 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x