91 साल पहले आई देश की पहली AC कोच वाली ट्रेन कैसे रहती थी ठंडी ?

31 अगस्त 2019   |  स्नेहा दुबे   (526 बार पढ़ा जा चुका है)

91 साल पहले आई देश की पहली AC कोच वाली ट्रेन कैसे रहती थी ठंडी ?

आज के दौर में तकनीक ने हर क्षेत्र में अपनी जगह बना ली है और ट्रेन तो बस सुपरफास्ट होती ही जा रही है। ट्रेन में सफर करना बहुत आसान हो जाता है और हमें एक रिजर्व सीट मिल जाती है जिसपर हम सोकर बैठकर अपनी उस जगह पर पहुंच जाते हैं जहां पर भी हम जाना चाहते हैं। AC कोच में बैठकर हम ठंडी हवा लेकर हम अपनी मनपसंद जगह पर पहुंच जाते हैं लेकिन ऐसा कब से हुआ और तब के जमाने में तकनीक भी ज्यादा नहीं प्रोग्रेस की थी तो कैसे एसी का कोच ठंडा रह पाता था। आपको शायद पता हो कि भारत में एसी बोगी वाली ट्रेन 91 साल पहले चली थी। ये ट्रेन आज भी पटरियों पर दौड़ रही है और लोगों को उनकी मंजिलों तक पहुंच पाती है। हालांकि अब इसका नाम बदल गया है लेकिन पुरानी शान आज भी कायम है। चलिए बताते हैं उस दौर में कैसे ठंडा रहता है AC कोच?


91 साल पहले AC कोच इस तरह रहता था ठंडा


एसी कोच


1 सितंबर, 1928 को पहली बार चलने वाली देश की एसी बोगी वाली ये ट्रेन जिसका नाम फ्रंटियर मेल (Frontier mail train) थी। इसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने यात्रा की थी. ट्रेन में सबसे अनोखी एसी वाली बोगी थी और बोगी को ठंडा रखने के लिए इसमें बर्फ की सिल्लियां डाली जाती थीं और इस ट्रेन की कहानी भी बहुत रोचक है। फ्रंटियर मेल मुंबई से अफगान बॉर्डर पेशावर तक की लंबी दूरी तय करने वाली होती थी। ये ट्रेन संवस्त्रता आंदोलन की गवाह भी बनी और अंग्रेज अफसरों के अलावा ये आजादी के दीवानों को भी उनकी मंजिल तक पहुंचाती थी। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी एसी बोगी थी जो इस बोगी को शीतल बनाने का काम करती थी और इसके लिए बर्फ की सिल्लियों का प्रयोग किया जाता था। बर्फ की सिल्लियां पिघलने पर अलग-अलग स्टेशनों पर उनका पानी निकालकर फिर से नई बर्फ की सिल्ली लगाई जाती थी। इस बोगी को ठंडा रखने के लिए बर्फ की सिल्लियां रखी जाती थीं और अलग-अलग स्टेशनों पर बदलती थीं। रेलगाड़ी की इस बोगी के नीचे एक बॉक्स लगाया जाता था और इसमें लगा पंखा कोच के सभी कूपों में ठंडक बनाकर रखती थी। साल 1934 में ट्रेनों में एसी लगाए जाने का काम शुरु हुआ था और इस मामले में फ्रंटियर मेल अव्वल रही थी। भारत की पहली एसी डिब्बों वाली रेलगाड़ी होने का गौरव इसे ही मिला था।


एसी कोच


फ्रंटियर मेल ने अपना सफर 1 सितंबर, 1928 को मुंबई के बल्लार्ड पियर मोल रेलवे स्टेशन से अफगान बॉर्डर पेशावर तक शुरु थी और इस 1 सितंबर को इस रेलगाड़ी के 91 साल पूरे हो जाएंगे। ये ट्रेन मुंबई से पेशावर तक 2335 किलोमीटर लंबी यात्रा को 72 घंटों में तय कराती थी और इसकी सबसे बड़ी खूबी ये थी कि ये कभी लेट नहीं चलती थी। रेल अधिकारी एसपी सिंह भाटिया ने बताया कि ब्रिटिश शासन के समय एक बार ये ट्रेन 15 मिनट लेट हो गई थी। इस पर उच्च अधिकारियों के नेतृत्व में जांच बैठाई गई थी। साल 1930 में द टाइम्स समाचार पत्र ने ब्रिटिश साम्राज्य के अंदर चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में फ्रंटियर मेल को सबसे प्रमुख और मशहूर ट्रेन बताया गया था। आजादी के बाद ये ट्रेन अमृतसर और मुंबई के बीच 1869 किलोमीटर की दूरी कय करने वाली बनी और ये दूरी 32 घंटे में तय की जाती थी। मुंबई से पेशावर तक इस रेलगाड़ी के चलने के कारण ही इसका नाम फ्रंटियर मेल रखा गया था, शुरुआती दिनों में इस रेलगाड़ी में अधिकांशत ब्रिटिश साम्राज्य के अधिकारी ही यात्रा करते थे। लंदन से आने वाले अंग्रेज अधिकारियों के जहाज के साथ ही ट्रेन का टिकट भी जुड़ा होता था और इतना ही नहीं सुविधा के लिए इस रेलगाड़ी को समुद्र के किनारे बने बल्लार्ड पियर मोल रेलवे स्टेशन चलाया जाता था, जिससे वो जहाज से उतरने के बाद इसमें बैठ सकें। स्ट्रीम इंजन और लकड़ियों व लोहे के बने कोचों से शुरु हुआ इस रेलगाड़ी का सफर अब बिजली वाले इंजन और आधुनिक कोचों तक पहुंच गया है।


कई सालों पहले बदल गया था नाम


एसी कोच


साल 1996 में फ्रंटियर मेल का नाम बदलकर गोल्डन टेंपल मेल कर दिया गया था। आजादी से पहले ये ट्रेन बंबई, बड़ौदा, रतलाम, मथुरा, दिल्ली, अमृतसर, लाहौर, रावलपिंडी से होते हुए पेशावर जाती थी। इस ट्रेन के मुंबई पहुंचने से पहले स्टेशन की साफ-सफाई के साथ विशेष लाइटें लगती थीं। लाइट्स को देखकर लोग समझ जाते थे कि फ्रंटियर मेल आने वाली है और इतना ही नहीं इस गाड़ी के दिल्ली पहुंचने पर मुंबई के अधिकारियों को टेलीग्राम भेजा जाता था कि रेवगाड़ी सुरक्षित पहुंच गई है।

अगला लेख: पाकिस्तान को हराने के लिए इस खिलाड़ी को मिली थी हाईटेक AUDI, टीम इंडिया ने इस तरह मनाया था जश्न



राकेश रॉय
02 सितम्बर 2019

wah kya baat hai

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
20 अगस्त 2019
हम सभी ने बचपन में शाकाहारी, मांसाहारी और सर्वाहारी के बारे में सुना या पढ़ा होगा। ऐसा सच भी है कि दुनिया में तीन तरह के लोग होते हैं जिसमें एक शाकाहारी होते हैं, दूसरे मांसाहारी और तीसरे सर्वाहारी होते हैं। शकाहारी में सब्जियां, फल और दूध से बनी चीजें आती हैं लेकिन मांसाहारी में मांस, मच्छी के साथ
20 अगस्त 2019
16 अगस्त 2019
हिंदू धर्म में पूजा पाठ का अलग ही स्थान होता है और हर देवता का अलग ही महत्व होता है। यहां सोमवार का दिन शंकर जी, मंगलवार का दिन बजरंगबली, बुधवार का दिन गणेश जी, गुरुवार का दिन विष्णु जी, शुक्रवार का दिन वैभव लक्ष्मी, शनिवार का दिन शनिदेव और रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित होता है। भक्त के जीवन में
16 अगस्त 2019
21 अगस्त 2019
5 अगस्त को मोदी सरकार ने सबसे बड़ा काम किया और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को भारत काे आम राज्य की तरह बना ली है। इसके साथ ही लद्दाख को केंद्र शासित राज्य बनाया और उनके इस काम की सराहना हर तरह कर रहे हैं। कुछ विरोधी भी हैं जो मोदी के इस कदम को ऐतिहासिक और सबसे अच्छा मान रहे हैं। इन स
21 अगस्त 2019
08 सितम्बर 2019
चं
भारत का चंद्रयान 2 मिशन फेल रहा परन्तु यदि यह सफल होता तो इससे आम आदमी को क्या लाभ होता।क्या वह चांद पर जाकर रह सकता था ?क्या वह चांद पर घर खरीद सकता था ?या फिर यह सब झूठी शान दिखाने या नेताओं और पूंजीपतियों द्वारा गरीबों के पैसे पर चांद पर अयाशी करने का माध्यम बनता औ
08 सितम्बर 2019
29 अगस्त 2019
5 अगस्त को भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने सांसद में धारा 370 हटाने का एलान किया और फिर 9 अगस्त को ये बिल लोकसभा में भी पास हो गया। इसके बाद पाकिस्तान और कांग्रेसियों में जो विरोध हो रहा है ये मंजर देखने वाला है। विपक्ष दल में बसपा और सपा ने भाजपा का समर्थन किया था और कांग्रेस के कुछ लोगों ने भी मोदी
29 अगस्त 2019
16 अगस्त 2019
हिंदू धर्म में पूजा पाठ का अलग ही स्थान होता है और हर देवता का अलग ही महत्व होता है। यहां सोमवार का दिन शंकर जी, मंगलवार का दिन बजरंगबली, बुधवार का दिन गणेश जी, गुरुवार का दिन विष्णु जी, शुक्रवार का दिन वैभव लक्ष्मी, शनिवार का दिन शनिदेव और रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित होता है। भक्त के जीवन में
16 अगस्त 2019
19 अगस्त 2019
भारत में क्रिकेट को सबसे ज्यादा तवज्जो दिया जाता है। वैसे तो हॉकी यहां का अस्थायी नेशनल गेम है लेकिन क्रिकेट की दीवानगी हर किसी के सिर चढ़ कर बोलती है। भारतीय क्रिकेट में कपिल देव, सुनील गावस्कर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविण, विरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली
19 अगस्त 2019
20 अगस्त 2019
शादी हर इंसान के जीवन में जरूरी होती है और इसे लोग इस वजह से करते हैं कि एक जीवनसाथी इंसान के जीवन में होना ही चाहिए। जिनके साथ वे सारे सुख-दुख बांटते हुए जीवन को अच्छे से गुजार सकते हैं। महिलाएं अपने पति को लेकर काफी एलर्ट रहती हैं, जैसे उनके खाने का समय, सोने का समय, उठने का समय, घर आने का समय या
20 अगस्त 2019
18 अगस्त 2019
अखंडभारत की परिकल्पना हिंदुत्ववादी संघठन हर वक्त करते है तो सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि अखंडभारत क्या है? अखंडभारत से मतलब है पाकिस्तान और बंगला देश ? नहीं इनकी सोच इससे भी आगे जाती है. अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, नेपाल, तिब्बत,
18 अगस्त 2019
15 सितम्बर 2019
कश्मीर अपना सा लगने लगा| था देश कभी एक, भारत को टुकड़ो में बाटा गया|करके टुकड़ो में हमें, एक बार नहीं, कई बार लूटागया|ब्यापार जब से शुरू हुआ, हम लूटते ही रहे...|अकबर धान,पान, केला, लाया, अयोध्या में मस्जिद बनवाया|कर अमीरों से सौदा, ईस्ट इण्डिया कम्पनी भारतमें बन गई|कर किसानो का दोहन, किसा
15 सितम्बर 2019
16 अगस्त 2019
अटल बिहारी बाजपेयी..राजनीति का एक ऐसा चेहरा जिसकी जगह शायद ही कोई ले पाए। जिन्होंने सोचा तो पत्रकार बनने का था लेकिन आ राजनीति में गए थे। इस वजह से वे पत्रकारों का बहुत सम्मान करते थे और उनसे कहते थे 'जो मैं करना चाहता था वो आप लोग कर रहे हैं।' अटल बिहारी बाजपेयी 16 अगस्त, 2018 को लंबे समय से बीमारी
16 अगस्त 2019
21 अगस्त 2019
दुनिया में बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो अतरंगी काम करके लोगों की नजरों में आना पसंद करते हैं। कोई अजीब सा घर बनाता है तो कोई अजीब सी हरकतें करता है। यहां हम आपको कुछ ऐसी तस्वीरें दिखाएंगे जिन्हें देखने के बाद आपको यही लगेगा आखिर ये बनाने वाला है कहां ? ये तस्वीरें आपको हैरान करने के साथ ही आपकी हंसी
21 अगस्त 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x