कौन बनेगा इंसान (भाग 2 )

09 सितम्बर 2019   |  pradeep   (405 बार पढ़ा जा चुका है)

कथा वाचन एक बहुत बड़ी कला है और जो इस कला का माहिर है उसी का राज है. आप को अगर कथा वाचन नहीं आता तो आपकी सच्चाई भी झूठ है, और कथा वाचक की कथा में कुछ हो ना या हो पर भक्तों पर उसका असर ज़रूर पढ़ता है. भक्ति में सच्चाई को नहीं ढूंढा जाता यदि सच्चाई ढूंढी जाए तो वो भक्ति ही क्या? भक्ति में सवाल नहीं करे जाते, मिट्टी की मूरत को भी भगवान् माना जाता है क्योकि यह विश्वास का विषय है. वेदों, पुराणों पर सवाल नहीं किये जा सकते यह हमारी आस्था का सवाल है. आस्था है क्या? क्यों होती है आस्था? आस्था का यह भ्र्म कहाँ से आया? किसने आस्था पैदा करी सब भक्तों के मन में? नास्तिक और आस्तिक में फर्क क्या है? नास्तिक होने का मतलब कतई नहीं कि ईश्वर में विश्वास नहीं, मतलब है पाखण्ड में विश्वास नहीं, आस्तिक का मतलब यह नहीं कि उसे ईश्वर पर विश्वास है बल्कि उसे पाखण्ड पर विश्वास है, उसे आध्यात्मिक विचारों पर नहीं भौतिकवाद में विश्वास है. हिन्दू कोई धर्म नहीं है, इसका कोई भी प्रमाण नहीं है. हिन्दू शब्द भी संस्कृत का शब्द नहीं है, जबकि हम अपने धर्म की भाषा संस्कृत मानते है. हिन्दुओं के अनुसार वेद सबसे पुराने है और उन वेदों में हिन्दू शब्द नहीं आता. वेदों को ही अगर पुराना धर्म मान ले तो कह सकते है कि वह वैदिक धर्म रहा होगा, वैदिक धर्म में यज्ञ किया जाता है ना कि पूजा, विशेषकर मूर्ति पूजा. पूजा शब्द भी संस्कृत का नहीं है और वैदिक धर्म में पूजा करना निषेध है. यह पूजा शब्द कहा से आया? कौन लोग थे जो पूजा करते थे, मंदिर बनाते थे? आर्य एक जगह नहीं रहते थे इसलिए वो ना तो नगर बसाते थे और ना ही मंदिर, फिर यह मंदिर बनाने की प्रथा कैसे आई? जवाब का इंतज़ार रहेगा. (आलिम)

अगला लेख: कलयुग



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
07 सितम्बर 2019
रा
राजतंत्र से भारत ने सफर शुरू किया था और लोकतंत्र तक पहुँच गया था, क्या अब फिर से हम राजतंत्र की तरफ वापिस जा रहे है? बहुत से लोगो के ही नहीं सबके मन में यह विचार ज़रूर उठेगा कि अब वापिस राजतंत्र का आना नामुमकिन है, राजतंत्र के बाद हम गुलामी की ओर
07 सितम्बर 2019
09 सितम्बर 2019
कौ
कुछ सवाल आप के नाम, इन सवालों का जवाब दे कर आप करोड़ पति तो नहीं बनेगे पर इंसान ज़रूर बनेगे. 1. अंगुलिमाल की कहानी के बारे में क्या जानते है? 2. महात्मा बुद्ध की हत्याओं का षड्यंत्र कब कब और किसने रचा था? 3. महाराजा हर्षवर्धन के बौद्ध समांगम पर हमला
09 सितम्बर 2019

शब्दनगरी से जुड़िये आज ही

सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x