एक लड़की

13 सितम्बर 2019   |  tejaswi यदलपति   (7417 बार पढ़ा जा चुका है)

लड़की हैं वोह कोई खिलौना नहीं

जज़्बात हैं उसकी भी कोई मज़ाक नहीं

जताने के लिए वोह कोई हक़ नहीं

इंसान हैं वह कोई अमानत नहीं

अगला लेख: वक़्त



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
15 सितम्बर 2019
💐💐 "एतवार पर एतबार" 💐💐 समेट पलकों को रखूँ कहाँ? पलकों को कैद तुमने जो कर रखा है। खुला है सदा- दरवाज़ा दिल का,दिल में एक कोना महफूज़ तेरा रखा है।।💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐काश हमें बाजू से--हर गुज़रने वालों की--अनसुनी धड़कनों का--जरा भी अहसास होता।दुजों के लबों पे--आए मुस्कान बस--ये हमारा मुक
15 सितम्बर 2019
21 सितम्बर 2019
वक़्त में छुपा हैं एक अनोखा राज़ ढूंढा तोह मिला नै वह कल आज पुछा में ने उस से वह बात उसने कहा में ही दर्द का मरहम भी और उसके साथ जीने की वजह भी .
21 सितम्बर 2019
18 सितम्बर 2019
कुछ हंसना था कुछ रोना था ए ज़िंदगी तेरे साथ , लिखना था ज़माने को फूलों का पैग़ाम तेरे साथ , इतनी ईमानदारी क्यों दिखाया मौत को किसलिए , "रंजन" को जब जाना होगा मिलेगा क्या तेरे साथ !! https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com https
18 सितम्बर 2019
21 सितम्बर 2019
वि
बीत गये दिन शांति पाठ के,तुमुल युद्ध के बज उठे नगाड़े।विश्व प्रेम से ओत - प्रोत आजपश्चिम उत्तर से वीर दहाड़े।।विश्व बंधुत्व महालक्ष्य हमारा,नहीं बचे एक भी सर्वहारा।जातिवादिता और आरक्षण हटाओ।यह चक्रव्यूह तोड़ मानवता लाओ।।हर घर तक अन्न पहुचाँ कर हीं,हे मानववादियों! अन्न खाओ।।शांति तो श्मशान में हीं होती
21 सितम्बर 2019
25 सितम्बर 2019
न्याय की आशाहर ओर हताशाप्रक्रिया है ढीलीडगर पथरीलीभटकते हैं दर-दरनहीं मिलता न्यायबांधे आंखों पर पट्टीखड़ी न्याय की देवीबाहुबल,धनबल काद्वारपाल है न्यायसूनी आंखें देखें सपनेबीतेंगे सदियां टूटे सपनेन्याय है स्वप्न इस व्यवस्था मेंअन्याय छुपा न्याय केमुखौटों मेंन्याय हार जाता हैअन्याय जीत जाता हैधूल चाटत
25 सितम्बर 2019
17 सितम्बर 2019
जय हो- अमर सृजन होदग्ध मानवता- रक्षित होअष्टपाश- सट् ऋपु मुर्छित हों''नवचक्र'' आह्वाहन जागृत होंकीर्तित्व उजागर - बर्धित होंशंखनाद् प्रचण्ड, कुण्डल शोभित होंकवि का हृदयांचल अजर - अमर होजय हो! 'वीणा वादनी' की जय हो!! 🙏 डॉ. कवि कुमार निर्मल 🙏
17 सितम्बर 2019
17 सितम्बर 2019
"हमारा संबंध", को प्रतिलिपि पर पढ़ें :https://hindi.pratilipi.com/story/srpcyca7uvmf?utm_source=android&utm_campaign=content_shareभारतीय भाषाओमें अनगिनत रचनाएं पढ़ें, लिखें और सुनें, बिलकुल निःशुल्क!
17 सितम्बर 2019
18 सितम्बर 2019
जीवन की रामकहानी कितने ही दिन मास वर्ष युग कल्प थक गए कहते कहते पर जीवन की रामकहानी कहते कहते अभी शेष है || हर क्षण देखो घटता जाता साँसों का यह कोष मनुज का और उधर बढ़ता जाता है वह देखो व्यापार मरण का ||सागर सरिता सूखे जाते, चाँद सितारे टूटे जाते पर पथराई आँखों में कुछ बहता पानी अभी शेष है ||एक ईं
18 सितम्बर 2019
31 अगस्त 2019
जवाँ आँखों का मंज़र खो गया हैहर एक अहसास खंज़र हो गया है...तमन्ना थी खिले बाग़-ए-चमन कीमग़र दिल एक बंज़र हो गया है...तृप्ति की इक बूँद पाने की ललक मेंसमूचा मन समन्दर हो गया है...न जाने कौन सा मोती लुटा है बड़ा सुनसान अन्दर हो गया है....!..............✍💔✍..…..........
31 अगस्त 2019
21 सितम्बर 2019
वक़्त में छुपा हैं एक अनोखा राज़ ढूंढा तोह मिला नै वह कल आज पुछा में ने उस से वह बात उसने कहा में ही दर्द का मरहम भी और उसके साथ जीने की वजह भी .
21 सितम्बर 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
02 सितम्बर 2019
21 सितम्बर 2019
23 सितम्बर 2019
सो
23 सितम्बर 2019
17 सितम्बर 2019
19 सितम्बर 2019
08 सितम्बर 2019
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x